फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   साहब, रंजिश तो तब बने जब पेट भरने को रोटी हो

साहब, रंजिश तो तब बने जब पेट भरने को रोटी हो

Tue, 10 Apr 2018 09:51 PM IST
Updated Tue, 10 Apr 2018 09:51 PM IST
विज्ञापन
साहब, रंजिश तो तब बने जब पेट भरने को रोटी हो
साहब, रंजिश तो तब बने जब पेट भरने को रोटी हो - फोटो : अमर उजाला
कासगंज। साहब, रंजिश तो तब बने, जब पेट भरने को रोटी हो। यह जवाब था मृत बच्चों के परिजनों का पुलिस को। हत्या के खुलासे में जुटी पुलिस हर संभावना पर बारीकी से तहकीकात कर रही है। बच्चों की लाश मिलने के बाद से ही पुलिस रंजिश की बात कह रही है। ऐसे में मंगलवार को पुलिस ने मृत बच्चों के परिजनों से पूछताछ की, जिससे कोई बात सामने आए।
विज्ञापन

गंजडुंडवारा के बहोरनपुर गांव में मंगलवार को पुलिस ने मृत बच्चों के परिजनों से किसी से रंजिश होने की बात पूछी तो दोनों बच्चों के पिता फूट-फूटकर रोने लगे। उनका कहना था कि दोनों के ही परिवार बेहद गरीब हैं। झोंपड़ी बनाकर रहते हैं और किसी प्रकार मजदूरी कर अपने परिवार को पाल रहे हैं। ग्रामीणों ने भी रंजिश की बात से इनकार किया। मधुमेह की बीमारी से ग्रसित मृत अमित के पिता रामपाल टेलरिंग करते हैं। वहीं सचिन के पिता बाबूराम ईंट भट्ठे पर ईंट पाथने का काम करते हैं। दोनों परिवारों के सामने रोटी का संकट है। दोनों के मकान भी झोंपड़ी नुमा हैं। परिजनों ने बताया कि रामपाल और बाबूराम कुल चार भाई हैं। इनमें बाबूराम सबसे बड़े हैं। वहीं दूसरा भाई नंदराम और तीसरे नंबर का रामपाल और सबसे छोटा भाई श्याम सिंह है। इन चारों भाइयों में अच्छा मेलजोल है। एक दूसरे के सुख दुख में भागी रहते हैं। चारों भाइयों के बीच केवल ढाई बीघा जमीन है। जिसके सहारे गेहूं, चारा व अन्य फसलें पैदा करते हैं। रामपाल के साड़ू रामानंद ने भी बताया कि परिवार के लोगों की रंजिश होना दूर की बात है। परिवार तो रोजी रोटी के लिए संघर्ष करता है। रामपाल की तबियत भी खराब रहती है। जैसे तैसे उसका इलाज कराया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed