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नगर निगम में तालाबंदी, शहर में नहीं हुई सफाई
Updated Wed, 10 Jan 2018 11:33 PM IST
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फिरोजाबाद। पार्षदों के द्वारा सफाई कर्मचारियों की हाजरी के सत्यापन के आदेश के संबंध में महापौर नूतन राठौर से कोई आश्वासन नहीं मिलने पर कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी। इसका एलान मंगलवार शाम को ही कर दिया था बुधवार को सुबह कर्मचारी नगर निगम पहुंच हए। वर्कशाप पर ताला डाल दिया। एक भी सफाई वाहन निकलने नहीं दिया। किसी भी दफ्तर को खुलने नहीं दिया। फर्श डालकर नगर निगम के गेट पर ही धरना देकर बैैठ गए। दोपहर को कर्मचारियों के बीच पहुंची मेयर ने खेद व्यक्त किया तब कर्मचारियों ने आंदोलन के पांच घंटे बाद हड़ताल खत्म करने का एलान किया।
बुधवार सुबह आठ बजे कर्मचारियों ने कामबंद हड़ताल कर दी। वर्कशॉप पहुंचकर गेट पर ताला डलवा दिया। कोई वाहन बाहर नहीं निकलने दिया। जलकल विभाग, स्वास्थ्य विभाग, प्रकाश विभाग, कंप्यूटर कक्ष, रिकार्ड विभाग, टैक्स विभाग, लेखा विभाग, निर्माण विभाग के साथ सभी कार्यालय बंद करा दिए। कर्मचारी नगर निगम में फर्श डालकर धरने पर बैठ गए। सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक धरना प्रदर्शन चलता रहा।
संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने धरना प्रदर्शन के दौरान मेयर के खिलाफ बयानबाजी, नारेबाजी की। सिटी मजिस्ट्रेट शीतला प्रसाद यादव, सीओ सिटी डा. अरुण कुमार, नगर आयुक्त जितेंद्र कुमार की पहल पर मेयर नूतन राठौर कर्मचारियों से वार्ता करने धरना स्थल पर पहुंची। उन्होंने कहा कि नगर निगम एक परिवार है, इसमें कभी कभार गलतियां हो जाती हैं, इसको अन्यथा न लें। आप सभी लोग मन लगा कर अच्छा कार्य करें।
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किसी को मेरी गलत बात लगी हो तो खेद व्यक करती हूं। इससे बाद कर्मचारियों ने हड़ताल खोल दी। बुधवार को हड़ताल के कारण पूरा शहर गंदगी के चपेट में आ गया। नगर निगम से कोई सफाई वाहन बाहर नहीं निकला और नहीं किसी कर्मचारी ने अपने क्षेत्र में कार्य किया। इसके कारण शहर के प्रमुख चौराहों से लेकर गली-मोहल्लों में गंदगी का आलम दिखा। शहर की जनता को गंदगी के ढेर के बीच होकर गुजरने को मजबूर होना पड़ा।
मेयर नूतन राठौर करीब 12 बजे नगर निगम पहुंची। पहले वाल्मीकि प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद वह सीधे अपने कक्ष को जाने लगीं। धरना स्थल पर न रुकने से आक्रोशित कर्मचारियों ने नारेबाजी कर दी। मेयर के रुख को देखते हुए कर्मचारियों में खासा आक्रोश था। कर्मचारियों का कहना था कि मेयर का हमें हर फैसला मान्य है, लेकिन उनके पिता मंगल सिंह राठौर द्वारा निगम में हस्तक्षेप करना लगता है।
नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल और धरना प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस फोर्स पूरी तरह अलर्ट रहा। सीओ सिटी डा. अरुण कुमार के नेतृत्व में थाना उत्तर प्रभारी लोकेश भाटी पूरी टीम के साथ मुस्तैद रहे। गेट से हर गतिविधि पर नजर रखे हुए थे। नगर निगम के हंगामा, नारेबाजी कर रहे कर्मचारियों की कई बार वीडियो रिकार्डिंग कराई गई।
