फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   स्वर्ण रजत हिंडोले में विराजे जन-जन के आराध्य

स्वर्ण रजत हिंडोले में विराजे जन-जन के आराध्य

Tue, 14 Aug 2018 09:08 PM IST
Updated Tue, 14 Aug 2018 09:08 PM IST
विज्ञापन
स्वर्ण रजत हिंडोले में विराजे जन-जन के आराध्य
डेमो
वृंदावन (मथुरा)। हरियाली तीज के पर्व पर जब ब्रज के लाडले ठाकुर श्री बांके बिहारी महाराज मंगलवार को सुबह और शाम स्वर्ण रजत हिंडोले में विराजे तो भक्तों की खुशी का ठिकाना न रहा। अपने आराध्य को श्रद्धा और भक्ति की डोर से झुलाने की मानो होड़ लग गई।
विज्ञापन


पहली बार ठाकुर बांकेबिहारी के सुबह हुए हिंडोले के दर्शन के लिए देश विदेश से असंख्य श्रद्धालु आराध्य को देख भर लेने की आशा लिए पट खुलने से घंटों पहले ही मंदिर के गेट पर पहुंच गए।
विज्ञापन


मंगलवार की सुबह 7:45 बजे जैसे ही मंदिर के पट खुले वैसे ही श्रद्धालुओं का समुद्र मंदिर में प्रवेश कर गया। ठाकुर बांकेबिहारी के जयकारों का उद्घोष आस्था के समुद्र को प्रमाणित कर रहा था। मंदिर में सुगंधित इत्रों की महक से श्रद्धालुओं का मन आनंदित हो रहा था। दर्शनों का यह क्रम दोपहर राजभोग आरती के समय दो बजे तक रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद शाम शयन भोग के दर्शन के लिए भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। महिलाएं मंगलगीत और बधाई गायन कर पट खुलने का इंतजार करती दिखाई दीं। पांच बजे तक मंदिर के सभी प्रवेश गेटों पर भीड़ बढ़ती गई। हरे वस्त्र और स्वर्ण आभूषण धारण किए ठाकुरजी भी अपने स्वर्ण रजत हिंडोले में विराजमान हो भक्तों को दर्शन दे रहे थे।


थककर लाड़ले ने सुखसेज पर किया विश्राम
वृंदावन। वर्षभर में एक बार स्वर्ण हिंडोले में भक्तों को दर्शन देने के बाद ठाकुर बांके बिहारी जी महाराज ने दोपहर राजभोग आरती और रात शयनभोग आरती के बाद थककर सुखसेज पर विश्राम किया। मंदिर सेवायत प्रह्लाद गोस्वामी ने बताया कि सुखसेज पर ठाकुरजी सेवा में चांदी के कलश में जल, रजत कंघी, आदमकद रजत आइना, पान का बीड़ा तथा लड्डू निवेदित किए गए। सुखसेज के बराबर में सुहाग पिटारी और सोने की नथ भी रखी गई है। उन्होंने बताया कि हिंडोले में विराजे ठाकुरजी थक जाते हैं तो उन्हें सुखसेज पर ले जाया जाता है। सेवायत कुछ समय तक ठाकुरजी की इत्र से मालिश कर थकान उतारते हैं। इसके बाद ठाकुरजी विश्राम के लिए चले जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed