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कैसे हो गेहूं की बिक्री जब मंडी पर लगा अधि‘ग्रहण’
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मंडी के दुकानों का किया गया अधिग्रहण
- फोटो : amar ujala
मैनपुरी। चुनाव में मतदान और मतगणना के लिए मंडी के दुकानों का अधिग्रहण किया गया है। इससे किसानों को इस बार गेेहूं की बिक्री के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। आढ़तियों से दुकानें खाली करा ली गई हैं। ऐसे में अब किसान मतगणना के बाद ही गेहूं की बिक्री कर सकेंगे।
जिले में बड़े पैमाने पर किसान गेहूं की बुआई करते हैं। खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार है। मौसम मेहरबान रहा तो इस बार उत्पादन भी बेहतर होने की उम्मीद है। उनके सामने अब गेहूं की बिक्री का संकट खड़ा हो गया है। चुनाव के चलते मंडी का प्रशासन द्वारा दुकानों का अधिग्रहण किया गया है। यहीं से पोलिंग पार्टियों की रवानगी की जाएगी।
मतदान के बाद ईवीएम को भी सुरक्षा घेरे में यहीं रखा जाएगा। इसके बाद 23 मई को मतगणना होगी। तब तक मंडी में आढ़तियों की दुकानें प्रशासन के कब्जे में रहेंगे। इससे साफ है कि किसान गेहूं की बिक्री नहीं कर पाएंगे। चुनाव के लिए मंडी में बैरीकेडिंग का कार्य भी शुरू हो गया है। इसके चलते जल्द ही आढ़ती व किसानों की मंडी में एंट्री पर भी रोक लग जाएगी।
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जिले में बड़े पैमाने पर किसान गेहूं की बुआई करते हैं। खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार है। मौसम मेहरबान रहा तो इस बार उत्पादन भी बेहतर होने की उम्मीद है। उनके सामने अब गेहूं की बिक्री का संकट खड़ा हो गया है। चुनाव के चलते मंडी का प्रशासन द्वारा दुकानों का अधिग्रहण किया गया है। यहीं से पोलिंग पार्टियों की रवानगी की जाएगी।
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मतदान के बाद ईवीएम को भी सुरक्षा घेरे में यहीं रखा जाएगा। इसके बाद 23 मई को मतगणना होगी। तब तक मंडी में आढ़तियों की दुकानें प्रशासन के कब्जे में रहेंगे। इससे साफ है कि किसान गेहूं की बिक्री नहीं कर पाएंगे। चुनाव के लिए मंडी में बैरीकेडिंग का कार्य भी शुरू हो गया है। इसके चलते जल्द ही आढ़ती व किसानों की मंडी में एंट्री पर भी रोक लग जाएगी।
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