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44 हिस्सों में बंटा घटवासन का 189 बीघा बीहड़
अमर उजाला ब्यूरो आगरा
Updated Fri, 03 Mar 2017 11:46 PM IST
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जमीन
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आजादी से पहले कमला नगर और इसके आस-पास का पूरा क्षेत्र बीहड़ था। तहसील के रिकार्ड के मुताबिक 1331 फसली में गाटा संख्या 317 का 189 बीघा 0.15 विस्वा क्षेत्र भी इसमें शामिल था। मगर, समय के साथ यहां आबादी में परिवर्तित हो गया। इस गाटा संख्या की बीहड़ की जमीन 44 हिस्सों में बंट गई। जहां वर्तमान में तमाम कालोनियां विकसित हो गई हैं। भूमाफिया इसी के एक हिस्से को ठिकाने लगाने की कोशिश में लगे थे।
यह खुलासा मौजा घटवासन, कमला नगर की सरकारी जमीन पर भूमाफिया द्वारा किए जा रहे कब्जे के खुलासे के बाद जांच में हुआ। इस खुलासे से प्रशासन हिल गया। अधिकारियों के आदेश पर आनन-फानन में पुरानी फाइलें खंगाली जा रही हैं। भूमाफिया बेशकीमती सरकारी जमीन पर कब्जा जमाना चाहते हैं। इनकी कोशिशें काफी समय पहले से चल रही हैं।
15 फरवरी 2014 को तत्कालीन मंडलायुक्त के 11 नवंबर 2013 के आदेश पर अपीलकर्ता बाबूलाल के नाम 317/1 रकवा चार बीघा 18 विस्वा को राजस्व अभिलेखों में इंद्राज करने के लिए परवाना अमलदरामद मिला था। इस पर तत्कालीन काननूगो ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि मौजा घटवासन के वर्तमान खतौनी 1418-1423 में गाटा संख्या 317/1 रकवा चार बीघा 18 विस्वा अंकित नहीं है। गाटा संख्या 317 भिन्न-भिन्न 44 खातों में बंटी है। इस गाटा की क्रमांक संख्या 1 से 44 तक के खाते व्यक्तिगत खातेदारों की भूमि है तथा क्रमांक 41 से 44 तक खातों में सरकारी भूमि अंकित है। इस पर तत्कालीन तहसीलदार ने भी इस रिपोर्ट पर सहमति जताते हुए बाबूलाल का नाम चढ़ाने पर पुनर्विचार करने के लिए एसडीएम को लिखा था। इसके बावजूद न तो नगर निगम ने अपनी जमीन को बचाने के लिए मशक्कत शुरू की और न ही प्रशासन ने कोई कदम उठाया।
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इनके नाम हैं गाटा संख्या 317 के भिन्न-भिन्न खाते
शुभम सहकारी आवास समिति के नाम दो खाते, शंकरलाल, शैलेंद्र कुमार आदि, सहकारी गृह. आवास समिति, अनुपम, ईश्वर आदि, अंजली सहकारी, कृषक सहकारी आवास, खेमचंद, डा. गिरधर शर्मा, गुरूप्रसाद आदि, गंगोत्री सहकारी आवास, चेतराम आदि के नाम दो खाते, जनसंकल्प सहकारी आवास, जगदीश आदि, जितेंद्र कुमार तिवारी, टुंडाराम आदि, डाक्टर्स सहकारी आवास समिति, दीनानाथ, दाताराम आदि, निनूराम आदि, निरोत्तम आदि, निनुआराम आदि, नेशनल को.हा.सो., प्रताप सिंह आदि, विशिष्ट सहकारी आवास समिति लिमिटेड, बाबूलाल आदि के नाम दो खाते, मधुवन नगर सहकारी आवास समिति, माया नगर सहकारी आवास समिति आदि, यशपाल आदि, यादव सिंह आदि, रेखा तिवारी, रामप्रसाद आदि, शुभम सहकारी आवास समिति, सपना सहकारी आवास समिति, गोशाला सोसायटी, उत्तर प्रदेश सरकार, आबादी, रास्ता और बीहड़ (टीला)।
