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पालिका की सुस्ती से नगर होगा जलमग्न
Updated Tue, 13 Jun 2017 11:41 PM IST
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पालिका की सुस्ती से नगर होगा जलमग्न
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी। अगर मानसून से पहले नालों की सफाई नहीं हुई तो बारिश के दौरान नाले नगर को नरक बना देंगे। चंद दिनों बाद मानसून आने को है लेकिन पालिका की सुस्ती से अभी तक नाला सफाई का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। नगर पालिका क्षेत्र में छोटे-बड़े मिलाकर करीब 84 नाले हैं कि लेकिन समय से मुख्य नालों की सफाई नहीं कराई तो हालात बहुत गंभीर होंगे। इस बात को लेकर नगर के लोग भी चिंतित नजर आ रहे हैं।
नगर के विभिन्न इलाकों में जलभराव न हो इसके लिए नगर पालिका क्षेत्र में 84 नाले हैं। इनमें से कुछ नाले ऐसे हैं जो तमाम प्रयास के बाद भी पूरी तरह साफ नहीं हो पाते। नगर पालिका ने मानसून को देखते हुए नालों की सिल्ट सफाई का कार्य शुरू करा दिया है। कई नाले ऐसे हैं जो पूर्ण रूप से साफ नहीं हुए हैं। ऐसे में मानसून आने तक नालों की सफाई मुश्किल है। यदि शीघ्र ही नालों की बेहतर ढंग से सिल्ट सफाई न कराई गई तो हल्की बारिश में ही लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना होगा। मंगलवार को नगर के कचहरी रोड स्थित मुख्य नाला में गंदगी और सिल्ट के चलते जल निकासी नहीं हो पाई।
यह नाले नहीं हो पाते हैं सफा
क्रिश्चियन मैदान के सामने से नटराज होटल वाली गली होते हुए ईसन नदी की ओर जाने वाला नाला पूरी तरह साफ न हो पाने के कारण प्रति वर्ष जलभराव का कारण बनता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही होने की आशंका जताई जा रही है। कुछ यही हाल गाड़ीवान के संतोषी माता मंदिर से राजा के ताल में गिरने वाले नाले का भी है। करहल चौराहे से ओडेंन्य के खारिजा नाला में गिरने वाला नाला भी पूरी तरह साफ नहीं हो पाता है।
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मुख्य नाले एक नजर में
- करहल चौराहे से ओडेंन्य के खारिजा नाला तक, लंबाई दो किमी
- क्रिश्चियन मैदान के सामने से ईसन नदी जाने वाले नाले तक, लंबाई एक किमी
- बजाजा बाजार से ईसन नदी तक, लंबाई दो किमी
- संतोषी माता मंदिर से राजा के ताल तक, लंबाई एक किमी
- भांवत चौराहे से ईसन नदी तक, लंबाई डेढ़ किमी
- आवास विकास से ईसन नदी तक, लंबाई एक किमी
- कोतवाली के निकट से ईसन नदी तक, लंबाई एक किमी
- पुरानी मैनपुरी से ईसन नदी तक, लंबाई दो किमी
यहां होता है जलभराव
देवी रोड स्थित शिवमंदिर वाली गली, मोहल्ला मिश्राना, खरगजीत नगर, पंजाबी कालोनी, छपट्टी, बंशीगौरा, महमूद नगर, ककरैया, पुलंदर वाली बगिया आदि स्थानों पर जलभराव होता है।
राम प्रकाश ने कहा कि कचहरी रोड स्थित नाला गंदगी से अटा पड़ा है। बरसात में तो स्थिति और भी दयनीय हो जाएगी।
सुमित ने कहा कि बरसात के दिनों में जलभराव हो जाता है। यहां स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि पानी घरों में भर जाता है।
महेंद्र ने कहा कि सड़क ऊंची बनने से मकान नीचे हो गए हैं। इस कारण जलभराव होता है। यदि सफाई नहीं कराई तो जलभराव होगा।
श्रीकिशन ने कहा कि कई बार पालिका से कहा, लेकिन अभी तक नाला की सफाई शुरू नहीं हुई। इसके चलते नाला गंदगी से अटा हुआ।
18 टीमें कर रहीं सफाई
नगरपालिका इस बार नाला सफाई का कार्य ठेके पर न देकर अपने सफाई कर्मचारियों से करा रहा है। इसके चलते 18 टीमें काम कर रही हैं। इसमेें करीब 150 सफाई कर्मचारी काम कर रहे हैं। इसके लिए करीब 25 लाख रुपये का खर्चा आएगा।
