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24 घंटे में 150 की स्पीड पर दौड़ी 10 हजार गाड़ियां
अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 24 Aug 2016 01:00 AM IST
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एक्सप्रेस वे
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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यमुना एक्सप्रेस वे पर एक के बाद एक हादसे यूं ही नहीं हो रहे। इसके लिए कहीं न कहीं वाहनों की तूफानी रफ्तार भी जिम्मेदार है। आलम यह है कि सोमवार से मंगलवार के बीच 24 घंटों में ही 10 हजार गाड़ियां 150 किलोमीटर प्रति घंटा या इससे भी तेज रफ्तार से गुजरी हैं। जबकि यहां अधिकतम गति सीमा 100 किमी. प्रति घंटा निर्धारित है। लोग जान की परवाह किए बगैर फर्राटा बढ़ रहे हैं। पुलिस इनके चालान भी नहीं काट रहे। अब जेपी ग्रुप ने ही ऐसे लापरवाह लोगों को जागरुक करना शुरू किया है।
एक्सप्रेस वे पर वाहन सुरक्षा सप्ताह शुरू किया गया है जो 29 अगस्त तक चलेगा। पहले दिन ऐसे वाहनों को रोका गया जो 150 या इससे अधिक रफ्तार से दौड़ रहे थे। इनकी गति मीटर से चेक करके इन्हें अगले टोल प्लाजा पर रोका गया। कंपनी के अधिकारी मेजर ( रिटायर्ड ) मनीष ने बताया कि सोमवार को लगभग आठ हजार गाड़ियां ओवरस्पीड पाई गई जबकि मंगलवार को आंकड़ा 2173 रहा।
एक्सप्रेस वे कर्मचारियों ने इनकेचालकों को रोककर उनसे गति 100 से अधिक न करने की गुजारिश की। उन्हें यह भी बताया कि सीट बेल्ट अवश्य लगाएं। कई चालकों ने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी। कई गाड़ियों पर रिफ्लेक्टर भी नहीं लगे थे।
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रात में ज्यादा हो रहे हादसे
एक्सप्रेस वे अथारिटी ने हादसों का अध्ययन कराया तो इसमें यह बात सामने आई कि दिन की अपेक्षा रात में हादसे ज्यादा हुए हैं। इनमें भी नोएडा से आगरा के बीच अलीगढ़ और मथुरा के क्षेत्र में ज्यादा दुर्घटना हो रही हैं। इसकी वजह ड्राइवरों को नींद की झपकी लग जाना मानी गई। उन्हें जगाए रखने के लिए एक्सप्रेस वे पर रंबल स्ट्रिप भी लगवाई गई।
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एक्सप्रेस वे पर वाहन सुरक्षा सप्ताह शुरू किया गया है जो 29 अगस्त तक चलेगा। पहले दिन ऐसे वाहनों को रोका गया जो 150 या इससे अधिक रफ्तार से दौड़ रहे थे। इनकी गति मीटर से चेक करके इन्हें अगले टोल प्लाजा पर रोका गया। कंपनी के अधिकारी मेजर ( रिटायर्ड ) मनीष ने बताया कि सोमवार को लगभग आठ हजार गाड़ियां ओवरस्पीड पाई गई जबकि मंगलवार को आंकड़ा 2173 रहा।
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एक्सप्रेस वे कर्मचारियों ने इनकेचालकों को रोककर उनसे गति 100 से अधिक न करने की गुजारिश की। उन्हें यह भी बताया कि सीट बेल्ट अवश्य लगाएं। कई चालकों ने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी। कई गाड़ियों पर रिफ्लेक्टर भी नहीं लगे थे।
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रात में ज्यादा हो रहे हादसे
एक्सप्रेस वे अथारिटी ने हादसों का अध्ययन कराया तो इसमें यह बात सामने आई कि दिन की अपेक्षा रात में हादसे ज्यादा हुए हैं। इनमें भी नोएडा से आगरा के बीच अलीगढ़ और मथुरा के क्षेत्र में ज्यादा दुर्घटना हो रही हैं। इसकी वजह ड्राइवरों को नींद की झपकी लग जाना मानी गई। उन्हें जगाए रखने के लिए एक्सप्रेस वे पर रंबल स्ट्रिप भी लगवाई गई।