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मानसून में स्कूलों की छतें सहेजेंगी 26 करोड़ लीटर पानी

Thu, 29 Jul 2021 01:30 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 29 Jul 2021 01:30 AM IST
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26 crore liters of water will be saved from roofs in rain
आगरा। फतेहाबाद ब्लॉक के भदौरा प्राथमिक विद्यालय में निर्माणाधीन रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट। - फोटो : Agra City
आगरा। बारिश में सरकारी स्कूल की छतों से इस साल 26 करोड़ लीटर बारिश का पानी सहेजा जाएगा। सरकारी स्कूलों के 1915 भवनों में रूफ टॉप रेन वॉटर हार्वेस्टिंग प्लांट तैयार हो गए हैं। जिनकी छतों का क्षेत्रफल करीब पांच लाख वर्ग मीटर है। औसतन 650 एमएम वार्षिक बारिश होने पर 26 करोड़ लीटर ( 260 एमएलडी ) पानी जिले में भूजल को रिचार्ज करेगा।
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आगरा के 15 ब्लॉक में 2300 से अधिक प्राथमिक व माध्यमिक स्कूल के भवन हैं। पहले चरण में इस साल 2004 भवनों में रूफ टॉप रेन वॉटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगाए जाएंगे। जिनमें 1915 में काम पूरा हो चुका है। मुख्य विकास अधिकारी ए मनिकन्डन ने बताया कि प्रत्येक प्लांट में करीब एक लाख रुपये की लागत आएगी। सभी भवनों पर 20 करोड़ रुपये की लागत से बारिश का पानी बचाने के लिए प्लांट लगाए हैं। उन्होंने कहा, उत्तर प्रदेश में आगरा पहला जिला है जिसने इस तरह की परियोजना बनाई है।
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लघु सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता मंगल यादव ने बताया कि बारिश में छतों पर गिरने वाले पानी को एकत्र कर पाइप के जरिये भूजल रिचार्ज किया जाता है। इसके लिए छत से आने वाले पाइप को दो चेंबर में होकर गुजारते हैं। पहला चेंबर सिल्ट चेंबर होता है, जिसमें बारिश के पानी में मौजूद सिल्ट व अन्य गंदगी को शोधित करते हैं। फिर सिल्ट चेंबर से साफ पानी रिचार्ज पिट में जाता है। रिचार्ज पिट में 25 से 30 मीटर गहरा बोरिंग होता है। जो बारिश के पानी को बलुई जल स्रोत में मिलाता है। छतों के क्षेत्रफल व औसत बारिश के आधार पर करीब 260 एमएलडी पानी बचाने का निर्धारण किया है।
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फतेहाबाद ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (बीडीओ) मंगल यादव ने बताया कि पहली बारिश के पानी में अशुद्धियां होने के कारण इसे इस्तेमाल नहीं किया जाता। शुद्ध वर्षा जल में एक लीटर पानी से करीब 200 मिली लीटर पानी बर्बाद हो जाता है। शेष 800 मिली लीटर पानी भूजल रिचार्ज के काम आता है।
- रेन वॉटर हार्वेस्टिंग प्लांट से क्या बदलाव होगा ये मानसून के बाद पता चलेगा। प्री-मानसून और पोस्ट मानसून का डाटा विश्लेषण होगा। कहां कितना पानी रिचार्ज हुआ ये पता चल जाएगा। उन्होंने बताया कि आगरा में भूजल स्तर और पानी की गुणवत्ता दोनो खराब हैं। रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के बाद दोनों स्थितियों में सुधार की उम्मीद है। - प्रभु एन सिंह, जिलाधिकारी

थाना, चौकी, पंचायत घर, तहसील समेत करीब 4000 सरकारी भवनों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगाकर आसमान से गिरने वाले ‘अमृत’ को सहेजा जाएगा। पहले चरण में 2000 स्कूल के भवन चिह्नित किए गए हैं। अगले चरण में बाकी 2000 भवनों में प्लांट लगेंगे। - ए मनिकन्डन, मुख्य विकास अधिकारी
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