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फूलबंगले में राधा संग विराजमान हुईं अष्ट सखियां
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रथ पर विराजमान श्रीजी की सखियां।
- फोटो : अमर उजाला
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बरसाना (मथुरा)। दिव्य अष्टसखी महोत्सव के अंतर्गत पहली बार श्रीराधारानी की अष्टसखियों के डोले का बरसाना में आगमन हुआ तो कस्बे के निवासी तथा श्रद्धालु हर्षित हो उठे। सखियों के डोले के आगे बैंडबाजे की धुन पर मस्ती में थिरकते श्रद्धालुओं का जत्था करुणामयी सरकार के जयकारे लगाते चल रहा था।
श्रीजी की नगरी जयकारों से गुंजायमान हो उठी। हर कोई सखियों की एक झलक पाने के लिए बेताब दिखाई दिया। दोपहर में अष्टखियों को भानगढ़ पर राधारानी संग अलग-अलग फूलबंगलों में विराजमान किया गया। रविवार को सुबह से ही अष्टसखियों के गांव से सखियों की प्रतीकात्मक तस्वीरें लेकर मंदिरों के महंत राधाबाग स्थित आश्रम पहुंचे।
जहां आठों सखियों के लिए रंग-बिरंगे फूलों से डोले सजाए गए थे। हर एक डोले में सखियों द्वारा श्रीजी के लिए की जाने वाली सेवा का विवरण दिया गया था। डोले के साथ स्थानीय गांव की संकीर्तन मंडली कीर्तन करते हुए चल रही थी। बरसाना की परिक्रमा करने के बाद डोले में से सखियों की तस्वीरों को मंदिर ले जाया गया।
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जहां मौजूद सेवायत आचार्य मनोज कृष्ण गोस्वामी ने सखियों के लिए तैयार कराए गए फूलबंगले में उन्हें विराजमान कराया। मंदिर परिसर को फूल और गुब्बारों से दुल्हन की तरह सजाया गया। मंदिर परिसर राधा विराजें अष्टसखिन संग के जयकारों से गूंज उठा।
पहली बार श्री राधारानी का अष्टसखियों से मिलन मन को आनंदित करने वाला है। इस आयोजन को सफल बनाने में बाहरी एवं स्थानीय श्रद्धालुओं का विशेष योगदान रहा है। तहे दिल से हम सभी का आभार व्यक्त करते हैं।
- आचार्य मनोज कृष्ण गोस्वामी, मंदिर सेवायत
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श्रीजी की नगरी जयकारों से गुंजायमान हो उठी। हर कोई सखियों की एक झलक पाने के लिए बेताब दिखाई दिया। दोपहर में अष्टखियों को भानगढ़ पर राधारानी संग अलग-अलग फूलबंगलों में विराजमान किया गया। रविवार को सुबह से ही अष्टसखियों के गांव से सखियों की प्रतीकात्मक तस्वीरें लेकर मंदिरों के महंत राधाबाग स्थित आश्रम पहुंचे।
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जहां आठों सखियों के लिए रंग-बिरंगे फूलों से डोले सजाए गए थे। हर एक डोले में सखियों द्वारा श्रीजी के लिए की जाने वाली सेवा का विवरण दिया गया था। डोले के साथ स्थानीय गांव की संकीर्तन मंडली कीर्तन करते हुए चल रही थी। बरसाना की परिक्रमा करने के बाद डोले में से सखियों की तस्वीरों को मंदिर ले जाया गया।
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जहां मौजूद सेवायत आचार्य मनोज कृष्ण गोस्वामी ने सखियों के लिए तैयार कराए गए फूलबंगले में उन्हें विराजमान कराया। मंदिर परिसर को फूल और गुब्बारों से दुल्हन की तरह सजाया गया। मंदिर परिसर राधा विराजें अष्टसखिन संग के जयकारों से गूंज उठा।
पहली बार श्री राधारानी का अष्टसखियों से मिलन मन को आनंदित करने वाला है। इस आयोजन को सफल बनाने में बाहरी एवं स्थानीय श्रद्धालुओं का विशेष योगदान रहा है। तहे दिल से हम सभी का आभार व्यक्त करते हैं।
- आचार्य मनोज कृष्ण गोस्वामी, मंदिर सेवायत