आप भी बाहर जाने पर ऑन रखते हैं फोन का Wi-Fi?: जान लें सुरक्षा से जुड़ा यह खतरा, नहीं तो लीक हो सकता है डेटा

जागृति शुक्ला
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीजागृति शुक्ला
Sat, 17 Oct 2026 05:19 PM IST
सार

आज हमारा स्मार्टफोन सिर्फ एक डिवाइस नहीं, बल्कि हमारी पर्सनल चैट से लेकर बैंकिंग डेटा तक का सुरक्षित खजाना माना जाता है, लेकिन जरा सी लापरवाही इस सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है, और इनमें से एक बड़ी चूक है वाई-फाई को हमेशा ऑन रखना। शायद आप न जानते हों कि आपका यह खुला हुआ वाई-फाई आपको साइबर ठगों के फर्जी हॉटस्पॉट जाल में फंसा सकता है। आइए जानते हैं यह सब कैसे होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है...

Wi-Fi On All Time? Why You Should Turn It Off When Leaving Home
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड

    विस्तार

    कॉलिंग, मैसेजिंग और न जाने दिनभर के कितने ही कामों के लिए हम स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं। इसी फोन में हमारी पर्सनल चैट से लेकर बैंक अकाउंट और जरूरी पासवर्ड तक सब कुछ रहता है, लेकिन अक्सर हम ऐसी छोटी-छोटी बातों पर ध्यान नहीं देते, जो हमारी प्राइवेसी से जुड़ी होती है। जैसे की घर से बाहर जाने पर भी फोन का वाई-फाई (Wi-Fi) बंद करना। बहुत से लोगों को लगता है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन यह छोटी सी लापरवाही आपके फोन को सीधे साइबर खतरों में डाल सकती है। जानिए कैसे..

    अनजान और असुरक्षित Wi-Fi नेटवर्क से जुड़ने का खतरा

    • जब आपके फोन का वाई-फाई ऑन रहता है, तो वह लगातार आसपास के नेटवर्क्स को खोजता रहता है। ऐसे में हो सकता है कि वह किसी ऐसे नेटवर्क से दोबारा कनेक्ट हो जाए, जिसका आपने पहले इस्तेमाल किया हो। जैसे किसी कैफे, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और शॉपिंग मॉल। इन जगहों पर मिलने वाले कई पब्लिक वाई-फाई नेटवर्क की सुरक्षा कमजोर होती है।
    • ऐसे अनजाने नेटवर्क से जुड़ने पर आपकी ऑनलाइन गतिविधियों को ट्रैक किए जाने का जोखिम बढ़ जाता है। हालांकि HTTPS जैसी तकनीक डेटा को सुरक्षित रखती है, फिर भी अनजान नेटवर्क से बचना ही समझदारी मानी जाती है।

    फर्जी Wi-Fi हॉटस्पॉट के जाल से बचना है जरूरी

    • साइबर अपराधी अक्सर लोगों को फंसाने के लिए असली जैसे दिखने वाले नकली वाई-फाई हॉटस्पॉट तैयार करते हैं। जैसे मान लीजिए, किसी एयरपोर्ट पर एयरपोर्ट फ्री वाई-फाई या किसी होटल में होटल गेस्ट वाई-फाई जैसे नाम वाले फर्जी नेटवर्क बनाए जा सकते हैं।
    • अब अगर आप गलती से ऐसे किसी नकली नेटवर्क से जुड़ जाते हैं, तो आपको किसी फर्जी लॉगिन पेज पर रीडायरेक्ट किया जा सकता है। वहां से ईमेल आईडी, पासवर्ड या अन्य जानकारी दर्ज करने पर उसका गलत इस्तेमाल हो सकता है। इसलिए किसी भी पब्लिक वाई-फाई से जुड़ने से पहले सुरक्षा की जांच-परख जरूर कर लें।

    Wi-Fi ट्रैकिंग और लोकेशन का खतरा

    • कुछ मॉल, एयरपोर्ट और अन्य सार्वजनिक स्थान लोगों की आवाजाही को समझने के लिए वाई-फाई सिग्नल्स का उपयोग करते हैं। कुछ सिस्टम्स आसपास मौजूद डिवाइस के सिग्नल के आधार पर यह अनुमान लगाने की कोशिश करते हैं कि लोग किस दिशा में आ-जा रहे हैं।
    • हालांकि आधुनिक स्मार्टफोंस में इस प्रकार की ट्रैकिंग को सीमित करने के लिए कई सुरक्षा फीचर्स दिए गए हैं, फिर भी घर से बाहर निकलते समय वाई-फाई बंद रखने से अनावश्यक नेटवर्क स्कैनिंग और इस तरह की ट्रैकिंग से बचा सकता है।

    बैटरी बचाने में भी मिलती है मदद

    इन सबके अलावा वाई-फाई का काम सिर्फ इंटरनेट चलाना ही नहीं, बल्कि बैकग्राउंड में लगातार नए नेटवर्क तलाशना भी है। जब आपका फोन लगातार नेटवर्क स्कैन करता रहता है, तो इससे बैटरी की खपत बढ़ जाती है। इसका सीधा असर फोन के बैकग्राउंड ऑपरेशंस और पूरे दिन मिलने वाले बैटरी बैकअप पर पड़ता है। इंटरनेट की जरूरत न होने पर वाई-फाई बंद रखना बैटरी बचाने का एक बेहतरीन तरीका हो सकता है।

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