{"_id":"5ace36314f1c1bca3d8b4928","slug":"71523463729-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"52 अवैध तमंचा एवं दो रायफल बरामद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
52 अवैध तमंचा एवं दो रायफल बरामद
Updated Wed, 11 Apr 2018 10:59 PM IST
विज्ञापन
52 अवैध तमंचा एवं दो रायफल बरामद
- फोटो : अमर उजाला
कासगंज।
जिले में पुलिस को अवैध शस्त्र फैक्ट्री संचालित होने की कार्रवाई में बड़ी सफलता हासिल हुई है। पुलिस ने शस्त्र बनाने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 52 अवैध तमंचा एवं दो रायफल बरामद की हैं। शस्त्र बनाने के उपकरण व अध बने शस्त्र भी बरामद हुए हैं।
डीआईजी पीयूष कुमार श्रीवास्तव ने इस मामले में प्रेस कांफ्रेंस कर पत्रकारों को भंडाफोड़ की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में अवैध शस्त्र बरामदगी की यह सबसे बड़ी कार्रवाई है। उन्होंने बताया कि सहावर के थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह एवं इंटेलिजेंस विंग के प्रभारी मुकेश सोलंकी पुलिस टीम के साथ सूचना पर सादिकपुर के जंगल में पहुंचे।
जहां शस्त्र फैक्ट्री की घेरा बंदी कर दविश दी। पुलिस ने मौके से अवैध शस्त्र तैयार करने वाले दो आरोपी हरीश चंद्र पुत्र नत्थू लाल एवं राम किशोर पुत्र बाबूराम निवासी ग्राम कहरई थाना कंपिल जनपद फर्रुखाबाद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने शस्त्र फैक्ट्री से 51 अवैध तमंचे 315 बोर, एक तमंचा 7.62 एमएम एसएलआर बोर एवं दो रायफल 315 बोर बरामद की है। इसके अलावा अधबने शस्त्र व शस्त्र बनाने के उपकरण भी बरामद किए हैं। डीआईजी ने बताया कि ये लोग पड़ोसी जनपदों के अलावा राजस्थान तक अवैध असलाहों की एजेंटों के माध्यम से बिक्री करते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि राजस्थान में रहने वाले बाबरिया गिरोह तक सप्लाई का नेटवर्क है। बताया गया कि एक तमंचा डेढ़ हजार से ढाई हजार रुपये तक बेचा जाता है। काफी अच्छी किस्म के अवैध हथियार बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस इनके पूरे नेटवर्क का पूछताछ करके ब्यौरा बना रही है। तमंचों की सप्लाई के काम में लगे एजेंटों और खरीदारों का ब्यौरा भी एकत्रित किया जा रहा है जिससे पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचा जा सके।
एडीजी ने 25 हजार तो डीआईजी ने दिया 10 हजार का इनाम
एडीजी आगरा अजय आनंद ने सहावर थाना पुलिस एवं इंटैलिजेंस विंग पुलिस टीम के सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए 25 हजार के पुरस्कार की घोषणा की है। वहीं डीआईजी पीयूष कुमार श्रीवास्तव ने 10 हजार रुपये के पुरस्कार की पुलिस टीम के लिए घोषणा की है। डीआईजी ने बताया कि पुलिस महानिदेशक ने भी सराहनीय कार्य के लिए प्रशंसा व्यक्त की है।
टीम में ये रहे शामिल
अवैध शस्त्र फैक्ट्री की बरामदगी में सहावर के निरीक्षक संतोष कुमार, इंटेलिजेंस विंग प्रभारी क्षेत्र सोलंकी, उप निरीक्षक शिव कुमार, एचसीपी जंग बहादुर, आरक्षी अवधेश कुमार, अशोक कुमार, विनीत कुमार, दिनेश कुमार, दिनेश रावत, महेश कुमार, रमाकांत, प्रशांत कुमार, पंकज कुमार, रामवीर, लोकेंद्र सिंह, नत्थू सिंह एवं अजंट सिंह शामिल रहे।
विज्ञापन
जिले में पुलिस को अवैध शस्त्र फैक्ट्री संचालित होने की कार्रवाई में बड़ी सफलता हासिल हुई है। पुलिस ने शस्त्र बनाने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 52 अवैध तमंचा एवं दो रायफल बरामद की हैं। शस्त्र बनाने के उपकरण व अध बने शस्त्र भी बरामद हुए हैं।
डीआईजी पीयूष कुमार श्रीवास्तव ने इस मामले में प्रेस कांफ्रेंस कर पत्रकारों को भंडाफोड़ की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में अवैध शस्त्र बरामदगी की यह सबसे बड़ी कार्रवाई है। उन्होंने बताया कि सहावर के थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह एवं इंटेलिजेंस विंग के प्रभारी मुकेश सोलंकी पुलिस टीम के साथ सूचना पर सादिकपुर के जंगल में पहुंचे।
विज्ञापन
जहां शस्त्र फैक्ट्री की घेरा बंदी कर दविश दी। पुलिस ने मौके से अवैध शस्त्र तैयार करने वाले दो आरोपी हरीश चंद्र पुत्र नत्थू लाल एवं राम किशोर पुत्र बाबूराम निवासी ग्राम कहरई थाना कंपिल जनपद फर्रुखाबाद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने शस्त्र फैक्ट्री से 51 अवैध तमंचे 315 बोर, एक तमंचा 7.62 एमएम एसएलआर बोर एवं दो रायफल 315 बोर बरामद की है। इसके अलावा अधबने शस्त्र व शस्त्र बनाने के उपकरण भी बरामद किए हैं। डीआईजी ने बताया कि ये लोग पड़ोसी जनपदों के अलावा राजस्थान तक अवैध असलाहों की एजेंटों के माध्यम से बिक्री करते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि राजस्थान में रहने वाले बाबरिया गिरोह तक सप्लाई का नेटवर्क है। बताया गया कि एक तमंचा डेढ़ हजार से ढाई हजार रुपये तक बेचा जाता है। काफी अच्छी किस्म के अवैध हथियार बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस इनके पूरे नेटवर्क का पूछताछ करके ब्यौरा बना रही है। तमंचों की सप्लाई के काम में लगे एजेंटों और खरीदारों का ब्यौरा भी एकत्रित किया जा रहा है जिससे पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचा जा सके।
एडीजी ने 25 हजार तो डीआईजी ने दिया 10 हजार का इनाम
एडीजी आगरा अजय आनंद ने सहावर थाना पुलिस एवं इंटैलिजेंस विंग पुलिस टीम के सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए 25 हजार के पुरस्कार की घोषणा की है। वहीं डीआईजी पीयूष कुमार श्रीवास्तव ने 10 हजार रुपये के पुरस्कार की पुलिस टीम के लिए घोषणा की है। डीआईजी ने बताया कि पुलिस महानिदेशक ने भी सराहनीय कार्य के लिए प्रशंसा व्यक्त की है।
टीम में ये रहे शामिल
अवैध शस्त्र फैक्ट्री की बरामदगी में सहावर के निरीक्षक संतोष कुमार, इंटेलिजेंस विंग प्रभारी क्षेत्र सोलंकी, उप निरीक्षक शिव कुमार, एचसीपी जंग बहादुर, आरक्षी अवधेश कुमार, अशोक कुमार, विनीत कुमार, दिनेश कुमार, दिनेश रावत, महेश कुमार, रमाकांत, प्रशांत कुमार, पंकज कुमार, रामवीर, लोकेंद्र सिंह, नत्थू सिंह एवं अजंट सिंह शामिल रहे।