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'...इन्हें जमानत पर छोड़ा तो पब्लिक मार डालेगी'
लखनऊ/ब्यूरो
Updated Tue, 14 May 2013 01:12 AM IST
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महिला और बच्चियों पर अत्याचार करने वालों को बाहर जाने पर पब्लिक जान से मार सकती है, इस बात की चिंता अब अदालतों में भी दिखने लगी है।
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किशोर न्याय (जेजे) बोर्ड लखनऊ ने सोमवार को एक बच्ची से दुष्कर्म का प्रयास करने के एक आरोपी की जमानत अर्जी इस तर्क के साथ खारिज कर दी कि बाहर जाने पर लोग उसे जान से मार सकते हैं।
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बोर्ड ने कहा, जनता आरोपी को मारती-पीटती थाने लाई थी। लोगों में घटना को लेकर अब भी गुस्सा है।
इमरान (नाम परिवर्तित) पर आरोप है कि उसने 27 अप्रैल को लखनऊ के तेली बाग क्षेत्र में दो बालिकाओं का अपहरण कर इनमें से चार वर्ष की एक बच्ची से दुराचार का प्रयास किया।
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कुछ लोगों ने उसे दबोचकर धुनाई कर दी और थाने ले गए। परिजन की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। आरोपी के अभिभावकों का उसके 17 वर्ष के होने का दावा करने पर उसे 29 अप्रैल को जेजे बोर्ड लखनऊ में पेश किया गया जहां से उसे राजकीय संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया।
इमरान के परिवार ने उसकी बेल के लिए अर्जी दाखिल की थी। सोमवार को अर्जी पर बोर्ड सदस्य दिनेश पांडेय और डॉ. रश्मि रस्तोगी ने सुनवाई की।
बोर्ड सदस्यों ने इमरान की जान को खतरा बताते हुए बेल की अर्जी खारिज कर दी। सदस्यों ने कहा कि इमरान को संप्रेक्षण गृह से बाहर भेजना उसकी जान खतरे में डालने के बराबर है।
बोर्ड ने इमरान के व्यवहार पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि वह अपने अभिभावकों के नियंत्रण में नहीं है। इन हालात में उसे वापस उसी माहौल में भेजना भी उसके हित में नहीं होगा।