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पेट्रोल-डीजल की मिलावट ने बजा दिया गाड़ियों का बाजा
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डेमो
- फोटो : SELF
मथुरा। पेट्रोल और डीजल की मिलावट ने दोपहिया वाहनों से लेकर चारपहिया वाहनों तक का बाजा बजा दिया है। मोटरसाइकिल का इंजन तीस हजार किलोमीटर पर ही जवाब दे जा रहा है। प्लग खराब हो रहे हैं। बाइक कब कहां रास्ते में चलते चलते बंद हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। कार में पंप और नोजिल खराब होने के मामले सर्वाधिक आ रहे हैं। लेकिन जिम्मेदार विभाग की नींद अब भी नहीं टूट रही है।
अगर पेट्रोल और डीजल की क्वालिटी के बारे में जानना है तो कार की किसी भी वर्कशॉप पर चले जाइए। किसी भी बाइक सर्विस सेंटर से जानकारी कर लीजिए। चाहें कार हो या बाइक दोनों में ही खराबी की पचास फीसदी से ज्यादा वजह मिलावटी तेल ही निकलकर आएगा। हालांकि शहरी पंपों पर तो गनीमत है लेकिन ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में पेट्रोल और डीजल की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
कई इस प्रकार के मामले भी सामने आ चुके हैं जब पेट्रोल लेकर पंप से निकले और थोड़ा सा आगे जाकर बाइक बंद हो गई। राजेश सर्विस सेंटर के राजेश बताते हैं कि पेट्रोल में आने वाली मिलावट से प्लग सबसे ज्यादा खराब हो रहे हैं। प्लग पर कार्बन आ जा रहा है। इतना ही नहीं अब अधिकांश बाइक का इंजन 30 किलोमीटर पर ही बंधने लगा है। वरना पहले 60 किलोमीटर से भी अधिक चलने के बाद भी इंजन सुरक्षित रहा करता था।
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सौंख अड्डे पर शमी कार सर्विस सेंटर के स्वामी का कहना है कि आमतौर पर जो लोग शिकायत लेकर आ रहे हैं उसमें उनका कहना होता है कि कार झटके लेकर बीच बीच में बंद हो जा रही है। हर महीने में इस तरह के 5 से 6 मामले आ जाते हैं। वह पेट्रोल और डीजल की मिलावट के कारण ही होता है।
डीजल में मिट्टी का तेल मिला दिया जाता है। चंदनवन निवासी प्रदीप कुमार ने बताया कि पांच दिन पहले बाइक में पेट्रोल डलवाया था। अचानक बंद हो गई। जब मिस्त्री को दिखाया तो उसने कहा कि पेट्रोल में पानी आ गया है। सारा तेल निकालकर दोबारा से भरवाया तब बाइक चल सकी थी।
चेकिंग के नाम पर बस खानापूरी
आयल कंपनियां और सप्लाई विभाग की टीम वैसे तो समय समय पर चेकिंग करती है लेकिन इन्हें हमेशा सब कुछ ओके ही मिलता है। पिछले छह महीने के भीतर 28 सैंपल लिए गए थे लेकिन किसी में भी कोई गड़बड़ी नहीं आई। डीएसओ राघवेंद्र कुमार का कहना है कि आयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ चेकिंग की जाती है। तेल के सैंपल भी लिए जाते हैं।
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अगर पेट्रोल और डीजल की क्वालिटी के बारे में जानना है तो कार की किसी भी वर्कशॉप पर चले जाइए। किसी भी बाइक सर्विस सेंटर से जानकारी कर लीजिए। चाहें कार हो या बाइक दोनों में ही खराबी की पचास फीसदी से ज्यादा वजह मिलावटी तेल ही निकलकर आएगा। हालांकि शहरी पंपों पर तो गनीमत है लेकिन ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में पेट्रोल और डीजल की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
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कई इस प्रकार के मामले भी सामने आ चुके हैं जब पेट्रोल लेकर पंप से निकले और थोड़ा सा आगे जाकर बाइक बंद हो गई। राजेश सर्विस सेंटर के राजेश बताते हैं कि पेट्रोल में आने वाली मिलावट से प्लग सबसे ज्यादा खराब हो रहे हैं। प्लग पर कार्बन आ जा रहा है। इतना ही नहीं अब अधिकांश बाइक का इंजन 30 किलोमीटर पर ही बंधने लगा है। वरना पहले 60 किलोमीटर से भी अधिक चलने के बाद भी इंजन सुरक्षित रहा करता था।
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सौंख अड्डे पर शमी कार सर्विस सेंटर के स्वामी का कहना है कि आमतौर पर जो लोग शिकायत लेकर आ रहे हैं उसमें उनका कहना होता है कि कार झटके लेकर बीच बीच में बंद हो जा रही है। हर महीने में इस तरह के 5 से 6 मामले आ जाते हैं। वह पेट्रोल और डीजल की मिलावट के कारण ही होता है।
डीजल में मिट्टी का तेल मिला दिया जाता है। चंदनवन निवासी प्रदीप कुमार ने बताया कि पांच दिन पहले बाइक में पेट्रोल डलवाया था। अचानक बंद हो गई। जब मिस्त्री को दिखाया तो उसने कहा कि पेट्रोल में पानी आ गया है। सारा तेल निकालकर दोबारा से भरवाया तब बाइक चल सकी थी।
चेकिंग के नाम पर बस खानापूरी
आयल कंपनियां और सप्लाई विभाग की टीम वैसे तो समय समय पर चेकिंग करती है लेकिन इन्हें हमेशा सब कुछ ओके ही मिलता है। पिछले छह महीने के भीतर 28 सैंपल लिए गए थे लेकिन किसी में भी कोई गड़बड़ी नहीं आई। डीएसओ राघवेंद्र कुमार का कहना है कि आयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ चेकिंग की जाती है। तेल के सैंपल भी लिए जाते हैं।