{"_id":"59ee39ea4f1c1b60678b7015","slug":"101508784618-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अक्षांतर-देशांतर फीड करने में कॉलेज संचालकों का खेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अक्षांतर-देशांतर फीड करने में कॉलेज संचालकों का खेल
Updated Tue, 24 Oct 2017 12:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद। यूपी बोर्ड परीक्षाकेंद्र अपने मनमाने ढंग से बनाने के लिए कालेज संचालकों ने शासन की मंशा को फिर फेल करने का दांव चला। निश्चित दूरी पर परीक्षा केंद्र बनाने के लिए बोर्ड ने मोबाइल एप्स से जियो लोकेशन (अक्षांतर-देशांतर) के आदेश दिए, लेकिन दो दर्जन से अधिक कालेज संचालकों ने घर बैठे की जियो दशा फीड कर दी। जो शासन की जांच में पकड़ में आई है। उन विद्यालयों को नोटिस भेजकर दोबारा लोकेशन फीड कराने के आदेश दिए हैं।
परीक्षा केंद्र बनाए जाने की कवायद शुरु हो गई है। इस बार ऑनलाइन परीक्षा केंद्र बनेंगे। परीक्षा केंद्र निश्चित दूरी पर बने, इसके लिए एक माह पूर्व मोबाइल एप्स के माध्यम से अक्षांतर-देशांतर दिशा ट्रेस कराई गई। जिले में 27 कालेज संचालकों ने कालेज की बजाय अन्य स्थान से दूरी फीड कर दी।
जांच में सामने आया है कि कोई स्कूल जसराना में संचालित है, मगर लोकेशन शिकोहाबाद से ट्रेस है। इसी तरह अन्य 26 कालेजों की जियो लोकेशन गलत फीड की है। बोर्ड ने जांच की तो फजीवाड़ा सामने आ गया। बोर्ड ने 25 अक्तूबर तक दोबारा जियो लोकेशन मांगी है। डीआईओएस कार्यालय से नोटिस के अलावा फोन कर कालेज संचालकों से दोबारा लोकेशन मांगी गई है।
विज्ञापन
बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाने के लिए कालेजों की मेरिट बनाई जाएगी। जिसमें कालेजों की सुविधाओं के आधार पर अंक दिए जाएंगे। नवंबर माह में सत्यापन पूरा कर विभाग शासन को भेजेगा।
क्या कहते हैं अधिकारी
विज्ञापन
परीक्षा केंद्र बनाए जाने की कवायद शुरु हो गई है। इस बार ऑनलाइन परीक्षा केंद्र बनेंगे। परीक्षा केंद्र निश्चित दूरी पर बने, इसके लिए एक माह पूर्व मोबाइल एप्स के माध्यम से अक्षांतर-देशांतर दिशा ट्रेस कराई गई। जिले में 27 कालेज संचालकों ने कालेज की बजाय अन्य स्थान से दूरी फीड कर दी।
विज्ञापन
जांच में सामने आया है कि कोई स्कूल जसराना में संचालित है, मगर लोकेशन शिकोहाबाद से ट्रेस है। इसी तरह अन्य 26 कालेजों की जियो लोकेशन गलत फीड की है। बोर्ड ने जांच की तो फजीवाड़ा सामने आ गया। बोर्ड ने 25 अक्तूबर तक दोबारा जियो लोकेशन मांगी है। डीआईओएस कार्यालय से नोटिस के अलावा फोन कर कालेज संचालकों से दोबारा लोकेशन मांगी गई है।
विज्ञापन
बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाने के लिए कालेजों की मेरिट बनाई जाएगी। जिसमें कालेजों की सुविधाओं के आधार पर अंक दिए जाएंगे। नवंबर माह में सत्यापन पूरा कर विभाग शासन को भेजेगा।
क्या कहते हैं अधिकारी