{"_id":"40911","slug":"Lucknow-40911-124","type":"story","status":"publish","title_hn":"पत्नी के घर पर पेट्रोल बम से हमला, गिरफ्तार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पत्नी के घर पर पेट्रोल बम से हमला, गिरफ्तार
Lucknow
Updated Wed, 22 Aug 2012 12:00 PM IST
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लखनऊ। मड़ियांव की पलटन छावनी में एक दबंग युवक ने दो साथियों की मदद से अपनी पत्नी के घर पर रविवार देर रात पेट्रोल बम से हमला बोल दिया। जोरदार धमाके से पूरा इलाका दहल गया। हमले में घर की दीवारें दरक गईं, दरवाजे उखड़कर दूर जा गिरे और स्कूटी व बाइक समेत सारा सामान धूं-धूं कर जल गया। युवती ने तीन हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने एक आरोपी को रायबरेली के अस्पताल से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, लखीमपुर खीरी के मोहल्ला श्यामनगर निवासी सारिका सिंह व मेघा सिंह पलटन छावनी में बृजमोहन शर्मा के तीन मंजिले मकान में भूतल पर रहती हैं। सारिका एलएलबी कर रही है और मेघा एमबीए की छात्रा है। दोनों बहनें 14 अगस्त को घर पर ताला लगाकर लखीमपुर गईं थीं। मकान के प्रथम तल पर किराएदार अखिलेश वर्मा मेन गेट पर ताला लगाकर सो गए। बताते हैं कि रात करीब तीन बजे तेज धमाका सुनकर अखिलेश कमरे से निकला तो भूतल से उठ रही भीषण लपटें प्रथम तल तक पहुंच चुकी थीं। वह किसी तरह घर से निकला। इस बीच आसपास के लोग एकत्र हो गए। उन्होंने पुलिस व दमकल दस्ते को फोन किया। पुलिस ने शार्ट सर्किट से आग बताते हुए मामला रफा-दफा करने की कोशिश की लेकिन घर में रखे गैस सिलेंडर सुरक्षित नजर आने पर नागरिकों ने बम से हमले की बात कहते हुए कार्रवाई की मांग की। मामला तूल पकड़ते देख एसओ मड़ियांव अशोक कुमार यादव ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी। फील्ड यूनिट, एटीएस, विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम व अन्य दस्तों ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके।
इसी बीच सारिका व मेघा भी मौके पर पहुंची। उन्होंने बाराबंकी के कोठी थाने के गांव ककराहा निवासी रणजंय सिंह उर्फ रंजीत, वीरेंद्र वर्मा व रोमेश उर्फ उमेश पर बम से हमले का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। मेघा ने आरोप लगाया कि रणंजय व उसके दो साथियों ने 14 अगस्त को इंजीनियरिंग कॉलेज के पास उससे सरेराह छेड़खानी करते हुए मारुति कार से अगवा करने का प्रयास किया था। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह उसे बचाया। इसकी मड़ियांव थाने में शिकायत की थी लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इस पर वह अपने पैतृक घर चली गई थी। सारिका का कहना है कि रणंजय व उसके साथियों को इसकी जानकारी नहीं थी। हमलावरों ने दोनों बहनों को जान से मारने के इरादे से बम से हमला किया है। हमले में स्कूटी, पंखा, कंप्यूटर समेत घर का सारा सामान जल गया।
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तहकीकात में जुटे एसओ अशोक यादव ने बताया कि सारिका व रणजंय में प्रेम प्रसंग था। दोनों ने शादी कर ली थी लेकिन कुछ ही दिनों में अनबन होने पर सारिका अपनी बहन के साथ अलग रहने लगी। हमले का मामला दर्ज करके आरोपियों की तलाश में दबिश दी और रणंजय को रायबरेली के एनटीपीसी अस्पताल ऊंचाहार से गिरफ्तार कर लिया।
हमले में खुद भी झुलसा आरोपी
पुलिस का कहना है कि सारिका के घर हमले के दौरान आरोपी रणंजय सिंह भी झुलस गया था। वारदात को अंजाम देने के बाद वह एनटीपीसी अस्पताल ऊंचाहार में इलाज करा रहा था। उसने पूछताछ में कबूला कि रविवार देर रात अपनी पत्नी सारिका के घर गया था। वहां माचिस जलाते समय अचानक आग लग गई और धमाका हुआ। इसमें वह भी झुलस गया। पुलिस ने उससे विस्तृत पूछताछ के लिए कोर्ट में कस्टडी रिमांड की अर्जी दी है।
लावारिस खड़ी थी बाइक
