{"_id":"124-54182","slug":"Lucknow-54182-124","type":"story","status":"publish","title_hn":"परीक्षाओं से संकट टला, कार्य बहिष्कार खत्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परीक्षाओं से संकट टला, कार्य बहिष्कार खत्म
Lucknow
Updated Sun, 10 Mar 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय की वार्षिक परीक्षाओं से संकट पूरी तरह टल गया है। फुपुक्टा के आह्वान के बाद लुआक्टा ने भी परीक्षा बहिष्कार वापस ले लिया है। सोमवार से होने वाली विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में डिग्री शिक्षक पूरी तरह से शामिल होंगे। लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ के आह्वान पर लविवि के डिग्री कॉलेजों के शिक्षक एरियर भुगतान की मांग को लेकर 28 जनवरी से ही परीक्षा बहिष्कार पर थे। इसके चलते कई कॉलेजों में प्रैक्टिकल परीक्षाएं स्थगित करनी पड़ी थीं। इस बीच फरवरी में तीन दिनों के लिए लखनऊ यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (लूटा) भी उनके साथ बहिष्कार में शामिल हुआ था जिससे चार मार्च से शुरू हुईं वार्षिक परीक्षाएं मुश्किल में पड़ गई थीं। हालांकि, बाद में लूटा पलट गया। लविवि प्रशासन ने शोध छात्रों और स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षकों के सहारे वार्षिक परीक्षाएं शुरू करा दी। परीक्षा का पहला सप्ताह बीत गया लेकिन खास मुश्किलें नहीं आईं। कुछ कॉलेजों में जरूर लविवि को कक्ष निरीक्षक भेजने पड़े। लविवि की टाइमटेबल बनाने में दिखाई गई दूरदर्शिता भी इसकी खास वजह रही। पहले सप्ताह में बड़े विषयों की परीक्षा न होने के चलते आयोजन में कोई समस्या नहीं आई लेकिन अगले सप्ताह से मुश्किलें बढ़ने की उम्मीद थी। मंगलवार को प्राचार्य परिषद ने भी यह मुद्दा उठाया था। प्राचार्यों का कहना था कि लुआक्टा के परीक्षा बहिष्कार के चलते पहले ही परीक्षा प्रभावित हो रही है। जैसे ही बड़ी परीक्षाएं प्रारंभ होंगी, परीक्षा कराना और उसकी शुचिता बनाए रखना कठिन हो जाएगा। फिलहाल लविवि प्रशासन इस धर्मसंकट से बच गया है। लुआक्टा के अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडेय का कहना है कि मुख्यमंत्री से हुई वार्ता के बाद फुपुक्टा ने कार्य बहिष्कार स्थगित करने का फैसला किया है। लुआक्टा ने भी इसके अनुपालन में परीक्षा बहिष्कार खत्म कर दिया है। सोमवार से परीक्षाओं में अनुदानित डिग्री कॉलेजों के शिक्षक भी पूरे मनोयोग से अपना सहयोग देंगे।
12 सेंटर पर महज 245 परीक्षार्थी ः शनिवार को सुबह की पाली में हुई परीक्षा में 12 सेंटरों पर महज 245 परीक्षार्थी ही पंजीकृत थे। सुबह बीए थर्ड ईयर एंथ्रोपोलॉजी की परीक्षा थी। इसमें भी 145 परीक्षार्थी लविवि सेंटर पर ही थे। शेष 11 सेंटरों पर 100 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। शाम की पाली में जरूर परीक्षार्थियों की संख्या 7200 से अधिक रही और 32 सेंटरों पर परीक्षा हुई। इस दौरान तीन नकलची भी पकड़े गए।
विज्ञापन
12 सेंटर पर महज 245 परीक्षार्थी ः शनिवार को सुबह की पाली में हुई परीक्षा में 12 सेंटरों पर महज 245 परीक्षार्थी ही पंजीकृत थे। सुबह बीए थर्ड ईयर एंथ्रोपोलॉजी की परीक्षा थी। इसमें भी 145 परीक्षार्थी लविवि सेंटर पर ही थे। शेष 11 सेंटरों पर 100 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। शाम की पाली में जरूर परीक्षार्थियों की संख्या 7200 से अधिक रही और 32 सेंटरों पर परीक्षा हुई। इस दौरान तीन नकलची भी पकड़े गए।
विज्ञापन