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आगरा: फर्जी प्रमाणपत्र लगाने वाले 168 शिक्षकों की सेवा समाप्त, दर्ज होगी एफआईआर

Fri, 05 Mar 2021 12:07 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Fri, 05 Mar 2021 12:07 AM IST
सार

  • बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आदेश जारी किया, रजिस्टर्ड डाक से शिक्षकों को सेवा समाप्ति का पत्र भेजा गया

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168 Teachers Service End Of Agra District After The High Court Order
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के बीएड सत्र 2004-05 का फर्जी प्रमाणपत्र लगाने वाले जिले के 168 और परिषदीय शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। बुधवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार यादव ने इस संबंध में आदेश जारी किया। शिक्षकों को रजिस्टर्ड डाक से सेवा समाप्ति का पत्र भेज दिया गया है। 
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जिले में एसआईटी की सूची के आधार पर डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के बीएड सत्र 2004-05 के फर्जी व टेंपर्ड प्रमाणपत्र लगाने वाले कुल 249 शिक्षक चिह्नित किए गए थे। इनमें से 195 शिक्षक फर्जी प्रमाणपत्र और 54 टेंपर्ड प्रमाणपत्र वाले थे। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सात फरवरी, 2020 को 2823 अभ्यर्थियों को फर्जी घोषित किया गया। 
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विश्वविद्यालय की सूची से बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से चिह्नित शिक्षकों के नामों का मिलान किया गया। 24 शिक्षकों के नाम दोनों सूचियों में पाए गए, इनकी 12 मई, 2020 में इनकी सेवा समाप्त कर दी गई। उनके खिलाफ एक जुलाई, 2020 को शाहगंज थाने में एफआईआर भी दर्ज करा दी गई थी।
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जिले के 171 शिक्षक बचे थे, इनका नाम 2823 फर्जी घोषित अभ्यर्थियों की सूची में नहीं था। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपना पक्ष रखने वाले 814 अभ्यर्थियों में से दो को छोड़कर बाकी 812 को 29 जुलाई को फर्जी घोषित कर दिया था। 

26 फरवरी, 2021 को जारी हाईकोर्ट के आदेश के साथ विश्वविद्यालय की ओर से दूसरे चरण में फर्जी घोषित किए गए 812 अभ्यर्थियों की सूची भी संलग्न थी। इस सूची से मिलान करने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बुधवार को 168 शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी। 

एक हफ्ते के अंदर एफआईआर
बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार यादव ने कहा कि 168 शिक्षकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। इनको रजिस्टर्ड डाक से पत्र भेज दिया गया है। खंड शिक्षा अधिकारी संबंधित शिक्षकों के खिलाफ एक हफ्ते के अंदर एफआईआर दर्ज कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

171 में से तीन शिक्षिकाओं की सेवा अभी समाप्त नहीं 
बेसिक शिक्षा अधिकारी के मुताबिक जिले में चिह्नित 171 शिक्षकों के खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई होनी थी। फिलहाल तीन शिक्षिकाओं की अभी सेवा समाप्त नहीं की गई है। इसमें से एक गीता यादव का पक्ष अभी विश्वविद्यालय को सुनना है। 

हाईकोर्ट के आदेश में सात अभ्यर्थियों का नाम अलग से दिया गया है, इनका पक्ष विश्वविद्यालय को एक बार और सुनकर एक माह में निर्णय लेना है। सात अभ्यर्थियों में गीता यादव का रोलनंबर भी है। हालांकि आदेश की सूची में गीता का नाम रीता लिखा हुआ है। 

वहीं, दो शिक्षिकाओं लतिशा पाल व उषा सेंगर का नाम विश्वविद्यालय की ओर से दो चरणों में फर्जी घोषित किए गए अभ्यर्थियों की सूची में शामिल नहीं है। इनकी जांच विभाग स्तर पर कराई जाएगी। इसके बाद कोई निर्णय लिया जाएगा। 

मई 2020 से रुका हुआ था वेतन 
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने चार मई 2020 को जिले में चिह्नित सभी 249 फर्जी व टेंपर्ड प्रमाणपत्र वाले शिक्षकों का वेतन रोक दिया था। शिक्षकों को वेतन जारी नहीं किया जा रहा था।
 
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