नाला की सिल्ट सफाई का काम शुरू करा दिया गया है। सफाई कर्मचारियों से तेजी से सिल्ट सफाई पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। मानसून आने से पहले सभी नालों की सफाई करा ली जाएगी। ताकि लोगों जलभराव का सामना न करना पड़ा।
रामपाल यादव, ईओ नगरपालिका परिषद
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नगर के विभिन्न इलाकों में जलभराव न हो इसके लिए नगर पालिका क्षेत्र में 84 नाले हैं। इनमें से कुछ नाले ऐसे हैं जो तमाम प्रयास के बाद भी पूरी तरह साफ नहीं हो पाते। नगर पालिका ने मानसून को देखते हुए नालों की सिल्ट सफाई का कार्य शुरू करा दिया है। कई नाले ऐसे हैं जो पूर्ण रूप से साफ नहीं हुए हैं। ऐसे में मानसून आने तक नालों की सफाई मुश्किल है। यदि शीघ्र ही नालों की बेहतर ढंग से सिल्ट सफाई न कराई गई तो हल्की बारिश में ही लोगों को जलभराव की समस्या से जूझना होगा। मंगलवार को नगर के कचहरी रोड स्थित मुख्य नाला में गंदगी और सिल्ट के चलते जल निकासी नहीं हो पाई।
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यह नाले नहीं हो पाते हैं सफा
क्रिश्चियन मैदान के सामने से नटराज होटल वाली गली होते हुए ईसन नदी की ओर जाने वाला नाला पूरी तरह साफ न हो पाने के कारण प्रति वर्ष जलभराव का कारण बनता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही होने की आशंका जताई जा रही है। कुछ यही हाल गाड़ीवान के संतोषी माता मंदिर से राजा के ताल में गिरने वाले नाले का भी है। करहल चौराहे से ओडेंन्य के खारिजा नाला में गिरने वाला नाला भी पूरी तरह साफ नहीं हो पाता है।
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मुख्य नाले एक नजर में
- करहल चौराहे से ओडेंन्य के खारिजा नाला तक, लंबाई दो किमी
- क्रिश्चियन मैदान के सामने से ईसन नदी जाने वाले नाले तक, लंबाई एक किमी
- बजाजा बाजार से ईसन नदी तक, लंबाई दो किमी
- संतोषी माता मंदिर से राजा के ताल तक, लंबाई एक किमी
- भांवत चौराहे से ईसन नदी तक, लंबाई डेढ़ किमी
- आवास विकास से ईसन नदी तक, लंबाई एक किमी
- कोतवाली के निकट से ईसन नदी तक, लंबाई एक किमी
- पुरानी मैनपुरी से ईसन नदी तक, लंबाई दो किमी
यहां होता है जलभराव
देवी रोड स्थित शिवमंदिर वाली गली, मोहल्ला मिश्राना, खरगजीत नगर, पंजाबी कालोनी, छपट्टी, बंशीगौरा, महमूद नगर, ककरैया, पुलंदर वाली बगिया आदि स्थानों पर जलभराव होता है।
राम प्रकाश ने कहा कि कचहरी रोड स्थित नाला गंदगी से अटा पड़ा है। बरसात में तो स्थिति और भी दयनीय हो जाएगी।
सुमित ने कहा कि बरसात के दिनों में जलभराव हो जाता है। यहां स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि पानी घरों में भर जाता है।
महेंद्र ने कहा कि सड़क ऊंची बनने से मकान नीचे हो गए हैं। इस कारण जलभराव होता है। यदि सफाई नहीं कराई तो जलभराव होगा।
श्रीकिशन ने कहा कि कई बार पालिका से कहा, लेकिन अभी तक नाला की सफाई शुरू नहीं हुई। इसके चलते नाला गंदगी से अटा हुआ।
18 टीमें कर रहीं सफाई
नगरपालिका इस बार नाला सफाई का कार्य ठेके पर न देकर अपने सफाई कर्मचारियों से करा रहा है। इसके चलते 18 टीमें काम कर रही हैं। इसमेें करीब 150 सफाई कर्मचारी काम कर रहे हैं। इसके लिए करीब 25 लाख रुपये का खर्चा आएगा।
नाला की सिल्ट सफाई का काम शुरू करा दिया गया है। सफाई कर्मचारियों से तेजी से सिल्ट सफाई पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। मानसून आने से पहले सभी नालों की सफाई करा ली जाएगी। ताकि लोगों जलभराव का सामना न करना पड़ा।
रामपाल यादव, ईओ नगरपालिका परिषद