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150 साल की विरासत में लगे चार चांद

Fri, 26 Oct 2012 12:00 PM IST
Lucknow
Lucknow Updated Fri, 26 Oct 2012 12:00 PM IST
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लखनऊ। लखनऊ क्रिश्चियन डिग्री कॉलेज के लिए गुरुवार को दिन यादगार रहा, जब देश के पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने कॉलेज के 150 वर्ष पूरे होने पर आयोजित तीन दिवसीय टेक्नो क्वेस्ट - 2012 का उद्घाटन किया। इस दौरान डॉ. कलाम ने अपने चिरपरिचित अंदाज में युवाओं का मन मोह लिया।
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आयोजन की शुरुआत कॉलेज प्राचार्य डॉ. डीए हैरिसन द्वारा स्वागत भाषण से हुई। उन्हाेंने बताया कि क्वेस्ट का आयोजन विद्यार्थियों को ऐसा मंच देना है, जहां वे कारोबारी जगत के बारे में एक्सपोजर पा सकें। आयोजन कॉलेज के कंप्यूटर एप्लीकेशंस विभाग द्वारा कराया जा रहा है, जिसमें करीब 60 विद्यार्थी अपने पत्र प्रस्तुत करेंगे। वहीं, आईआईएम लखनऊ के प्रो. भरत भास्कर ने डॉ. कलाम का स्वागत किया और बताया कि कैसे न्यूक्लियर बम, ऑटोमोबाइल, कंप्यूटर तकनीकी आधारित अर्थव्यवस्था जैसे चरणों से होते हुए तकनीकी का विकास हुआ। आज वेब आधारित तकनीक में अपार संभावनाएं मौजूद हैं और ये रोजगार पैदा करते हुए आर्थिक क्रांति का आधार बन रही है। आयोजन सचिव अरविंद शर्मा ने संगोष्ठी के बारे में विस्तृत जानकारियां दीं।
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हर युवा है असाधारण...
बतौर मुख्य अतिथि आयोजन में शरीक हुए डॉ. कलाम ने विद्यार्थियों को अपने विचारों से प्रोत्साहित और रोमांचित किया। उन्हाेंने कॉलेज को 150 साल पूरे करने पर बधाई देते हुए कहा कि संस्थान ने सूर्य की 150 परिक्रमाएं कर ली हैं, जो बेहद खास उपलब्धि है। वहीं आयोजन स्थल फेयर फील्ड हॉल में मौजूद सैकड़ों युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्हाेंने कहा कि श्रीनिवास रामानुजन, सीवी रमन, डॉ. विक्रम साराभाई, वर्गीज कुरियन आदि की तरह सभी विशिष्ट होना चाहते हैं, लेकिन आर्थिक और सामाजिक स्तर सभी को इसका मौका नहीं देता। ऐसे में खुद युवाओं को परिस्थितियों से लड़कर अपने को असाधारण साबित करना होगा।
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शिक्षा है तुम्हारे पंख : शिक्षा का महत्व बताते हुए कलाम ने विद्यार्थियों से कहा कि अगर दिमाग में जीतने की इच्छा और शिक्षा है तो वह एक ऐसी आग पैदा करते हैं जो सफलता दिलाएगी। शिक्षा ही वह पंख है जो जीतने की क्षमता देती है।

ये करो, दुनिया तुम्हें याद रखेगी : डॉ. कलाम ने विद्यार्थियों और अध्यापकों से आह्वान किया कि वे अपने से सवाल करें ‘उन्हें संसार क्यों याद रखेगा?’ इसका जवाब ही उनका मार्गदर्शक बनेगा। उन्हाेंने कॉलेज को ‘प्रोवाइडिंग अरबन एम्निटीज इन रूरल एरियाज’ कार्यक्रम शुरू करने की अपील की, जिसमें लखनऊ के आसपास मौजूद 1 लाख से कम आबादी वाले गांवों के विकास के लिए विद्यार्थी काम करेंगे।


कलाम का कमाल : सादगी से जीते दिल, मंच पर पहुंचते ही डॉ. कलाम ने देखा कि उनके लिए विशेष बड़ी कुर्सी लगाई गई है। उन्हाेंने ‘छोटी कुर्सी लाओ, यह तो बड़े साहब की कुर्सी है’ कहते हुए इसे हटाने के लिए कहा। इससे भी बड़ा सप्राइज तब हुआ जब कलाम अपने तय समय से 20 मिनट पहले ही क्रिश्चियन कॉलेज पहुंच गए। दरअसल वे एनबीआरआई डायमंड जुबली समारोह में शामिल हुए थे। पहले के शेड्यूल में एनबीआरआई से क्रिश्चियन कॉलेज पहुंचने के लिए 45 मिनट का अतिरिक्त समय रखा गया था, लेकिन एनबीआरआई में कार्यक्रम तय समय से पूरे हो गए और कलाम तुरंत ही क्रिश्चियन कॉलेज रवाना हो गए और करीब 20 मिनट पहले कार्यक्रम में पहुंच गए। हालांकि वीवीआईपी अतिथि के इस तरह बेतकल्लुफी से पहुंचने से कॉलेज में जबरदस्त अचंभे का माहौल रहा।
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