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UP: शिक्षा के मंदिर भी नहीं सुरक्षित, जांच में सामने आया सच... 298 स्कूलों की हालत बेहद खराब
Thu, 07 Aug 2025 07:42 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 07 Aug 2025 07:42 AM IST
सार
राजस्थान के झालावाड़ में हुए हादसे के बाद आगरा के स्कूलों की जांच कराई गई, तो हकीकत सामने आई। जांच में पता चला है कि 298 स्कूलों की हालत जर्जर है। जिनमें 141 ध्वस्त हो चुके हैं।
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यूपी के सरकारी स्कूलों का हाल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
नौनिहालों के लिए शिक्षा के मंदिर भी सुरक्षित नहीं। जिले में 298 बेसिक स्कूल जर्जर हैं, जिनमें 141 ध्वस्त हो चुके हैं। बाकी 157 सील हैं। जर्जर स्कूल भवनों पर चेतावनी बोर्ड चस्पा किए गए हैं। इनमें प्रवेश वर्जित रहेगा। यह खुलासा बुधवार को डीएम की समीक्षा में हुआ।
राजस्थान के झालावाड़ में जर्जर स्कूल ढहने से सात बच्चों की मौत और दो दर्जन से अधिक घायल हुए थे। इसके बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी बेसिक स्कूलों का सेफ्टी ऑडिट कराने और डीएम व बीएसए को निरीक्षण के निर्देश दिए। डीएम ने निगरानी कमेटी बनाई। बुधवार को निगरानी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट पेश की जिसमें 298 स्कूल जर्जर पाए गए। डीएम ने बताया कि जर्जर स्कूल भवनों को सील कराया गया है। सुरक्षा के - डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बताया कि 157 जर्जर स्कूलों को जल्द ध्वस्त कराया जाएगा। सभी ब्लॉकों में बीडीओ, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग अवर अभियंता की संयुक्त कमेटी बनाई है। तकनीकी समिति से ध्वस्तीकरण की मूल्यांकन रिपोर्ट मिल चुकी है। इनके स्थान में नए भवन बनाए जाएंगे।
15 खंड शिक्षा अधिकारियों से क्षेत्रवार जर्जर स्कूलों के बच्चों की शिफ्ट पर रिपोर्ट तलब की गई। बीएसए जितेंद्र गोंड ने डीएम को बताया कि कंपोजिट विद्यालय जगदीशपुरा, प्राथमिक विद्यालय नगला अजीता और कंपोजिट विद्यालय वजीरपुरा में कक्षाएं बंद कर दी गई हैं। प्राथमिक कन्या विद्यालय वजीरपुरा, प्राथमिक विद्यालय ताजगंज, प्राथमिक विद्यालय पाकटोला से बच्चों को सुरक्षित स्कूलों में शिफ्ट किया है।
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डीएम ने कहा जो स्कूल जर्जर हैं उनकी तकनीकी समिति से जांच कराई है। जिनकी मरम्मत हो सकती है उनकी मरम्मत कराई जाएगी। जिन्हें नए बनाने की जरूरत है, उनके प्रस्ताव तैयार कराए जा रहे हैं। जिनकी मरम्मत नहीं हो सकती उन स्कूलों को ध्वस्त किया जाएगा।
जर्जर स्कूलों में शिक्षण कार्य बंद रहेगा। इनमें पढ़ने वाले बच्चों को शिफ्ट किया जाएगा। शिफ्ट हुए बच्चों की कक्षाएं वैकल्पिक स्थल के रूप में पंचायत भवन, ग्राम सचिवालय व अन्य सुरक्षित स्कूलों में लगाई जाएंगी। साथ ही अन्य स्कूलों पर छतों की सफाई, वर्षा से जलभराव निकासी, छत व दीवारों की मरम्मत के निर्देश दिए हैं।
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राजस्थान के झालावाड़ में जर्जर स्कूल ढहने से सात बच्चों की मौत और दो दर्जन से अधिक घायल हुए थे। इसके बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी बेसिक स्कूलों का सेफ्टी ऑडिट कराने और डीएम व बीएसए को निरीक्षण के निर्देश दिए। डीएम ने निगरानी कमेटी बनाई। बुधवार को निगरानी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट पेश की जिसमें 298 स्कूल जर्जर पाए गए। डीएम ने बताया कि जर्जर स्कूल भवनों को सील कराया गया है। सुरक्षा के - डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बताया कि 157 जर्जर स्कूलों को जल्द ध्वस्त कराया जाएगा। सभी ब्लॉकों में बीडीओ, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग अवर अभियंता की संयुक्त कमेटी बनाई है। तकनीकी समिति से ध्वस्तीकरण की मूल्यांकन रिपोर्ट मिल चुकी है। इनके स्थान में नए भवन बनाए जाएंगे।
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15 खंड शिक्षा अधिकारियों से क्षेत्रवार जर्जर स्कूलों के बच्चों की शिफ्ट पर रिपोर्ट तलब की गई। बीएसए जितेंद्र गोंड ने डीएम को बताया कि कंपोजिट विद्यालय जगदीशपुरा, प्राथमिक विद्यालय नगला अजीता और कंपोजिट विद्यालय वजीरपुरा में कक्षाएं बंद कर दी गई हैं। प्राथमिक कन्या विद्यालय वजीरपुरा, प्राथमिक विद्यालय ताजगंज, प्राथमिक विद्यालय पाकटोला से बच्चों को सुरक्षित स्कूलों में शिफ्ट किया है।
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डीएम ने कहा जो स्कूल जर्जर हैं उनकी तकनीकी समिति से जांच कराई है। जिनकी मरम्मत हो सकती है उनकी मरम्मत कराई जाएगी। जिन्हें नए बनाने की जरूरत है, उनके प्रस्ताव तैयार कराए जा रहे हैं। जिनकी मरम्मत नहीं हो सकती उन स्कूलों को ध्वस्त किया जाएगा।
जर्जर स्कूलों में शिक्षण कार्य बंद रहेगा। इनमें पढ़ने वाले बच्चों को शिफ्ट किया जाएगा। शिफ्ट हुए बच्चों की कक्षाएं वैकल्पिक स्थल के रूप में पंचायत भवन, ग्राम सचिवालय व अन्य सुरक्षित स्कूलों में लगाई जाएंगी। साथ ही अन्य स्कूलों पर छतों की सफाई, वर्षा से जलभराव निकासी, छत व दीवारों की मरम्मत के निर्देश दिए हैं।