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शौचालय निर्माण की सूची में मिले पांच हजार फर्जी लाभार्थी
Updated Fri, 24 Aug 2018 10:48 PM IST
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फिरोजाबाद। वर्ष 2011 में निर्मल भारत अभियान के तहत शौचालय निर्माण के लाभार्थियों की सूची के सर्वे में फर्जीवाड़ा सामने आया है। बेसलाइन सर्वे के मुताबिक करीब पांच हजार ऐसे लोगों ने सूची में अपना नाम शामिल कराए। जिनके यहां पहले से शौचालय बने थे। मामला पकड़ में आने के बाद डीपीआरओ ने स्वच्छ भारत मिशन निदेशक को पत्र लिखा है।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2011 में निर्मल भारत अभियान शुरू किया था। अभियान के तहत आर्थिक एवं समाजिक रूप से कमजोर तबके के लोगों को निशुल्क शौचालय योजना का लाभ देने के लिए बेसलाइन सर्वे कराया गया। सर्वे के बाद तैयार हुई जिला स्तरीय सूची में लगभग दो लाख 42 हजार लोग पात्रता सूची में शामिल किए गए थे। बेसलाइन सर्वे सूची की कुछ दिन पहले जिला स्तर पर समीक्षा हुई। समीक्षा के दौरान जिले की 53 ग्राम पंचायतों में 4964 लोग योजना की अपात्र श्रेणी के मिले हैं। इनमें से कई लोग सर्वे के दौरान मौके पर नहीं मिले।
या फिर उस गांव के निवासी ही नहीं हैं। सूची में दर्ज कई लोग योजना का लाभ मिलने से पहले मृत पाए गए। ऐसे सभी 4964 लोगों को योजना का अपात्र मानते हुए बेसलाइन सर्वे सूची से अलग कर पात्रों के नाम सूची में शामिल होंगे। 2011 में हुए बेसलाइन सर्वे की सूची की समीक्षा की गई है। जो लोग अपात्रता की श्रेणी में मिले हैं उनके नाम पात्रता सूची से काट कर नए पात्रों को चयनित कर योजना का लाभ दिया जाएगा।
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गिरीश चंद्र डीपीआरओ
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केंद्र सरकार ने वर्ष 2011 में निर्मल भारत अभियान शुरू किया था। अभियान के तहत आर्थिक एवं समाजिक रूप से कमजोर तबके के लोगों को निशुल्क शौचालय योजना का लाभ देने के लिए बेसलाइन सर्वे कराया गया। सर्वे के बाद तैयार हुई जिला स्तरीय सूची में लगभग दो लाख 42 हजार लोग पात्रता सूची में शामिल किए गए थे। बेसलाइन सर्वे सूची की कुछ दिन पहले जिला स्तर पर समीक्षा हुई। समीक्षा के दौरान जिले की 53 ग्राम पंचायतों में 4964 लोग योजना की अपात्र श्रेणी के मिले हैं। इनमें से कई लोग सर्वे के दौरान मौके पर नहीं मिले।
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या फिर उस गांव के निवासी ही नहीं हैं। सूची में दर्ज कई लोग योजना का लाभ मिलने से पहले मृत पाए गए। ऐसे सभी 4964 लोगों को योजना का अपात्र मानते हुए बेसलाइन सर्वे सूची से अलग कर पात्रों के नाम सूची में शामिल होंगे। 2011 में हुए बेसलाइन सर्वे की सूची की समीक्षा की गई है। जो लोग अपात्रता की श्रेणी में मिले हैं उनके नाम पात्रता सूची से काट कर नए पात्रों को चयनित कर योजना का लाभ दिया जाएगा।
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गिरीश चंद्र डीपीआरओ