फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   102 ambulance stopped outside of hospital in mainpuri

'धक्कामार' सरकारी एंबुलेंस सेवा, रास्ते में हुई बंद, गर्भवती को गोद में अस्पताल लाए परिजन

Fri, 06 Sep 2019 07:37 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 06 Sep 2019 07:37 PM IST
विज्ञापन
102 ambulance stopped outside of hospital in mainpuri
एंबुलेंस को धक्का देते तीमारदार - फोटो : अमर उजाला
मैनपुरी में गर्भवती को लेकर जा रही 102 एंबुलेंस अस्पताल के पास खराब हो गई। परिजनों ने धक्का मारकर उसे स्टार्ट कराने का प्रयास किया। इसी बीच महिला को प्रसव पीड़ा तेज होने पर परिजन उसे गोद में लेकर डिलेवरी रूम तक पहुंचे। यहां महिला ने बच्ची को जन्म दिया है।  
विज्ञापन


शुक्रवार को कुसमरा क्षेत्र के गांव हिरौली निवासी कर्मवीर सिंह की पत्नी दयावती को प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने 102 डायल कर एंबुलेंस बुलाई। 11 बजे चालक आरिफ खां एंबुलेंस लेकर गांव पहुंचा। परिजन जब गर्भवती दयावती को कुसमरा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जा रहे थे। 
विज्ञापन


तभी अस्पताल के गेट के पास अचानक एंबुलेंस बंद हो गई। करीब 20 मिनट तक चालक एंबुलेंस को ठीक करने का प्रयास करता रहा। इस बीच परिजनों से धक्का भी लगवाया, लेकिन एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ी। प्रसव पीड़ा बढ़ने पर परिजन महिला को गोद में उठाकर प्रसव कक्ष तक ले गए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


एंबुलेंस चालक ने बताया कि एंबुलेंस की बैटरी खराब थी, दूसरी गाड़ी न होने पर वह महिला को लेने के लिए धक्का के जरिए एंबुलेंस को स्टार्ट करके गया था। अस्पताल गेट के पास एंबुलेंस अचानक बंद हो गई, जो धक्के से भी स्टार्ट नहीं हुई। महिला को घर से अस्पताल ले जाया जा रहा था। 

एंबुलेंस के रखरखाव में बरती जा रही लापरवाही 

जिले में संचालित 102 एंबुलेंस के रखरखाव में विभाग द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। अधिकारी समय से एंबुलेंस की मरम्मत नहीं करा रहे हैं। इसका नतीजा यह है कि गर्भवती महिलाओं व गंंभीर मरीजों की जान आफत में पड़ जाती है। 

शुक्रवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमरा पर खराब हुई एंबुलेंस का स्ट्रेचर भी खराब था। इसी कारण जब एंबुलेंस अस्पताल के मुख्य गेट पर खराब हुई तो परिजनों को स्ट्रेचर के बजाय गर्भवती को गोद में लेकर जाना पड़ा। 

एंबुलेंस प्रभारी धीरज कुमार ने बताया कि एंबुलेंस के रखरखाव के लिए हरसंभव कार्य किया जा रहा है। जैसे ही चालक द्वारा एंबुलेंस के बारे में जानकारी दी जाती है उसे तुरंत सही कराया जाता है। जो नई एंबुलेंस आई हैं उनमें दो-दो बैटरी हैं, लेकिन पुरानी एंबुलेंस में एक ही बैटरी है। इससे कभी-कभी दिक्कत आ जाती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed