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फर्जी डिग्री प्रकरण: अभी तक नहीं आया एक भी नोटिस का जवाब
Updated Sun, 26 Nov 2017 11:08 PM IST
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कासगंज। जनपद में फर्जी डिग्री से नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों का ब्योरा सामने आने के बाद जारी नोटिसों का जवाब अब तक नहीं दिया गया है। अभी तक किसी भी शिक्षक ने अपने नोटिस का जवाब नहीं दिया है।
जनपद में फर्जी डिग्री से नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों के मामले में एसआईटी की सूची से 77 शिक्षक चिह्नित किए जा चुके हैं। इसके अलावा 20 अन्य शिक्षकों को संदिग्ध की श्रेणी में रखा गया है। 77 शिक्षकों में से 54 पुरुष और 23 महिलाएं शामिल हैं। विभाग इन शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने से पहले उनका पक्ष लेना चाहता है। ऐसे में इन सभी को नोटिस जारी किए गए हैं। हालांकि नोटिस को जारी किए चार दिन का समय हो चुका है, लेकिन अभी तक किसी भी शिक्षक ने नोटिस का जवाब देकर अपना पक्ष रखने की जरूरत नहीं समझी है।
पहले भी सामने आ चुके हैं मामले
कासगंज। जनपद में फर्जी डिग्री से नौकरी हासिल करनेे के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। वर्ष 2010 में आधा दर्जन शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की गई थी। विभाग ने इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की कार्रवाई भी की। एक माह पहले भी दो शिक्षकों की सेेवाएं समाप्त की गई हैं। इनके खिलाफ विभाग ने मामला दर्ज कराया। एक शिक्षिका तो अभी भी जेल में है।
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फर्जी डिग्री से नौकरी हासिल करने वाले किसी भी शिक्षक को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग कार्रवाई से पहले उनके जवाब का इंतजार कर रहा है। सात दिन का समय दिया गया है। यदि इस अवधि में जवाब नहीं आया तो विभाग मान लेगा कि इन शिक्षकों को अपने पक्ष में कुछ भी नहीं कहना। ऐसे में विभाग इनके खिलाफ कार्रवाई करेगा।
गीता वर्मा बीएसए
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जनपद में फर्जी डिग्री से नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों के मामले में एसआईटी की सूची से 77 शिक्षक चिह्नित किए जा चुके हैं। इसके अलावा 20 अन्य शिक्षकों को संदिग्ध की श्रेणी में रखा गया है। 77 शिक्षकों में से 54 पुरुष और 23 महिलाएं शामिल हैं। विभाग इन शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने से पहले उनका पक्ष लेना चाहता है। ऐसे में इन सभी को नोटिस जारी किए गए हैं। हालांकि नोटिस को जारी किए चार दिन का समय हो चुका है, लेकिन अभी तक किसी भी शिक्षक ने नोटिस का जवाब देकर अपना पक्ष रखने की जरूरत नहीं समझी है।
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पहले भी सामने आ चुके हैं मामले
कासगंज। जनपद में फर्जी डिग्री से नौकरी हासिल करनेे के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। वर्ष 2010 में आधा दर्जन शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की गई थी। विभाग ने इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की कार्रवाई भी की। एक माह पहले भी दो शिक्षकों की सेेवाएं समाप्त की गई हैं। इनके खिलाफ विभाग ने मामला दर्ज कराया। एक शिक्षिका तो अभी भी जेल में है।
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फर्जी डिग्री से नौकरी हासिल करने वाले किसी भी शिक्षक को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग कार्रवाई से पहले उनके जवाब का इंतजार कर रहा है। सात दिन का समय दिया गया है। यदि इस अवधि में जवाब नहीं आया तो विभाग मान लेगा कि इन शिक्षकों को अपने पक्ष में कुछ भी नहीं कहना। ऐसे में विभाग इनके खिलाफ कार्रवाई करेगा।
गीता वर्मा बीएसए