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ऑक्सीजन का खाली सिलेंडर लगाया, थमी सांसें
Updated Mon, 19 Jun 2017 11:55 AM IST
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एसएन मेडिकल कालेज
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज में कर्मचारियों की लापरवाही की रविवार को इंतेहा हो गई। इमरजेंसी में भर्ती मरीज को ऑक्सीजन का खाली सिलेंडर लगा दिया। जिससे उसने दम तोड़ दिया। मौत के बाद परिजनों ने इमरजेंसी स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। पीड़ित सोमवार को कॉलेज प्रशासन और डीएम के यहां शिकायत करेंगे।
दरेसी निवासी और पेशे से ट्रांसपोर्टर रजनीश शर्मा (59) को रविवार सुबह हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हुई। सांस लेने में भी तकलीफ होने पर परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर दौड़े। यहां इलाज की सुविधा नहीं मिलने पर इमरजेंसी के लिए रेफर कर दिया। करीब साढ़े बारह बजे परिजन मरीज को लेकर इमरजेंसी पहुंचे। मरीज के बेटे अमर शर्मा का आरोप है कि पिता को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी।
डॉक्टर ने आक्सीजन लगाने को कहा, लेकिन यहां ऑक्सीजन से भरा कोई सिलेंडर नहीं था। पांच सिलेंडर लगाकर चेक किए गए, लेकिन एक में भी आक्सीजन नहीं मिली। इसी बीच पिता ने दम तोड़ दिया। यह देख परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस भी पहुंच गई है और पीड़ितों को शांत कराया। अमर ने बताया कि वह सिविल डिफेंस के सदस्य हैं। बताया कि रविवार होने के चलते प्राचार्य कार्यालय बंद था, सोमवार को डीएम और प्राचार्य से शिकायत की जाएगी।
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इमरजेंसी में आक्सीजन सिलेंडर का पर्याप्त मात्रा में भंडार रहता है। मौके पर 17 सिलेंडर भरे रखे थे। खाली सिलेंडर लगाने का आरोप पूरी तरह से निराधार है। इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई।
-डॉ. अजय अग्रवाल, एसआईसी, एसएन मेडिकल कालेज
दो साल पहले कैंसर विभाग में हो चुकी है घटना
एसएन में ऑक्सीजन का खाली सिलेंडर लगाने की यह पहली घटना नहीं थी। इससे पहले 2015 में भी कैंसर रोग विभाग में भी ऐसे ही लापरवाही देखने को मिली थी। तब शादाबाद के 26 साल के मरीज सुनील को भी ऑक्सीजन का खाली सिलेंडर लगा दिया गया था। मरीज की दम घुटने से मौत हो गई थी। जांच में आरोपी वार्ड ब्वाय और नर्स की लापरवाही सामने आई थी। कार्रवाई के नाम पर इनका सिर्फ स्थानांतरण किया गया।
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दरेसी निवासी और पेशे से ट्रांसपोर्टर रजनीश शर्मा (59) को रविवार सुबह हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हुई। सांस लेने में भी तकलीफ होने पर परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर दौड़े। यहां इलाज की सुविधा नहीं मिलने पर इमरजेंसी के लिए रेफर कर दिया। करीब साढ़े बारह बजे परिजन मरीज को लेकर इमरजेंसी पहुंचे। मरीज के बेटे अमर शर्मा का आरोप है कि पिता को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी।
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डॉक्टर ने आक्सीजन लगाने को कहा, लेकिन यहां ऑक्सीजन से भरा कोई सिलेंडर नहीं था। पांच सिलेंडर लगाकर चेक किए गए, लेकिन एक में भी आक्सीजन नहीं मिली। इसी बीच पिता ने दम तोड़ दिया। यह देख परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस भी पहुंच गई है और पीड़ितों को शांत कराया। अमर ने बताया कि वह सिविल डिफेंस के सदस्य हैं। बताया कि रविवार होने के चलते प्राचार्य कार्यालय बंद था, सोमवार को डीएम और प्राचार्य से शिकायत की जाएगी।
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इमरजेंसी में आक्सीजन सिलेंडर का पर्याप्त मात्रा में भंडार रहता है। मौके पर 17 सिलेंडर भरे रखे थे। खाली सिलेंडर लगाने का आरोप पूरी तरह से निराधार है। इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई।
-डॉ. अजय अग्रवाल, एसआईसी, एसएन मेडिकल कालेज
दो साल पहले कैंसर विभाग में हो चुकी है घटना
एसएन में ऑक्सीजन का खाली सिलेंडर लगाने की यह पहली घटना नहीं थी। इससे पहले 2015 में भी कैंसर रोग विभाग में भी ऐसे ही लापरवाही देखने को मिली थी। तब शादाबाद के 26 साल के मरीज सुनील को भी ऑक्सीजन का खाली सिलेंडर लगा दिया गया था। मरीज की दम घुटने से मौत हो गई थी। जांच में आरोपी वार्ड ब्वाय और नर्स की लापरवाही सामने आई थी। कार्रवाई के नाम पर इनका सिर्फ स्थानांतरण किया गया।