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मोहनलालगंज में तेंदुए ने किया हमला

Lucknow Updated Mon, 11 Feb 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। मोहनलालगंज के दहियर गांव में हिंसक जानवर ने रविवार रात खेतों की निगरानी कर रहे ग्रामीणों पर हमला बोल दिया। हालांकि, ग्रामीण पहले से ही सतर्क थे और उनके शोर मचाने पर वह झाड़ियों की ओर भाग निकला। रविवार रात करीब नौ बजे सरसों के खेत से बाहर निकले जानवर ने दहाड़ के साथ सामने 50 फीट की दूरी पर मौजूद ग्रामीणों पर दो लंबी छलांगें लगाईं। ग्रामीणों के मुताबिक हमला करने वाला जानवर तेंदुआ ही था। तेंदुए के दिखने के बावजूद वन विभाग की उदासीनता से ग्रामीणों में दहशत है। उधर, वन विभाग लगातार दूसरे दिन भी इलाके में किसी बड़े हिंसक जानवर की मौजूदगी से इनकार कर रहा है।
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गौरतलब है कि शनिवार को ग्रामीणों ने हिंसक जानवर के पगचिह्न देखे थे और दहशत में रात बिताने के बाद उन्होंने रविवार सुबह भी खेतों और चकमार्गों का मुआयना किया। दहियर गांव निवासी रफीक के घर के सामने खेतों में जानवर के पगचिह्न दिखे। दहशतजदा ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। मौके पर पहुंचे रेंजर आरबी सिंह बिना जांच पड़ताल किए ग्रामीणों को सतर्क रहने की बात कहकर लौट गए। डीएफओ (लखनऊ) एससी यादव ने बताया कि टीम ने सुबह भी इलाके का दौरा किया था लेकिन टीम को पगचिह्नों के अलावा कुछ और नहीं मिला।


ग्रामीणों ने खुद की मचान बांधने की तैयारी
वन विभाग के उदासीन रवैये से नाराज ग्रामीणों ने खुद ही इलाके में रतजगा कर हिंसक जानवर को सामने से देखने की योजना बनाई और खेतों में ऊंची मचान बांधने की तैयारी कर ली। रविवार रात करीब नौ बजे के बाद ग्रामीणों को इलाके के रामसिंह मौर्या के सरसों के खेत में किसी बड़े जानवर की आहट सुनाई दी। खेत से नजदीक पेड़ों के पास ग्रामीणों ने जब रोशनी की तो हिंसक वन्यजीव 12-15 फीट की दो छलांग लगाते हुए उनकी ओर लपका। अचानक हुए इस हमले से घबराए ग्रामीणों ने शोर मचाना शुरू किया तो वह झाड़ियों की ओर भाग निकला। रवींद्र और श्रवण तिवारी ने बताया कि उनकी ओर कूदा जीव तेंदुए जैसा दिख रहा था। इलाके के महाबीर ने भी खेतों में तेंदुआ दिखने का दावा किया।

अफसर समझकर नेताजी को घेरा
वन विभाग की लापरवाही से नाराज ग्रामीणों ने रविवार सुबह इलाके में अपनी जमीन देखने पहुंचे एक नेताजी को घेरकर हंगामा किया। लालबत्ती से पहुंचे नेताजी यहां अपनी जमीन देखने आए थे लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें अधिकारी समझकर अपनी मांगें बताईं और उन्हें घेर लिया। किसी तरह नेताजी वहां से खिसक लिए। ग्रामीणों के मुताबिक दहियर गांव से लगभग 400 मीटर की दूरी पर खेतों के साथ आसपास के जंगलों में भी हिंसक जानवरों के पगचिह्न मिले हैं।

दहशत से लोग घरों में दुबके
इलाके में दिनभर बाघ-तेंदुए दिखने की चर्चा होती रही। वन विभाग की टीम के किसी निष्कर्ष पर न पहुंचने पर इस चर्चा को बल मिला। रात में जानवर के हमले के बाद लोग और डर गए। शाम होते ही बाजारों और चकमार्गों से लगे इलाकों में आवाजाही कम हो गई। दहियर गांव के आसपास के इंद्रजीत खेड़ा, गनेशखेड़ा, पूरनपुर, शिवडेरा गांवों और कस्बों के ग्रामीण भी दहशत की वजह से घरों में दुबके रहे।

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