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स्वास्थ्य विभाग कर रहा वायरल की अनदेखी
Updated Wed, 30 Aug 2017 12:37 AM IST
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फिरोजाबाद/जसराना/नारखी।
कस्बों में वायरल थम नहीं रहा है। नारखी के नगला राधे, शिकोहाबाद के छरी छप्पर और जसराना के सलेमपुर में दो दिन स्वास्थ्य विभाग की टीमें खानापूरी कर लौट आईं। मंगलवार को गावों में कोई टीम नहीं पहुंची। इसके चलते ग्रामीण झोलाछाप से इलाज कराने को मजबूर हैं। वायरल के शिकार कई मरीज टूंडला, फिरोजाबाद में निजी डाक्टर से इलाज करा रहे हैं।
की चपेअ में आकर बीमार हैं। चिकित्सकों की टीम ने मरीजों को दो दिनों तक एक घंटे कैंप लगा कर दवाइयां वितरित कीं। कुछ मरीज दवा से वंचित रह गए, लेकिन मंगलवार को टीम नहीं पहुंची। जसराना के गांव सलेमपुर को वायरल ने अपनी चपेट में ले रखा है। गांव में चार दर्जन से अधिक लोग वायरल से पीड़ित हैं। एक सैकड़ा से अधिक लोग दर्द के साथ मौसमी बीमारी की चपेट में हैं। कई लोगों को डेंगू है। ग्रामीणों ने कहा कि घंटे में पूरे गांव को दवा देकर स्वास्थय विभाग बकी टीम चली गई।
नारखी के नगला राधे गांव में करीब 300 लोग वायरल
मंगलवार को टीम के नहीं आने से ग्रामीणों ने रोष जताया। सुधा देवी को कई दिन से बुखार है। परिवार के लोग उसका उपचार करा रहे हैं। ड्रिप लग रही है, लेकिन आराम नहीं मिल रहा। गांव की कमला देवी, मीना देवी, वैष्णवी भी बुखार की चपेट में हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के प्रवीण कुमार डेंगू है। उनका उपचार
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जसराना के ही एक निजी अस्पताल में चल रहा है। माया देवी, बृजेश कुमार वायरल की चपेट में हैं। सीएचची के डा. अनुराग व्यास ने कहा कि सोमवार को टीम गई थी। मंगलवार को गांव में टीम भेजने को कोई मतलब नहीं था। चिकित्सकों की टीम को स्वास्थय परीक्षण के दौरान गांव में कोई खास बीमारी नहीं मिली।
हमारी टीमें लगातार गावों में जा रहीं हैं। जहां टीम नहीं पहुंच, वहां दूसरे दिन जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने अलग-अलग गांवों में मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया है। जांच रिपोर्ट के अनुसार अभी तक किसी भी मरीज में डेंगू और मलेरिया के लक्षण नहीं मिले हैं।
- डा. एसके दीक्षित, सीएमओ
पीड़ितों का दर्द
जसराना के गांव सलेमपुर निवासी जसविंद्र ने कहा कि बुखार की दवा लेने के बाद उन्हें खांसी हो गई। पूरा परिवार बुखार की चपेट में हैं। गांव में सोमवार को टीम आई थी लेकिन खानापूर्ति कर चली गई।
वायरल से पीड़ित प्रवीन कुमार ने कहा कि उन्हें पिछले कई दिनों से बुखार है। निजी चिकित्सकों से उपचार कराते हुए हजारों रुपये खर्च कर हो चुके हैं, लेकिन आराम नहीं मिल रहा है।
सलेमपुर गांव निवासी वृद्धा भगवान देवी ने कहा कि कमर दर्द से परेशान है। लेकिन कोई दवा नहीं मिल पा रही है। गांव में ही एक डाक्टर से इलाज कराना पड़ रहा है।
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कस्बों में वायरल थम नहीं रहा है। नारखी के नगला राधे, शिकोहाबाद के छरी छप्पर और जसराना के सलेमपुर में दो दिन स्वास्थ्य विभाग की टीमें खानापूरी कर लौट आईं। मंगलवार को गावों में कोई टीम नहीं पहुंची। इसके चलते ग्रामीण झोलाछाप से इलाज कराने को मजबूर हैं। वायरल के शिकार कई मरीज टूंडला, फिरोजाबाद में निजी डाक्टर से इलाज करा रहे हैं।
की चपेअ में आकर बीमार हैं। चिकित्सकों की टीम ने मरीजों को दो दिनों तक एक घंटे कैंप लगा कर दवाइयां वितरित कीं। कुछ मरीज दवा से वंचित रह गए, लेकिन मंगलवार को टीम नहीं पहुंची। जसराना के गांव सलेमपुर को वायरल ने अपनी चपेट में ले रखा है। गांव में चार दर्जन से अधिक लोग वायरल से पीड़ित हैं। एक सैकड़ा से अधिक लोग दर्द के साथ मौसमी बीमारी की चपेट में हैं। कई लोगों को डेंगू है। ग्रामीणों ने कहा कि घंटे में पूरे गांव को दवा देकर स्वास्थय विभाग बकी टीम चली गई।
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नारखी के नगला राधे गांव में करीब 300 लोग वायरल
मंगलवार को टीम के नहीं आने से ग्रामीणों ने रोष जताया। सुधा देवी को कई दिन से बुखार है। परिवार के लोग उसका उपचार करा रहे हैं। ड्रिप लग रही है, लेकिन आराम नहीं मिल रहा। गांव की कमला देवी, मीना देवी, वैष्णवी भी बुखार की चपेट में हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के प्रवीण कुमार डेंगू है। उनका उपचार
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जसराना के ही एक निजी अस्पताल में चल रहा है। माया देवी, बृजेश कुमार वायरल की चपेट में हैं। सीएचची के डा. अनुराग व्यास ने कहा कि सोमवार को टीम गई थी। मंगलवार को गांव में टीम भेजने को कोई मतलब नहीं था। चिकित्सकों की टीम को स्वास्थय परीक्षण के दौरान गांव में कोई खास बीमारी नहीं मिली।
हमारी टीमें लगातार गावों में जा रहीं हैं। जहां टीम नहीं पहुंच, वहां दूसरे दिन जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने अलग-अलग गांवों में मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया है। जांच रिपोर्ट के अनुसार अभी तक किसी भी मरीज में डेंगू और मलेरिया के लक्षण नहीं मिले हैं।
- डा. एसके दीक्षित, सीएमओ
पीड़ितों का दर्द
जसराना के गांव सलेमपुर निवासी जसविंद्र ने कहा कि बुखार की दवा लेने के बाद उन्हें खांसी हो गई। पूरा परिवार बुखार की चपेट में हैं। गांव में सोमवार को टीम आई थी लेकिन खानापूर्ति कर चली गई।
वायरल से पीड़ित प्रवीन कुमार ने कहा कि उन्हें पिछले कई दिनों से बुखार है। निजी चिकित्सकों से उपचार कराते हुए हजारों रुपये खर्च कर हो चुके हैं, लेकिन आराम नहीं मिल रहा है।
सलेमपुर गांव निवासी वृद्धा भगवान देवी ने कहा कि कमर दर्द से परेशान है। लेकिन कोई दवा नहीं मिल पा रही है। गांव में ही एक डाक्टर से इलाज कराना पड़ रहा है।