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शिक्षक भर्ती घोटाला - 150 शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन नहीं
Updated Thu, 25 Oct 2018 11:29 PM IST
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कासगंज। जनपद में जांच के घेरे में चल रहे शिक्षकों में लगभग 150 शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन ही नहीं हो सका है। हालांकि इन शिक्षकों को बिना प्रमाण पत्रों के सत्यापन के ही वेतन दिया जा रहा है।
जनपद में वर्ष 2011 से 2018 तक की अवधि में नियुक्त 1904 शिक्षकों की जांच चल रही है। जांच के लिए शिक्षकों की भर्ती की फाइलें खंगाली जा ही है। ऐसे में कई शिक्षकों के प्रमाणपत्र अभी तक सत्यापित नहीं होने की बात सामने आई हैं। नियुक्ति के बाद शिक्षकों के चार शैक्षिक प्रमाणपत्र सत्यापित होते हैं। शिक्षा विभाग संबंधित संस्थानों को प्रमाणपत्रों को जांच के लिए भेजता है।
प्रमाण पत्रों की जांच के बाद ही शिक्षकों का वेतन आहरित किया जाता है। जांच के दायरे में चल रहे शिक्षकों में अब तक 150 शिक्षकों के दो अथवा तीन प्रमाणपत्र ही सत्यापित हुए हैं। विभाग के अधिकारियों व बाबुओं ने भी जांच के लिए भेजे प्रमाण पत्रों के वापस न आने पर संस्थानों से सत्यापन नहीं करने का कारण भी नहीं पूछा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों एंव बाबुओं ने इनको पाक साफ मान लिया और शिक्षकों का वेतन आहरित कर दिया। ऐसे में सालों से ये शिक्षक अपना वेतन पा रहे हैं।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंजली अग्रवाल ने बताया कि शिक्षकों के प्रमाणपत्र सत्यापित होने के लिए भेजे जाते हैं। प्रमाण पत्रों के सत्यापित होकर आने में समय लग जाता है।
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जनपद में वर्ष 2011 से 2018 तक की अवधि में नियुक्त 1904 शिक्षकों की जांच चल रही है। जांच के लिए शिक्षकों की भर्ती की फाइलें खंगाली जा ही है। ऐसे में कई शिक्षकों के प्रमाणपत्र अभी तक सत्यापित नहीं होने की बात सामने आई हैं। नियुक्ति के बाद शिक्षकों के चार शैक्षिक प्रमाणपत्र सत्यापित होते हैं। शिक्षा विभाग संबंधित संस्थानों को प्रमाणपत्रों को जांच के लिए भेजता है।
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प्रमाण पत्रों की जांच के बाद ही शिक्षकों का वेतन आहरित किया जाता है। जांच के दायरे में चल रहे शिक्षकों में अब तक 150 शिक्षकों के दो अथवा तीन प्रमाणपत्र ही सत्यापित हुए हैं। विभाग के अधिकारियों व बाबुओं ने भी जांच के लिए भेजे प्रमाण पत्रों के वापस न आने पर संस्थानों से सत्यापन नहीं करने का कारण भी नहीं पूछा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों एंव बाबुओं ने इनको पाक साफ मान लिया और शिक्षकों का वेतन आहरित कर दिया। ऐसे में सालों से ये शिक्षक अपना वेतन पा रहे हैं।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंजली अग्रवाल ने बताया कि शिक्षकों के प्रमाणपत्र सत्यापित होने के लिए भेजे जाते हैं। प्रमाण पत्रों के सत्यापित होकर आने में समय लग जाता है।