व्हाट्सएप-टेलीग्राम यूजर्स को झटका: एक जनवरी से लागू होगा सिम बाइंडिंग नियम, क्या बंद हो जाएगा आपका अकाउंट?

कुलदीप शर्मा
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीकुलदीप शर्मा
Thu, 22 Oct 2026 06:57 PM IST
सार

1 जनवरी 2027 से भारत में व्हाट्सएप और टेलीग्राम चलाने के नियम पूरी तरह बदलने वाले हैं, जिससे करोड़ों यूजर्स प्रभावित हो सकते हैं। आखिर क्या है सरकार की यह नई शर्त और क्या आपका भी अकाउंट हो जाएगा बंद? आइए जानते हैं क्या हैं नये नियम।

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प्रतीकात्म इमेज - फोटो : Amar Ujala Digital

    विस्तार

    भारत में 1 जनवरी 2027 से व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग ऐप्स के लिए सख्त सिम-बाइंडिंग नियम लागू होने जा रहे हैं। इस सिम बाइंडिंग रूल के तहत व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग एप्स को केवल उसी फोन में इस्तेमाल किया जा सकेगा, जिसमें अकाउंट से जुड़ा असली सिम कार्ड एक्टिव और मौजूद हो। बिना सिम या केवल वाई-फाई पर एप चलाने की छूट खत्म होगी। इसका मकसद फर्जी खातों और ऑनलाइन साइबर फ्रॉड को रोकना है।

    सरकार ने क्यों उठाया ये कदम?

    दूरसंचार विभाग ने साइबर फ्रॉड पर लगाम कसने के लिए यह नया आदेश जारी किया है, जिसकी समय-सीमा 31 दिसंबर 2026 तय की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल देश में साइबर धोखाधड़ी से लोगों को हजारों करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा था। इसी वजह से सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि हर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस्तेमाल होने वाला नंबर पूरी तरह सुरक्षित और असली यूजर के पास ही हो।

    कौन होगा सबसे ज्यादा प्रभावित?

    इस नए नियम से वे लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे जो वाई-फाई के जरिए बिना सिम के टैबलेट या लैपटॉप पर चैटिंग करते हैं। इसके अलावा, विदेश यात्रा करने वाले यात्री, बार-बार फोन बदलने वाले लोग और एक ही फोन में कई सिम कार्ड का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि राहत की बात यह है कि व्हाट्सएप वेब पर हर छह घंटे में लॉगआउट होने वाला पुराना नियम हटाकर अब जोखिम के आधार पर तय किया गया है।

    व्हाट्सएप-टेलीग्राम यूजर्स को झटका: एक जनवरी से लागू होगा सिम बाइंडिंग नियम, क्या बंद हो जाएगा आपका अकाउंट?

    इन एप्स को भी करने होंगे बदलाव

    नियमों के तहत व्हाट्सएप और टेलीग्राम समेत स्नैपचैट, सिग्नल और जोश जैसे कई पॉपुलर एप्स को अपने सिस्टम में बदलाव करने होंगे। इस तकनीकी बदलाव का असर इन कंपनियों के कामकाज और यूजर एक्सपीरियंस पर भी पड़ेगा, क्योंकि कई प्लेटफॉर्म अभी से एंड्रॉयड पर इसकी टेस्टिंग कर रहे हैं।

    जानकारों ने इस पर क्या कहा?

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस सख्ती से आम जनता को भले ही शुरुआती दिक्कतें आएं, लेकिन डिजिटल अपराधों में काफी कमी आएगी। इस बारे में एक हालिया सर्वे में भी बात सामने आई है कि कई लोग इस बदलाव को लेकर आशंकित हैं, इसलिए यूजर्स को तय तारीख से पहले अपनी सेटिंग्स और डिवाइस का खास ध्यान रखना होगा।

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