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एलएंडटी की ट्यूनिंग या डीएमआरसी की क्रेडिबिलिटी
Lucknow
Updated Sat, 22 Jun 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। राजधानी में मेट्रो रेल नेटवर्क बिछाने के लिए निर्माणकर्ता कंपनी लार्सन एंड टूब्रो लिमिटेड (एलएंडटी) या दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) में से किसी एक का चयन हो सकता है। अगले कुछ दिनों में कैबिनेट की बैठक होगी, जिसमें स्पेशल पर्पज व्हीकल के स्वरूप को स्वीकृति के लिए पेश किया जाएगा। इसके बाद मेट्रो एक्ट को केंद्र सरकार के समक्ष रखा जाएगा। इन दोनों प्रक्रियाओं के बाद टेंडर प्रक्रिया करके कंपनी का चुनाव किया जाएगा। फिलहाल मेट्रो निर्माण क्षेत्र में ज्यादा कंपनियां नहीं हैं। एलएंडटी और डीएमआरसी के अलावा कुछ गिने-चुने नाम ही हैं। देश में ज्यादातर जगहों पर डीएमआरसी ही मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का निर्माण करा रहा है, जबकि एलएंडटी के अधिकारी इस परियोजना को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के साथ लगातार संपर्क में हैं। लखनऊ में पहले पीपीपी के तहत मेट्रो रेल के निर्माण और संचालन की तैयारी की गई थी, मगर पिछले दिनों हाईपावर कमेटी की बैठक के बाद घोषित किया गया कि डीएमआरसी के 50-50 मॉडल पर निर्माण होगा। इस मॉडल में केंद्र और प्रदेश सरकार प्रोजेक्ट पर आधा खर्च करते हैं। बाकी धन ऋण के जरिये जुटाया जाता है। इस मॉडल के आने के बाद डीएमआरसी भी लखनऊ मेट्रो निर्माण के लिए बड़ा दावेदार बन गया, जबकि पीपीपी मॉडल होने की दशा में एलएंडटी से आगे कोई नहीं था। देश में एलएंडटी, गैमन, रिलायंस के अलावा कुछ और कंपनियां मेट्रो रेल निर्माण का काम कर रही हैं।
संपर्क में एलएंडटी, डीएमआरसी बड़ी पसंद ः पिछले तीन साल से एलडीए और एलएंडटी के बीच खासी ट्यूनिंग है। अब एलडीए ही मेट्रो रेल के लिए नोडल एजेंसी है तो एलएंडटी को प्रोजेक्ट करने की कोशिश की जा रही है। एलएंडटी ने राजधानी में अच्छा खासा ढांचा व्यवस्थित कर दिया है। वहीं, डीएमआरसी भी इस परियोजना के लिए बड़ी पसंद है। उसकी विश्वसनीयता का नजारा पूरे देश में दिखता है। हालांकि डीएमआरसी ठेका लेने के बाद सभी काम अन्य कंपनियों से कराती है।
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संपर्क में एलएंडटी, डीएमआरसी बड़ी पसंद ः पिछले तीन साल से एलडीए और एलएंडटी के बीच खासी ट्यूनिंग है। अब एलडीए ही मेट्रो रेल के लिए नोडल एजेंसी है तो एलएंडटी को प्रोजेक्ट करने की कोशिश की जा रही है। एलएंडटी ने राजधानी में अच्छा खासा ढांचा व्यवस्थित कर दिया है। वहीं, डीएमआरसी भी इस परियोजना के लिए बड़ी पसंद है। उसकी विश्वसनीयता का नजारा पूरे देश में दिखता है। हालांकि डीएमआरसी ठेका लेने के बाद सभी काम अन्य कंपनियों से कराती है।
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