टेक टिप्स: लैपटॉप पर गिर गया है पानी या कोई और लिक्विड? ऑन करने से पहले जान लें कितनी देर तक करना चाहिए इंतजार

जागृति शुक्ला
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीजागृति शुक्ला
Sat, 17 Oct 2026 09:55 PM IST
सार

लैपटॉप पर काम करते वक्त कई बार अनजाने में पानी या चाय-कॉफी जैसी चीजें गिर जाती हैं। ऐसे में कीमती डिवाइस को बचाने के लिए तुरंत क्या करना चाहिए? क्या गीले लैपटॉप को दोबारा ऑन करना सेफ है या कुछ देर इंतजार करना चाहिए? आइए विस्तार से जानते हैं...

विज्ञापन
Spilled Water Your Laptop? Here’s What Do Before Turning On
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड

    विस्तार

    अधिकतर लोगों को नहीं पता कि लैपटॉप पर पानी या कोई दूसरा लिक्विड गिर जाए तो घबराहट में उसे तुरंत ऑन करके चेक करना भारी पड़ सकता है। ऐसा करने से शॉर्ट-सर्किट का खतरा बढ़ सकता है और डिवाइस के अंदर मौजूद इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए लैपटॉप भीगने पर सबसे पहले उसे सुरक्षित करना और बिजली से उसका कनेक्शन काटना जरूरी हो जाता है। हालांकि, केवल कुछ दिन इंतजार करना ही हर स्थिति में पर्याप्त नहीं होता। लैपटॉप कितना भीगा है और उसके अंदर नमी कहां तक पहुंची है, इस पर भी काफी कुछ निर्भर करता है।

    पानी गिरने पर तुरंत क्या करें?

    • लैपटॉप को दोबारा ऑन करके चेक न करें। इसके बाद तुरंत उसे चार्ज पर बिल्कुल न लगाएं।
    • डिवाइस को सावधानी से रखें, जिससे लिक्विड अंदर और न फैले।
    • अगर बैटरी आसानी से निकाली जा सकती है, तो निर्माता के निर्देशों के अनुसार उसे निकालें। बिल्ट-इन बैटरी को खुद खोलने की कोशिश न करें।
    • हेयर ड्रायर, हीटर या तेज गर्म हवा का इस्तेमाल न करें। इससे कंपोनेंट्स को नुकसान पहुंच सकता है।

    कितने दिन बाद ऑन करना चाहिए लैपटॉप?

    • एक रिपोर्ट के अनुसार, कम मात्रा में लिक्विड गिरने पर लैपटॉप को सूखने में लगभग एक दिन लग सकता है, जबकि ज्यादा भीगने पर तीन से चार दिन या उससे अधिक समय भी लग सकता है। कुछ रेडिट यूजर्स ने भी लिक्विड साफ करने और डिवाइस को सूखने देने के बाद दोबारा इस्तेमाल करने की सलाह दी है।
    • हालांकि, ये समय केवल अनुमान हैं, इसे पूरी तरह सुरक्षित गारंटी के तौर पर बिल्कुल न मानें। हो सकता है लैपटॉप बाहर से सूखा दिखे, लेकिन उसके अंदर नमी बची रह सकती है। पानी के अलावा चाय, कॉफी, जूस या दूसरे चिपचिपे लिक्विड के कारण पार्टिकल भी रह सकते हैं, जो बाद में जंग या इलेक्ट्रॉनिक खराबी की वजह बन सकते हैं। अगर लैपटॉप पर ज्यादा पानी गिरा है या लिक्विड कीबोर्ड के अंदर चला गया है, तो उसे चालू करने से पहले सर्विस सेंटर या टेक्नीशियन से जांच कराना ज्यादा सुरक्षित है।

    चार्ज करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

    • लैपटॉप को दोबारा चार्ज करने या चालू करने से पहले यह अच्छी तरह देख लें कि उसके अंदर नमी न बची हो। केवल बाहरी सतह को पोंछ देना पर्याप्त नहीं है। डिवाइस को खोलकर साफ करने का काम विशेषज्ञ से कराना बेहतर है, खासकर तब जब पानी अंदर तक पहुंच गया हो।
    • ध्यान रखें कि लैपटॉप को चावल में रखने से अंदर की नमी सुरक्षित तरीके से निकलने की गारंटी नहीं मिलती। इसी तरह, बार-बार पावर बटन दबाकर जांच करना भी नुकसान बढ़ा सकता है।

    क्या पानी गिरने से वारंटी खत्म हो सकती है?

    लिक्विड से हुए नुकसान को कई निर्माता सामान्य वारंटी में कवर नहीं करते। हालांकि, नियम कंपनी, डिवाइस और वारंटी प्लान के अनुसार अलग हो सकते हैं। इसलिए लैपटॉप की वारंटी की शर्तें जांचें और सर्विस सेंटर से संपर्क करना ठीक हो सकता है।

    क्यों जरूरी है सावधानी?

    लैपटॉप के अंदर मदरबोर्ड, बैटरी और दूसरे संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स होते हैं। नमी मौजूद रहने पर बिजली देने से शॉर्ट-सर्किट हो सकता है। इसलिए पानी गिरने के बाद तुरंत इस्तेमाल करने के बजाय डिवाइस को बंद रखना और जरूरत पड़ने पर एक्सपर्ट्स से जांच कराना नुकसान कम करने में मदद कर सकता है।

    Login or Signup
    अपना शहर चुनें