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इस जमीन से जुड़े सभी तथ्यों की जांच कराई जा रही हैं। पुरानी फाइलें निकवाई जा रही हैं।
- विश्वेश्र सिंह, तहसीलदार, सदर
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यह खुलासा मौजा घटवासन, कमला नगर की सरकारी जमीन पर भूमाफिया द्वारा किए जा रहे कब्जे के खुलासे के बाद जांच में हुआ। इस खुलासे से प्रशासन हिल गया। अधिकारियों के आदेश पर आनन-फानन में पुरानी फाइलें खंगाली जा रही हैं। भूमाफिया बेशकीमती सरकारी जमीन पर कब्जा जमाना चाहते हैं। इनकी कोशिशें काफी समय पहले से चल रही हैं।
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15 फरवरी 2014 को तत्कालीन मंडलायुक्त के 11 नवंबर 2013 के आदेश पर अपीलकर्ता बाबूलाल के नाम 317/1 रकवा चार बीघा 18 विस्वा को राजस्व अभिलेखों में इंद्राज करने के लिए परवाना अमलदरामद मिला था। इस पर तत्कालीन काननूगो ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि मौजा घटवासन के वर्तमान खतौनी 1418-1423 में गाटा संख्या 317/1 रकवा चार बीघा 18 विस्वा अंकित नहीं है। गाटा संख्या 317 भिन्न-भिन्न 44 खातों में बंटी है। इस गाटा की क्रमांक संख्या 1 से 44 तक के खाते व्यक्तिगत खातेदारों की भूमि है तथा क्रमांक 41 से 44 तक खातों में सरकारी भूमि अंकित है। इस पर तत्कालीन तहसीलदार ने भी इस रिपोर्ट पर सहमति जताते हुए बाबूलाल का नाम चढ़ाने पर पुनर्विचार करने के लिए एसडीएम को लिखा था। इसके बावजूद न तो नगर निगम ने अपनी जमीन को बचाने के लिए मशक्कत शुरू की और न ही प्रशासन ने कोई कदम उठाया।
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इनके नाम हैं गाटा संख्या 317 के भिन्न-भिन्न खाते
शुभम सहकारी आवास समिति के नाम दो खाते, शंकरलाल, शैलेंद्र कुमार आदि, सहकारी गृह. आवास समिति, अनुपम, ईश्वर आदि, अंजली सहकारी, कृषक सहकारी आवास, खेमचंद, डा. गिरधर शर्मा, गुरूप्रसाद आदि, गंगोत्री सहकारी आवास, चेतराम आदि के नाम दो खाते, जनसंकल्प सहकारी आवास, जगदीश आदि, जितेंद्र कुमार तिवारी, टुंडाराम आदि, डाक्टर्स सहकारी आवास समिति, दीनानाथ, दाताराम आदि, निनूराम आदि, निरोत्तम आदि, निनुआराम आदि, नेशनल को.हा.सो., प्रताप सिंह आदि, विशिष्ट सहकारी आवास समिति लिमिटेड, बाबूलाल आदि के नाम दो खाते, मधुवन नगर सहकारी आवास समिति, माया नगर सहकारी आवास समिति आदि, यशपाल आदि, यादव सिंह आदि, रेखा तिवारी, रामप्रसाद आदि, शुभम सहकारी आवास समिति, सपना सहकारी आवास समिति, गोशाला सोसायटी, उत्तर प्रदेश सरकार, आबादी, रास्ता और बीहड़ (टीला)।
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इस जमीन से जुड़े सभी तथ्यों की जांच कराई जा रही हैं। पुरानी फाइलें निकवाई जा रही हैं।
- विश्वेश्र सिंह, तहसीलदार, सदर