फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   तेजी से बढ़ती जनसंख्या के आगे संसाधन बौने

तेजी से बढ़ती जनसंख्या के आगे संसाधन बौने

Mon, 10 Jul 2017 11:41 PM IST
Updated Mon, 10 Jul 2017 11:41 PM IST
विज्ञापन
तेजी से बढ़ती जनसंख्या के आगे संसाधन बौने
population
मैनपुरी। साल दर साल जिले में पुरुषों की संख्या तो बढ़ रही है लेकिन महिलाओं की संख्या में इजाफा नहीं हो रहा। महिलाओं की संख्या लगभग 12 प्रतिशत कम चल रही है। वहीं, लगातार बढ़ रही संख्या के कारण संसाधन बौने साबित हो रहे हैं। जनसंख्या वृद्धि के हिसाब से संसाधन नहीं बढ़ रहे हैं।
विज्ञापन


जिले में चाहे आबादी हो, चाहे शिक्षा, स्वास्थ्य या फिर परिवहन। इनके लिए सभी संसाधन कम पड़ रहे हैं। आबादी के अनुसार इनमें वृद्धि नहीं हो पा रही है। इसी का नतीजा है कि जिले के लोग कई मूलभूत सुविधाएं पाने से वंचित चल रहे हैं। विभागीय आंकड़े बताते हैं कि जिले में संसाधनों का आबादी के हिसाब से अभाव है। मलभूत संसाधन भी पूरे नहीं हैं। बढ़ रही आबादी के सापेक्ष संसाधन बढ़ाने के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
विज्ञापन


यह स्थिति सभी छह तहसीलों की है। संसाधन बढ़ाने की जिम्मेदारी जिन लोगों की है वह अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से नहीं निभा पा रहे हैं। यह अधिकारी अपनी समस्याओं का ही रोना रोते हैं। शासन स्तर से सहयोग नहीं मिलने की बात आए दिन अधिकारी बताते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


वर्ष 2011 के आंकड़े

कुल जनसंख्या 1868529
पुरुष 993377
महिलाएं 875152
ग्रामीण क्षेत्र 1580087
शहरी क्षेत्र 288442
जनसंख्या वृद्धि दर 17.02
लिंगानुपात 1000 पुरुषों के सापेक्ष 881 महिलाएं
कुल साक्षरता 1203885
पुरुष 712110
महिलाएं 491775
ग्रामीण क्षेत्र 1005932
शहरी क्षेत्र 197953

जिले की भौगोलिक स्थिति
जिले में छह तहसीलें मैनपुरी, भोगांव, करहल, घिरोर, किशनी, कुरावली हैं। नौ विकासखंड मैनपुरी, बेवर, किशनी, करहल, बरनाहल, घिरोर, कुरावली, सुल्तानगंज, जागीर हैं। जिले में 80 न्याय पंचायत तथा 560 ग्राम सभाएं हैं, जिनमें से नौ ग्राम सभाएं नगरीय क्षेत्र में शामिल की गई हैं। जिले के 851 ग्रामों में से 820 आबाद तथा 31 गैर आबाद हैं। एक नगर पालिका के अलावा आठ नगर पंचायतें हैं।


अर्थ एवं संख्याधिकारी बीएस यादव का कहना है कि जिले में लिंगानुपात का प्रतिशत कम है। प्रतिशत कम होना चिंता का विषय है। जागरूकता की जरूरत है। तमाम शिविर लगाकर और योजनाएं चलाकर लिंगानुपात कम करने के लिए प्रयास किए गए हैं। आबादी के हिसाब से तो वाकई संसाधनों का अभाव है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed