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बुद्धेश्वर की आराधना को उमड़े भक्त
Lucknow
Updated Thu, 25 Jul 2013 05:33 AM IST
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लखनऊ। सावन के पहले बुधवार को मोहान रोड स्थित बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में भोर से ही भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। यहां हजारों भक्तों ने बुद्धेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना की। यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा और बाबा के जयकारों से इलाका गूंजता रहा। भोर की आरती और पूजन के बाद मंदिर के कपाट खुले। बुधवार को दर्शनों की विशेष मान्यता के चलते आसपास के इलाकों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुटे। वहीं, बुद्धेश्वर महादेव मेले में भी बच्चों ने जमकर झूला-चकरी का लुत्फ उठाया। वहीं, लोगों ने मेले में लगी सैकड़ों स्टॉलों पर जमकर खरीददारी की।
सावन के पहले बुधवार को बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही भक्तों की कतारें दूर-दूर तक लगना शुरू हो गई। कतारों में दोपहर तक महिलाओं की संख्या अधिक रही। वहीं, शाम तक पुरुष श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता रहा। लोगों को दर्शन-पूजन के लिए घंटों कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। पूजा-अर्चना के बाद भक्तों ने सीता कुंड के भी दर्शन किए। रात की महाआरती में मंदिर परिसर खचाखच भरा था। भक्तों की मंदिर परिसर से बाहर तक कतार लगी रही। महाआरती के बाद मेला परवान चढ़ा। यहां लोगों ने जमकर खरीददारी करने के साथ ही स्टॉलों पर विभिन्न लजीज व्यंजनों का स्वाद चखा। बच्चों ने झूला झूले तो बड़ों ने घरेलू सामान खरीदा। आलमनगर रेलवे क्रॉसिंग से लेकर बुद्धेश्वर मंदिर चौराहे और भपटामऊ गांव के किनारे-किनारे तक लगने वाले मेले में शाम तक खूब चहल-पहल रही। हालांकि पहला बुधवार होने के चलते भीड़ पिछले साल की अपेक्षा कम रही। ट्रैफिक डायवर्जन के बावजूद कुछेक बाइक सवार मेला क्षेत्र से गुजरे तो दुकानदारों से छिटपुट कहासुनी भी हुई। मेला समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि 31 जुलाई, 7, 14 और 21 अगस्त को भी मेला लगेगा।
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सावन के पहले बुधवार को बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही भक्तों की कतारें दूर-दूर तक लगना शुरू हो गई। कतारों में दोपहर तक महिलाओं की संख्या अधिक रही। वहीं, शाम तक पुरुष श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता रहा। लोगों को दर्शन-पूजन के लिए घंटों कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। पूजा-अर्चना के बाद भक्तों ने सीता कुंड के भी दर्शन किए। रात की महाआरती में मंदिर परिसर खचाखच भरा था। भक्तों की मंदिर परिसर से बाहर तक कतार लगी रही। महाआरती के बाद मेला परवान चढ़ा। यहां लोगों ने जमकर खरीददारी करने के साथ ही स्टॉलों पर विभिन्न लजीज व्यंजनों का स्वाद चखा। बच्चों ने झूला झूले तो बड़ों ने घरेलू सामान खरीदा। आलमनगर रेलवे क्रॉसिंग से लेकर बुद्धेश्वर मंदिर चौराहे और भपटामऊ गांव के किनारे-किनारे तक लगने वाले मेले में शाम तक खूब चहल-पहल रही। हालांकि पहला बुधवार होने के चलते भीड़ पिछले साल की अपेक्षा कम रही। ट्रैफिक डायवर्जन के बावजूद कुछेक बाइक सवार मेला क्षेत्र से गुजरे तो दुकानदारों से छिटपुट कहासुनी भी हुई। मेला समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि 31 जुलाई, 7, 14 और 21 अगस्त को भी मेला लगेगा।
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