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दो बीएड कॉलेजों में दाखिले पर लगी रोक

Wed, 08 May 2013 05:30 AM IST
Lucknow
Lucknow Updated Wed, 08 May 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय से जुड़े दो कॉलेजों पर संबद्घता के मानक पूरा न करना भारी पड़ा है। कार्यपरिषद ने इन कॉलेजों की बीएड से संबद्घता से इन्कार करते हुए नए सत्र से दाखिले पर रोक लगा दी है। वहीं, दूसरी ओर लविवि की सूची में बीएड के दो नए कॉलेज बढ़ गए हैं। ऐसे में बीएड में दाखिले के मौके फिलहाल नहीं घटेंगे।
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लविवि के कार्यपरिषद की बैठक मंगलवार को कार्यवाहक कुलपति प्रो. एके सेनगुप्ता की अध्यक्षता में हुई। बैठक का अहम मुद्दा 38 कॉलेजों के संबद्घता का था। इसमें ज्यादातर मसले बीएड कॉलेजों के थे। डॉ. एमससी सक्सेना कॉलेज में बीएड की अस्थायी संबद्घता के विस्तार का प्रकरण रखा गया। ईसी ने पाया कि जिन शर्तों पर कॉलेज को संबद्घता दी गई थी, वह पूरी नहीं की गई है इसलिए विस्तार न देने का फैसला लिया गया। वहीं, सेंट्रल वुमेन्स कॉलेज की स्थायी संबद्घता का प्रकरण था। मंगलवार को कॉलेज के निरीक्षण की दोबारा रखी रिपोर्ट में भी मानक न पूरे होने की बात कही गई, इसलिए कार्यपरिषद ने इसकी भी संबद्घता रोक दी। इन दोनों कॉलेजों में नए सत्र में बीएड के दाखिले नहीं होंगे। दूसरी ओर, नए सत्र से इनोवेटिव कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट और एचएलवाई कॉलेज के रूप में बीएड के दो नए कॉलेजों को संबद्घता दी गई है। प्रत्येक कॉलेज में 100-100 सीटें हैं। नए सत्र से जीएसआरएम डिग्री कॉलेज और रामा डिग्री कॉलेज में एमएड का पाठ्यक्रम भी संचालित होगा। आशा स्मृति महाविद्यालय में बीएड की स्थायी संबद्घता का प्रकरण भी बैठक में आया। फिलहाल कॉलेज को एक वर्ष का और स्थायी विस्तार दे दिया गया है। फ्लोरेंस नाइंटगेल कॉलेज के रूप में लविवि के कुनबे में एक और कॉलेज जुड़ा है। यहां बीकॉम की पढ़ाई होगी।
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लविवि में इंटरनल ऑडिट सेल बनाए जाने की बात पर सहमति बन गई। समिति के समक्ष रखे गए प्रस्ताव को सदस्यों ने आम सहमति से कुछ संसोधनों के साथ सेल बनाए जाने का रास्ता साफ कर दिया है। जूलोजी विभाग के प्रो. सुधीर कुमार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से रिसर्च अवार्ड के कारण शोध कार्य के लिए दो साल के अवैतनिक अवकाश के प्रत्यावेदन पर भी स्वीकृति दे दी गई।
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