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Agra News: 11 people injured by monkey bites, villagers in panic

Sun, 24 Aug 2025 11:08 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Sun, 24 Aug 2025 11:08 PM IST
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11 people injured by monkey bites, villagers in panic
बरनाहल। क्षेत्र के गांव पैरार शाहपुर में पिछले पांच दिन से लोग बुखार के साथ अन्य बीमारियों की चपेट में हैं। गांव के एक वृद्ध की उपचार के दौरान मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग मौत का कारण पहले से चोट व अन्य परेशानी बता रहा है। फिलहाल वृद्ध की मौत और बुखार के लगातार मरीज बने रहने से गांव के लोगों में दहशत है। स्वास्थ्य विभाग गांव में लगातार शिविर लगाए हुए हैं। इसके बाद भी बड़ी संख्या में ग्रामीण बाहर उपचार ले रहे हैं।विकासखंड क्षेत्र के गांव पैरारशाहपुर में ग्रामीण बुखार से भयभीत हैं। पिछले पांच दिन से स्वास्थ्य विभाग यहां शिविर लगाए हुए है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में 300 से अधिक लोग एक सप्ताह में बुखार व अन्य बीमारियों की चपेट में आ चुके हैं। गांव के गजराज सिंह दिवाकर (58) वर्ष जो चार दिन से बीमार चल रहे थे। स्वास्थ्य विभाग के शिविर में उन्हें उपचार भी दिया गया था। शनिवार की रात अचानक उनकी हालत बिगड़ी। परिजन उन्हें मेडिकल कॉलेज सैफई ले जा रहे थे रास्ते में उनकी मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार वे बुखार से पीड़ित थे। वृद्ध की मौत से ग्रामीण दहशत में आ गए हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग मौत का कारण बुखार नहीं मान रहा है। चिकित्साधीक्षक बरनाहल प्रदीप कुमार ने बताया कि गजराज सिंह दो दिन पहले शरीर में दर्द की दवा लेने आए थे उन्हें कभी चोट लगी थी उनकी मौत का कारण बुखार नहीं है।
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100 लोगों की अब तक कराई जा चुकी है बुखार की जांच
चिकित्साधीक्षक बरनाहल के अनुसार गांव में पिछले पांच दिन में शिविर लगाकर करीब 100 लोगों की बुखार की जांच की गई है। इनमें कोई भी व्यक्ति मलेरिया या डेंगू से पीड़ित नहीं निकला है। सभी में वायरल के लक्षण मिले हैं। चिकित्साधीक्षक के अनुसार रविवार को गांव में लगे शिविर 39 मरीज पहुंचे इनमें बुखार के मरीजों की संख्या मात्र पांच थी। रविवार को सीएमओ के निर्देश पर गांव में एसीएमओ डॉ. अनिल कुमार वर्मा, एपिडेमिक प्रभारी डॉ. अनिल यादव अपनी टीम के साथ
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ग्रामीण बोले शिविर की दवा से नहीं मिल रही राहत
ग्रामीण रामादेवी का कहना है कि शिविर में दी जाने वाली दवा से उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही है। उन्हें सांंस लेने में दिक्कत और बढ़ गई है। वहीं ग्रामीण बबलू का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के शिविर में मिलने वाली दवा से लोगों को राहत नहीं मिल रही है इसलिए ग्रामीण प्राइवेट इलाज कराने के लिए मजबूर हैं। अमन ने बताया कि शिविर की दवा खाने के बाद उसके शरीर में दाने निकल आए।
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गांव में लगातार शिविर लगाया जा रहा है। अब स्थिति कंट्रोल में है। बुखार के अधिक मरीज नहीं है। अधिकतर मरीजों को खुजली और सांस लेने आदि की दिक्कत है। रविवार को लगाए गए शिविर में केवल बुखार के पांच मरीज ही पहुंचे हैं। लोग भ्रमित न हों गांव में डेंगू या मलेरिया को कोई मरीज नहीं है।

- डॉ. आरसी गुप्ता, सीएमओ
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