कर्मचारियों से माफी मांगने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट शीतला प्रसाद यादव, सीओ सिटी डा. अरुण कुमार, नगर आयुक्त जितेंद्र कुमार सहित अन्य अफसरों को मेयर नूतन राठौर को मनाने के लिए डेढ़ घंटे तक कवायद करनी पड़ी। पहले दौर में आधा घंटे तक वार्ता चली। दूसरे दौर में भी आधा घंटे तक चली लंबी कवायद के बाद मेयर नूतन राठौर कर्मचारियों के समक्ष खेद जताने को तैयार हुईं।
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बुधवार सुबह आठ बजे कर्मचारियों ने कामबंद हड़ताल कर दी। वर्कशॉप पहुंचकर गेट पर ताला डलवा दिया। कोई वाहन बाहर नहीं निकलने दिया। जलकल विभाग, स्वास्थ्य विभाग, प्रकाश विभाग, कंप्यूटर कक्ष, रिकार्ड विभाग, टैक्स विभाग, लेखा विभाग, निर्माण विभाग के साथ सभी कार्यालय बंद करा दिए। कर्मचारी नगर निगम में फर्श डालकर धरने पर बैठ गए। सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक धरना प्रदर्शन चलता रहा।
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संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने धरना प्रदर्शन के दौरान मेयर के खिलाफ बयानबाजी, नारेबाजी की। सिटी मजिस्ट्रेट शीतला प्रसाद यादव, सीओ सिटी डा. अरुण कुमार, नगर आयुक्त जितेंद्र कुमार की पहल पर मेयर नूतन राठौर कर्मचारियों से वार्ता करने धरना स्थल पर पहुंची। उन्होंने कहा कि नगर निगम एक परिवार है, इसमें कभी कभार गलतियां हो जाती हैं, इसको अन्यथा न लें। आप सभी लोग मन लगा कर अच्छा कार्य करें।
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किसी को मेरी गलत बात लगी हो तो खेद व्यक करती हूं। इससे बाद कर्मचारियों ने हड़ताल खोल दी। बुधवार को हड़ताल के कारण पूरा शहर गंदगी के चपेट में आ गया। नगर निगम से कोई सफाई वाहन बाहर नहीं निकला और नहीं किसी कर्मचारी ने अपने क्षेत्र में कार्य किया। इसके कारण शहर के प्रमुख चौराहों से लेकर गली-मोहल्लों में गंदगी का आलम दिखा। शहर की जनता को गंदगी के ढेर के बीच होकर गुजरने को मजबूर होना पड़ा।
मेयर नूतन राठौर करीब 12 बजे नगर निगम पहुंची। पहले वाल्मीकि प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद वह सीधे अपने कक्ष को जाने लगीं। धरना स्थल पर न रुकने से आक्रोशित कर्मचारियों ने नारेबाजी कर दी। मेयर के रुख को देखते हुए कर्मचारियों में खासा आक्रोश था। कर्मचारियों का कहना था कि मेयर का हमें हर फैसला मान्य है, लेकिन उनके पिता मंगल सिंह राठौर द्वारा निगम में हस्तक्षेप करना लगता है।
नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल और धरना प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस फोर्स पूरी तरह अलर्ट रहा। सीओ सिटी डा. अरुण कुमार के नेतृत्व में थाना उत्तर प्रभारी लोकेश भाटी पूरी टीम के साथ मुस्तैद रहे। गेट से हर गतिविधि पर नजर रखे हुए थे। नगर निगम के हंगामा, नारेबाजी कर रहे कर्मचारियों की कई बार वीडियो रिकार्डिंग कराई गई।
कर्मचारियों से माफी मांगने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट शीतला प्रसाद यादव, सीओ सिटी डा. अरुण कुमार, नगर आयुक्त जितेंद्र कुमार सहित अन्य अफसरों को मेयर नूतन राठौर को मनाने के लिए डेढ़ घंटे तक कवायद करनी पड़ी। पहले दौर में आधा घंटे तक वार्ता चली। दूसरे दौर में भी आधा घंटे तक चली लंबी कवायद के बाद मेयर नूतन राठौर कर्मचारियों के समक्ष खेद जताने को तैयार हुईं।