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चुनावी शोर में दब जाएगी शहनाई की गूंज
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शहनाई बजाते कलाकार
- फोटो : अमर उजाला डेमाे
मैनपुरी। इस बार चुनावी शोर में शहनाई की गूंज दब जाएगी। आचार संहिता लागू होने के चलते जहां नियमों का पालन करना होगा, वहीं दूसरी ओर व्यवस्थाएं करना भी मुश्किल होगा। फिर चाहे वह बरात ले जाने के लिए बस की व्यवस्था हो या फिर शादी की एलबम बनवाने के लिए फोटोग्राफर की। सभी में मुश्किल होना तय है।
इस बार लोकसभा चुनाव के बीच सहालग भी है। जिले में 23 अप्रैल को मतदान होना है। मतदान से पहले और मतदान के दिन भी सहालग है। इसमें जिले भर में सैकड़ों शादियां होंगी, लेकिन प्रशासन ने बसों और छोटे वाहनों का अधिग्रहण कर लिया है। शासन के निर्देश पर मैनपुरी डिपो की 15 बसों का अधिग्रहण किया जा चुका है। डिपो में 73 बसों का बेड़ा है। प्रशासन ने मतदान कराने के लिए 130 प्राइवेट बसों का भी अधिग्रहण कर लिया है। प्राइवेट बसों का अधिग्रहण करने से लोग शादी समारोह के लिए बसों को बुक नहीं कर पा रहे हैं।
ऐसी ही समस्या वीडियोग्राफर और फोटोग्राफर की भी हो रही है। प्रशासन ने जिले के अधिकांश कैमरामैनों को अभी से बुक कर लिया है। इसकेे चलते लोगों को आसानी से फोटोग्राफर नहीं मिल पा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर आचार संहिता के चलते शहनाई और बैंड की धुनें भी हल्की रहेंगी। ऐसे में इन शादियों की चमक इस बार फीकी होना तय है। शादी समारोह के दौरान आयोजक को प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। आवेदन में स्पष्ट करना होगा। शादी समारोह कहां होगा, क्या क्या कार्यक्रम होंगे। शादी में बैंड के प्रयोग के लिए भी प्रशासन से अनुमति लेनी होगी।
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इस बार लोकसभा चुनाव के बीच सहालग भी है। जिले में 23 अप्रैल को मतदान होना है। मतदान से पहले और मतदान के दिन भी सहालग है। इसमें जिले भर में सैकड़ों शादियां होंगी, लेकिन प्रशासन ने बसों और छोटे वाहनों का अधिग्रहण कर लिया है। शासन के निर्देश पर मैनपुरी डिपो की 15 बसों का अधिग्रहण किया जा चुका है। डिपो में 73 बसों का बेड़ा है। प्रशासन ने मतदान कराने के लिए 130 प्राइवेट बसों का भी अधिग्रहण कर लिया है। प्राइवेट बसों का अधिग्रहण करने से लोग शादी समारोह के लिए बसों को बुक नहीं कर पा रहे हैं।
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ऐसी ही समस्या वीडियोग्राफर और फोटोग्राफर की भी हो रही है। प्रशासन ने जिले के अधिकांश कैमरामैनों को अभी से बुक कर लिया है। इसकेे चलते लोगों को आसानी से फोटोग्राफर नहीं मिल पा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर आचार संहिता के चलते शहनाई और बैंड की धुनें भी हल्की रहेंगी। ऐसे में इन शादियों की चमक इस बार फीकी होना तय है। शादी समारोह के दौरान आयोजक को प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। आवेदन में स्पष्ट करना होगा। शादी समारोह कहां होगा, क्या क्या कार्यक्रम होंगे। शादी में बैंड के प्रयोग के लिए भी प्रशासन से अनुमति लेनी होगी।
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