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संदिग्ध हालात में मिला प्रॉपर्टी डीलर का शव
Lucknow
Updated Thu, 21 Mar 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। मोहनलालगंज कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार रात एक प्रॉपर्टी डीलर की रहस्यमय हालात में मौत हो गई। बुधवार सुबह कनकहां गांव के पास उसका शव सड़क के किनारे पड़ा मिला। उसके मुंह से खून निकल रहा था, जबकि कुछ दूरी पर बाइक खड़ी थी। प्रॉपर्टी डीलर का सेलफोन भी गायब है। हालांकि परिजनों के पहुंचने से पहले पुलिस शव थाने उठा लाई और संदेहास्पद परिस्थितियों के बावजूद चौकीदार की तहरीर पर अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। उधर, परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस पर लीपापोती का आरोप लगाया है।
टिकरा मस्तीपुर गांव के किसान अवसान का इकलौता बेटा मनोज रावत उर्फ मायाराम (42) पीजीआई के कल्ली पश्चिम गांव में अपने परिवार के साथ रहकर प्रॉपर्टी डीलर का काम करता था। उसके बहनोई ओमप्रकाश के मुताबिक, मनोज मंगलवार की रात करीब आठ बजे बाइक से जेसीबी मशीन लेने के लिए निकला था। देर रात तक घर न पहुंचने पर पत्नी नीलम ने खोजबीन शुरू की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। सेलफोन मिलाने पर बंद मिला। बुधवार सुबह कनकहां गांव के पास लखनऊ-रायबरेली मार्ग के किनारे एक शव पड़ा मिला। जेब से मिले निर्वाचन कार्ड से मनोज की शिनाख्त हुई। डायरी में लिखे सेलफोन नंबर पर पुलिस ने सूचना दी और परिजनों के पहुुंचने से पहले ही पंचनामा कर शव थाने उठा लाई। थाने पहुंचे परिजनों ने शव दिखाने के लिए कहा, लेकिन पुलिस ने पंचनामा भरे जाने की बात कहकर शव दिखाने से मना कर दिया। इसके बाद पुलिस ने हादसा बताते हुए चौकीदार सर्वेश की तहरीर पर अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया और पिता अवसान से बिना कुछ बताए हस्ताक्षर भी करा लिया।
बहनोई ओमप्रकाश का कहना है कि पुलिस घटना को हादसा बताने पर तुली है, जबकि बाइक में कहीं खरोच के निशान नहीं हैं। सेलफोन भी रात से ही बंद है और अब भी नहीं मिला है। परिजनों ने कहा कि मनोज की हत्या की गई है।
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टिकरा मस्तीपुर गांव के किसान अवसान का इकलौता बेटा मनोज रावत उर्फ मायाराम (42) पीजीआई के कल्ली पश्चिम गांव में अपने परिवार के साथ रहकर प्रॉपर्टी डीलर का काम करता था। उसके बहनोई ओमप्रकाश के मुताबिक, मनोज मंगलवार की रात करीब आठ बजे बाइक से जेसीबी मशीन लेने के लिए निकला था। देर रात तक घर न पहुंचने पर पत्नी नीलम ने खोजबीन शुरू की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। सेलफोन मिलाने पर बंद मिला। बुधवार सुबह कनकहां गांव के पास लखनऊ-रायबरेली मार्ग के किनारे एक शव पड़ा मिला। जेब से मिले निर्वाचन कार्ड से मनोज की शिनाख्त हुई। डायरी में लिखे सेलफोन नंबर पर पुलिस ने सूचना दी और परिजनों के पहुुंचने से पहले ही पंचनामा कर शव थाने उठा लाई। थाने पहुंचे परिजनों ने शव दिखाने के लिए कहा, लेकिन पुलिस ने पंचनामा भरे जाने की बात कहकर शव दिखाने से मना कर दिया। इसके बाद पुलिस ने हादसा बताते हुए चौकीदार सर्वेश की तहरीर पर अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया और पिता अवसान से बिना कुछ बताए हस्ताक्षर भी करा लिया।
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बहनोई ओमप्रकाश का कहना है कि पुलिस घटना को हादसा बताने पर तुली है, जबकि बाइक में कहीं खरोच के निशान नहीं हैं। सेलफोन भी रात से ही बंद है और अब भी नहीं मिला है। परिजनों ने कहा कि मनोज की हत्या की गई है।
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