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बढ़े कनेक्शन-क्षमता से कंट्रोल हो रहा ट्रांसफार्मर डैमेज
Updated Wed, 11 Apr 2018 11:03 PM IST
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ट्रांसफार्मर में लगी आग।
एटा।
शासन की सौभाग्य योजना विस्तार से विभाग को राहत मिल रही है। हजारों नए कनेक्शन, नई लाइन एवं क्षमता वृद्धि के बाद फाल्ट-ट्रिपिंग ही नहीं ट्रांसफार्मर व उपकरणों का डेमेज कम हुआ है।
सौभाग्य योजना एवं त्वरित संयोजन अभियानों से विद्युत उपभोक्ता बढ़ाने से जहां घर-घर रोशनी का संकल्प पूरा हो रहा है। वहीं निगम का राजस्व बढ़ रहा है। इसके साथ ही बिजली विभाग का लाइन लॉस एवं डैमेज भी कम हुआ है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार मार्च 2017 में जहां जिले में 267 ट्रांसफार्मर फुंके थे। वहीं मार्च 18 में मात्र 153 ट्रांसफार्मर ही खराब हुए। बताते चलें कि रुटीन के नए संयोजनों के अलावा सौभाग्य योजना में जिले के 4535 आवेदनों को विद्युत संयोजन दिए गए। इनमें 2362 निर्धनों को अंत्योदय योजना का लाभ मिला।
22 हजार कनेक्शन का लक्ष्य
सौभाग्य योजना के तहत वित्तीय वर्ष में 22 हजार नए कनेक्शन का लक्ष्य दिया गया है। साथ ही विभाग ने इसके लिए निजी व्यवस्था की है। स्टाफ की कमी से जूझ रहे बिजली विभाग को इससे मुक्त रखा गया है। अब यह संयोजन ठेकेदारी प्रथा के अंतर्गत निजी कंपनी द्वारा दिए जाएंगे।
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बढ़े विद्युत संयोजन, नई लाइन एवं क्षमता विस्तार से विद्युत व्यवस्थाओं में सुधार हो रहा है। फाल्ट-ट्रिपिंग नियंत्रण के साथ ही ट्रांसफार्मर डैमेज कम हुआ है। गत मार्च में फुके 267 ट्रांसफार्मर की तुलना में इस वर्ष मात्र 153 ही खराब हुए।
सोपाली सिंह, अधिशासी अभियंता
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शासन की सौभाग्य योजना विस्तार से विभाग को राहत मिल रही है। हजारों नए कनेक्शन, नई लाइन एवं क्षमता वृद्धि के बाद फाल्ट-ट्रिपिंग ही नहीं ट्रांसफार्मर व उपकरणों का डेमेज कम हुआ है।
सौभाग्य योजना एवं त्वरित संयोजन अभियानों से विद्युत उपभोक्ता बढ़ाने से जहां घर-घर रोशनी का संकल्प पूरा हो रहा है। वहीं निगम का राजस्व बढ़ रहा है। इसके साथ ही बिजली विभाग का लाइन लॉस एवं डैमेज भी कम हुआ है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार मार्च 2017 में जहां जिले में 267 ट्रांसफार्मर फुंके थे। वहीं मार्च 18 में मात्र 153 ट्रांसफार्मर ही खराब हुए। बताते चलें कि रुटीन के नए संयोजनों के अलावा सौभाग्य योजना में जिले के 4535 आवेदनों को विद्युत संयोजन दिए गए। इनमें 2362 निर्धनों को अंत्योदय योजना का लाभ मिला।
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22 हजार कनेक्शन का लक्ष्य
सौभाग्य योजना के तहत वित्तीय वर्ष में 22 हजार नए कनेक्शन का लक्ष्य दिया गया है। साथ ही विभाग ने इसके लिए निजी व्यवस्था की है। स्टाफ की कमी से जूझ रहे बिजली विभाग को इससे मुक्त रखा गया है। अब यह संयोजन ठेकेदारी प्रथा के अंतर्गत निजी कंपनी द्वारा दिए जाएंगे।
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बढ़े विद्युत संयोजन, नई लाइन एवं क्षमता विस्तार से विद्युत व्यवस्थाओं में सुधार हो रहा है। फाल्ट-ट्रिपिंग नियंत्रण के साथ ही ट्रांसफार्मर डैमेज कम हुआ है। गत मार्च में फुके 267 ट्रांसफार्मर की तुलना में इस वर्ष मात्र 153 ही खराब हुए।
सोपाली सिंह, अधिशासी अभियंता