पलटन छावनी के कुछ लोगों ने जानकारी दी है कि एक युवक रविवार दोपहर बाइक से आया था। उसने सारिका व मेघा के घर से थोड़ी दूर बाइक खड़ी की और कुछ देर टहलने के बाद बाइक छोड़कर अपने अन्य साथियों के साथ चला गया। नागरिकों का मानना है कि रात में चेकिंग के दौरान पकड़े जाने के डर से हमलावरों ने पेट्रोल बम या अन्य विस्फोटक को बाइक में रखकर पहले ही मौके पर पहुंचा दिया था और रात में वारदात को अंजाम देकर भाग निकले।
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पुलिस के मुताबिक, लखीमपुर खीरी के मोहल्ला श्यामनगर निवासी सारिका सिंह व मेघा सिंह पलटन छावनी में बृजमोहन शर्मा के तीन मंजिले मकान में भूतल पर रहती हैं। सारिका एलएलबी कर रही है और मेघा एमबीए की छात्रा है। दोनों बहनें 14 अगस्त को घर पर ताला लगाकर लखीमपुर गईं थीं। मकान के प्रथम तल पर किराएदार अखिलेश वर्मा मेन गेट पर ताला लगाकर सो गए। बताते हैं कि रात करीब तीन बजे तेज धमाका सुनकर अखिलेश कमरे से निकला तो भूतल से उठ रही भीषण लपटें प्रथम तल तक पहुंच चुकी थीं। वह किसी तरह घर से निकला। इस बीच आसपास के लोग एकत्र हो गए। उन्होंने पुलिस व दमकल दस्ते को फोन किया। पुलिस ने शार्ट सर्किट से आग बताते हुए मामला रफा-दफा करने की कोशिश की लेकिन घर में रखे गैस सिलेंडर सुरक्षित नजर आने पर नागरिकों ने बम से हमले की बात कहते हुए कार्रवाई की मांग की। मामला तूल पकड़ते देख एसओ मड़ियांव अशोक कुमार यादव ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी। फील्ड यूनिट, एटीएस, विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम व अन्य दस्तों ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके।
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इसी बीच सारिका व मेघा भी मौके पर पहुंची। उन्होंने बाराबंकी के कोठी थाने के गांव ककराहा निवासी रणजंय सिंह उर्फ रंजीत, वीरेंद्र वर्मा व रोमेश उर्फ उमेश पर बम से हमले का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। मेघा ने आरोप लगाया कि रणंजय व उसके दो साथियों ने 14 अगस्त को इंजीनियरिंग कॉलेज के पास उससे सरेराह छेड़खानी करते हुए मारुति कार से अगवा करने का प्रयास किया था। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह उसे बचाया। इसकी मड़ियांव थाने में शिकायत की थी लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इस पर वह अपने पैतृक घर चली गई थी। सारिका का कहना है कि रणंजय व उसके साथियों को इसकी जानकारी नहीं थी। हमलावरों ने दोनों बहनों को जान से मारने के इरादे से बम से हमला किया है। हमले में स्कूटी, पंखा, कंप्यूटर समेत घर का सारा सामान जल गया।
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तहकीकात में जुटे एसओ अशोक यादव ने बताया कि सारिका व रणजंय में प्रेम प्रसंग था। दोनों ने शादी कर ली थी लेकिन कुछ ही दिनों में अनबन होने पर सारिका अपनी बहन के साथ अलग रहने लगी। हमले का मामला दर्ज करके आरोपियों की तलाश में दबिश दी और रणंजय को रायबरेली के एनटीपीसी अस्पताल ऊंचाहार से गिरफ्तार कर लिया।
हमले में खुद भी झुलसा आरोपी
पुलिस का कहना है कि सारिका के घर हमले के दौरान आरोपी रणंजय सिंह भी झुलस गया था। वारदात को अंजाम देने के बाद वह एनटीपीसी अस्पताल ऊंचाहार में इलाज करा रहा था। उसने पूछताछ में कबूला कि रविवार देर रात अपनी पत्नी सारिका के घर गया था। वहां माचिस जलाते समय अचानक आग लग गई और धमाका हुआ। इसमें वह भी झुलस गया। पुलिस ने उससे विस्तृत पूछताछ के लिए कोर्ट में कस्टडी रिमांड की अर्जी दी है।
लावारिस खड़ी थी बाइक
पलटन छावनी के कुछ लोगों ने जानकारी दी है कि एक युवक रविवार दोपहर बाइक से आया था। उसने सारिका व मेघा के घर से थोड़ी दूर बाइक खड़ी की और कुछ देर टहलने के बाद बाइक छोड़कर अपने अन्य साथियों के साथ चला गया। नागरिकों का मानना है कि रात में चेकिंग के दौरान पकड़े जाने के डर से हमलावरों ने पेट्रोल बम या अन्य विस्फोटक को बाइक में रखकर पहले ही मौके पर पहुंचा दिया था और रात में वारदात को अंजाम देकर भाग निकले।