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रजबहा में अचानक आया पानी, सौ बीघा से ज्यादा फसल जलमग्न
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खेतों में भरा पानी।
- फोटो : अमर उजाला
राधाकुंड (मथुरा)। रजबहा में अचानक पानी आने से किसानों की कटी पड़ी और खेतों में खड़ी 100 बीघा से ज्यादा गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने सिंचाई विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुआवजे की मांग की।
माना जा रहा है कि मौजूदा स्थिति देखते हुए 30 लाख से अधिक नुकसान हुआ है। किसानों की मानें तो जल्दी पानी न निकला तो और अधिक नुकसान होगा। हर तरफ सिर्फ पानी ही पानी दिख रहा है।
कस्बे के निकट निकाले जा रहे रिंग रोड के चलते रजबहा पर पुलिया का निर्माण किया जा रहा है। इसके चलते रजबहा को मिट्टी डाल कर पुलिया की तरफ पानी जाने से रोक दिया गया। बुधवार की रात में रजबहा में अचानक पानी छोड़ दिया गया।
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पुलिया के निकट पड़ी मिट्टी के चलते पानी आगे नहीं जा सका और पानी रुकने से रजबहा की पटरी टूट गई। पुलिया पर काम चलने की जानकारी सिंचाई विभाग के अधिकारियों को थी, फिर भी रजबहा में पानी छोड़ दिया गया।
रजबहा के पानी से सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। इससे किसानों को तकरीबन 30 लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। किसानों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा है कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पीड़ितों को मुआवजा दिलाया जाए।
पीड़ित किसानों का कहना था कि उनकी वर्ष भर की कमाई पर सिंचाई विभाग ने पानी फेर दिया है। सैकड़ों किसानों को भुखमरी के कगार पर पहुंचा दिया है। राधाकुंड के हर क्षेत्र की गेहूं की फसल जलमग्न हो गई है। परेशान किसान खेतों से पानी निकालने में जुटे रहे।
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माना जा रहा है कि मौजूदा स्थिति देखते हुए 30 लाख से अधिक नुकसान हुआ है। किसानों की मानें तो जल्दी पानी न निकला तो और अधिक नुकसान होगा। हर तरफ सिर्फ पानी ही पानी दिख रहा है।
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कस्बे के निकट निकाले जा रहे रिंग रोड के चलते रजबहा पर पुलिया का निर्माण किया जा रहा है। इसके चलते रजबहा को मिट्टी डाल कर पुलिया की तरफ पानी जाने से रोक दिया गया। बुधवार की रात में रजबहा में अचानक पानी छोड़ दिया गया।
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पुलिया के निकट पड़ी मिट्टी के चलते पानी आगे नहीं जा सका और पानी रुकने से रजबहा की पटरी टूट गई। पुलिया पर काम चलने की जानकारी सिंचाई विभाग के अधिकारियों को थी, फिर भी रजबहा में पानी छोड़ दिया गया।
रजबहा के पानी से सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। इससे किसानों को तकरीबन 30 लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। किसानों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा है कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पीड़ितों को मुआवजा दिलाया जाए।
पीड़ित किसानों का कहना था कि उनकी वर्ष भर की कमाई पर सिंचाई विभाग ने पानी फेर दिया है। सैकड़ों किसानों को भुखमरी के कगार पर पहुंचा दिया है। राधाकुंड के हर क्षेत्र की गेहूं की फसल जलमग्न हो गई है। परेशान किसान खेतों से पानी निकालने में जुटे रहे।