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समय के साथ बदले गणतंत्र मनाने के तरीके

Sat, 26 Jan 2019 12:34 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 26 Jan 2019 12:34 AM IST
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समय के साथ बदले गणतंत्र मनाने के  तरीके

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मैनपुरी। आज हम 70वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहे हैं, किस प्रकार से धीरे-धीरे गणतंत्र दिवस मनाने के तरीकों में परिवर्तन आया है।

50 साल पहले गणतंत्र दिवस मनाने का तरीका सीमित था, आज इंटरनेट के जमाने में किस प्रकार से आधुनिक हो गया है। देश दुनिया में एक साथ कार्यक्रमों का लोग आनंद ले रहे हैं।

इसी पर कुछ वरिष्ठ शिक्षकों और छात्र-छात्राओं से बातचीत की गई।


वर्तमान में गणतंत्र दिवस पर कार्यक्रमों की धूम तो हर तरफ दिखाई दे रही है, लेकिन इस धूम में वह समर्पण की भावना नहीं है, जो आज से 50 साल पहले दिखाई देती थी। वर्तमान में गणतंत्र का कार्यक्रमों का आयोजन रंगारंग प्रस्तुति व मनोरंजन का साधन बन गया है। जबकि 50 साल पहले यह आजादी के प्रति सच्चा समर्पण होता था। हरप्रसाद यादव (राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त प्रधानाचार्य)
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जब देश का पहला गणतंत्र दिवस मनाया गया था, उस समय मैं कक्षा दो में पढ़ता था। लंबी दास्ता के बाद लोगों को जश्र मनाने का अवसर मिला था। लोगों ने घर-घर दिए जलाए थे। भले ही आज गणतंत्र दिवस पर कार्यक्रमों की धूम बढ़ गई हो, लेकिन वह राष्ट्रभक्ति अब लोगों में नजर नहीं आती जो 70 साल पहले दिखती थी। डॉ. दीन मोहम्मद दीन (यश भारती पुरस्कार प्राप्त साहित्यकार)
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पूर्व में गणतंत्र दिवस की जानकारी सिर्फ रेडियो के माध्यम से मिलती थी, लेकिन अब इंटरनेट, टेलिविजन आदि पर जिस प्रकार से दिल्ली का लाइव दिखाई देता है उससे गणतंत्र दिवस के प्रति लोगों को उत्साह बढ़ता जा रहा है। वह देशभक्ति व जज्बा आज नजर नहीं आ रहा है, जो वर्षों पहले नजर आता था। यह अच्छी बात है कि अब कार्यक्रमों में झांकियां शामिल हो रही हैं। पूनम गुप्ता (जिला गाइड कैप्टन)

आज से 40 दशक पहले गणतंत्र दिवस मनाने का महत्व कुछ अलग था। गणतंत्र दिवस लोगों की अंतरात्मा की आवाज था। वर्तमान में गणतंत्र दिवस थोपा हुआ गणतंत्र दिवस प्रतीत हो रहा है। राजनीतिक दबाव के चलते लोग वास्तविक गणतंत्र नहीं मना पा रहे हैं। गणतंत्र एक आजादी का जश्र है, इसे अंतरात्मा से ही मनाया जाए। अंजना यादव (प्रधानाचार्य राजकीय हाईस्कूल अंगौथा)

वर्तमान में गणतंत्र दिवस की धूम हर तरफ दिख रही है। बड़े पेमाने पर गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। हर कोई राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत है। हर किसी के मन में गणतंत्र दिवस को मनाने की चाहत है। यह एक अच्छा अवसर है। श्वेता मिश्रा

जिस प्रकार से वर्तमान में गणतंत्र दिवस पर हर तरफ कार्यक्रमों की धूम नजर आ रही है, यह एक सच्ची आजादी का जश्र है। हम सभी को इसी प्रकार से इस जश्र को मनाना चाहिए। हम देश के लिए मर मिटने वालों को भुला नहीं सकते कार्तिक पांडेय

आज गणतंत्र दिवस के कार्यक्रमों का जिस प्रकार से प्रचार प्रसार हो रहा है यह बहुत ही अच्छी बात है। हर किसी को देश में गणतंत्र दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की धूम दिखाई दे रही है। हम सब सच्चा गणतंत्र मना रहे हैं। आयुष चतुर्वेदी, एमबीए।


जिस प्रकार से हर तरफ तिरंगा की धूम नजर आ रही है, उसी प्रकार से सभी को अपनी भावनाओं को प्रदर्शित करने का मौका मिला है। हम सच्चे गणतंत्र में निवास कर रहे हैं। जिसका वास्तविक रूप हमें हर तरफ दिखाई भी दे रहा है। छाया देवी।
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