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महिला कर्मचारी को बंधक बना दुष्कर्म का प्रयास
Lucknow
Updated Mon, 04 Feb 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। एक निजी कंपनी के केयरटेकर व एसआरएम ने महिला सहकर्मी की मदद से एक महिला कर्मचारी को बंधक बनाकर दुष्कर्म का प्रयास का किया। किसी तरह वहां से भागी महिला ने पति को आपबीती सुनाई और सरोजनीनगर थाना पुलिस को तहरीर दी। मामला 29 जनवरी का है लेकिन पुलिस दो दिन तक उसे दबाने में जुटी रही। बाद में पीली पर्ची काट जांच शुरू की। पुलिस का कहना है कि जांच में युवती का आरोप फर्जी पाया गया।
पुलिस के मुताबिक, मोहनलालगंज इलाके के एक गांव की बाईस वर्षीय रेनू (काल्पनिक नाम) ने सरोजनीनगर थाना क्षेत्र के बिजनौर स्थित मोटर कंपनी के पार्ट्स बनाने वाली एक फैक्ट्री में 1 जनवरी को नौकरी ज्वॉइन की थी। रेनू का आरोप है कि बीती 29 जनवरी को कंपनी के केयरटेकर धीरज पाल सिंह और एसआरएम प्रमोद कुमार ने कंपनी की एक महिला की मदद से उसे फैक्ट्री के दफ्तर में बुलाया और धोखे से एक कमरे में ले गए। तीनों ने उसे कमरे में सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक बंधक बनाए रखा। इस दौरान धीरज व प्रमोद ने उसके साथ अश्लील हरकतें कीं और विरोध पर जान से मारने की धमकी देते हुए दुष्कर्म का प्रयास किया। महिला का आरोप है कि किसी तरह वहां से भागकर वह घर पहुंची और पति को आपबीती सुनाई। पति ने कंपनी के केयरटेकर, एसआरएम व महिला सहकर्मी के खिलाफ सरोजनीनगर पुलिस को तहरीर दिलाई। दो दिन तक पुलिस मामले को दबाने में जुटी रही। अफसरों से शिकायत करने की बात पर पुलिस ने एक फरवरी को पीली पर्ची कटवा कर उसे टरका दिया।
वहीं, एसओ सरोजनीनगर सुरेश यादव का कहना है कि महिला ने एक फरवरी को शिकायत की थी। उसकी तहरीर पर जांच कराई गई। फैक्ट्री के कर्मचारियों व मजदूरों के बयान लिए गए। जांच में मामला फर्जी पाया गया। कंपनी के अफसरों ने बताया कि नौकरी से निकाले जाने के कारण युवती ने ऐसा आरोप लगाया। वहीं पीड़ित ने पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है।
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पुलिस के मुताबिक, मोहनलालगंज इलाके के एक गांव की बाईस वर्षीय रेनू (काल्पनिक नाम) ने सरोजनीनगर थाना क्षेत्र के बिजनौर स्थित मोटर कंपनी के पार्ट्स बनाने वाली एक फैक्ट्री में 1 जनवरी को नौकरी ज्वॉइन की थी। रेनू का आरोप है कि बीती 29 जनवरी को कंपनी के केयरटेकर धीरज पाल सिंह और एसआरएम प्रमोद कुमार ने कंपनी की एक महिला की मदद से उसे फैक्ट्री के दफ्तर में बुलाया और धोखे से एक कमरे में ले गए। तीनों ने उसे कमरे में सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक बंधक बनाए रखा। इस दौरान धीरज व प्रमोद ने उसके साथ अश्लील हरकतें कीं और विरोध पर जान से मारने की धमकी देते हुए दुष्कर्म का प्रयास किया। महिला का आरोप है कि किसी तरह वहां से भागकर वह घर पहुंची और पति को आपबीती सुनाई। पति ने कंपनी के केयरटेकर, एसआरएम व महिला सहकर्मी के खिलाफ सरोजनीनगर पुलिस को तहरीर दिलाई। दो दिन तक पुलिस मामले को दबाने में जुटी रही। अफसरों से शिकायत करने की बात पर पुलिस ने एक फरवरी को पीली पर्ची कटवा कर उसे टरका दिया।
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वहीं, एसओ सरोजनीनगर सुरेश यादव का कहना है कि महिला ने एक फरवरी को शिकायत की थी। उसकी तहरीर पर जांच कराई गई। फैक्ट्री के कर्मचारियों व मजदूरों के बयान लिए गए। जांच में मामला फर्जी पाया गया। कंपनी के अफसरों ने बताया कि नौकरी से निकाले जाने के कारण युवती ने ऐसा आरोप लगाया। वहीं पीड़ित ने पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है।
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