Agra: पुनर्मूल्यांकन के नाम पर बीएचएमएस के 78 फीसदी छात्र कर दिए थे पास, एसटीएफ से शिकायत
परीक्षा समिति के वरिष्ठ सदस्य प्रो. प्रदीप श्रीधर ने कुलपति और एसटीएफ को शिकायत पत्र भेजा है। आरोप है कि बीएचएमएस की मुख्य परीक्षा में फेल 78 फीसदी छात्रों को पुनर्मूल्यांकन में पास कर दिया गया। तत्कालीन कुलपति प्रो. विनय पाठक ने डिजिटल पुनर्मूल्यांकन कराया था।
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति रहे प्रो. विनय पाठक ने नियम विरुद्ध बीएचएमएस का पुनर्मूल्यांकन कराया था। इसमें फर्जीवाड़ा करते हुए शत-प्रतिशत छात्रों को पास करा दिया, जबकि मुख्य परीक्षा में महज 22 फीसदी छात्र पास हुए थे। इनके फैसले को सही ठहराने के लिए रिकॉर्ड से भी छेड़छाड़ की। ये आरोप लगाते हुए परीक्षा समिति के वरिष्ठ सदस्य ने एसटीएफ से शिकायत की है।
परीक्षा समिति के वरिष्ठ सदस्य प्रो. प्रदीप श्रीधर ने कुलपति और एसटीएफ को शिकायत पत्र भेजा है। आरोप है कि बीएचएमएस की मुख्य परीक्षा में करीब 1400 छात्र शामिल हुए। इसमें 22 फीसदी छात्र पास और 78 फीसदी फेल हो गए। डीन होम्योपैथी के पत्र के आधार पर तत्कालीन कुलपति प्रो. विनय पाठक ने डिजिटल पुनर्मूल्यांकन कराया, जिसमें फेल 78 फीसदी छात्र भी पास हो गए और परिणाम 100 फीसदी हो गया।
पुनर्मूल्यांकन का नियम नहीं
जबकि विश्वविद्यालय में पुनर्मूल्यांकन का नियम नहीं है। संबंधित छात्र शुल्क देकर चुनौती मूल्यांकन ही करा सकता है। उनके निर्णय को सही साबित करने के लिए परीक्षा समिति की बैठक में प्रति कुलपति प्रो. अजय तनेजा और परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश के हस्ताक्षर के नीचे दर्ज निर्णय की तिथि को काटकर नई तिथि अंकित कर दी।