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ठाकुर तेजपाल सिंह ने फिर थामा रालोद का दामन
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मथुरा। ठाकुर तेजपाल सिंह ने एक बार फिर रालोद का दामन थाम लिया है। पार्टी के केंद्रीय कार्यालय पर उन्होंने छोटे चौधरी अजित सिंह की मौजूदगी में अपने समर्थकों के साथ रालोद की सदस्यता ली। पिछले विधानसभा चुनावों से कुछ माह पहले ही उन्होंने रालोद से किनारा कर लिया था।
जिले की राजनीति में कद्दावर नेता के रूप में अपनी पहचान रखने वाले ठाकुर तेजपाल सिंह शुरू से ही चौधरी चरण सिंह के अनुयायी रहे हैं। उन्होंने राजनीति की शुरूआत भी चौधरी चरण सिंह के नेतृत्व में ही की है।
छाता विधानसभा क्षेत्र उनका निर्वाचित क्षेत्र रहा है। यहां कई बार जीत और उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। 1993 के विधानसभा चुनावों के बाद उन्होंने चौधरी अजित सिंह के नेतृत्व वाली पाटी का कांग्रेस में विलय होने पर सपा का दामन थाम लिया था, लेकिन रालोद बनने के बाद वह फिर लौट आए।
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पिछले विधानसभा चुनाव 2017 में उन्होंने रालोद से किनारा किया था। बसपा से नजदीकियां बढ़ाईं, चुनाव के दौरान सपा का दामन थाम लिया। करीब दो साल की इस दूरी के बाद एक बार फिर उन्होंने शुक्रवार को केंद्रीय कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में रालोद का दामन थाम लिया है। इस दौरान पार्टी के जिलाध्यक्ष रामरसपाल पौंनिया, प्रदेश मंत्री जगपाल चौधरी, प्रदेश महासचिव युवा यदुवीर सिंह सिसौदिया भी मौजूद रहे।
पूर्व मंत्री तेजपाल सिंह का लोकसभा चुनावों से पहले रालोद में लौट पर तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। राजनीति से जुड़े लोग इसे लेकर अनेक कयास लगा रहे हैं।
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जिले की राजनीति में कद्दावर नेता के रूप में अपनी पहचान रखने वाले ठाकुर तेजपाल सिंह शुरू से ही चौधरी चरण सिंह के अनुयायी रहे हैं। उन्होंने राजनीति की शुरूआत भी चौधरी चरण सिंह के नेतृत्व में ही की है।
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छाता विधानसभा क्षेत्र उनका निर्वाचित क्षेत्र रहा है। यहां कई बार जीत और उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। 1993 के विधानसभा चुनावों के बाद उन्होंने चौधरी अजित सिंह के नेतृत्व वाली पाटी का कांग्रेस में विलय होने पर सपा का दामन थाम लिया था, लेकिन रालोद बनने के बाद वह फिर लौट आए।
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पिछले विधानसभा चुनाव 2017 में उन्होंने रालोद से किनारा किया था। बसपा से नजदीकियां बढ़ाईं, चुनाव के दौरान सपा का दामन थाम लिया। करीब दो साल की इस दूरी के बाद एक बार फिर उन्होंने शुक्रवार को केंद्रीय कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में रालोद का दामन थाम लिया है। इस दौरान पार्टी के जिलाध्यक्ष रामरसपाल पौंनिया, प्रदेश मंत्री जगपाल चौधरी, प्रदेश महासचिव युवा यदुवीर सिंह सिसौदिया भी मौजूद रहे।
पूर्व मंत्री तेजपाल सिंह का लोकसभा चुनावों से पहले रालोद में लौट पर तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। राजनीति से जुड़े लोग इसे लेकर अनेक कयास लगा रहे हैं।