Dark Web: डार्क वेब पर मौजूद है आपका कीमती डेटा? चेक करने के लिए फॉलो करें यह प्रोसेस
इंटरनेट की छुपी हुई दुनिया को डार्क वेब कहते हैं। साइबर अपराधी अक्सर यही से यूजर्स की जानकारी लेते हैं। इसके बाद लोगों को अलग-अलग तरीके से चूना लगाने का काम करते हैं। जानिए किस तरह से चेक कर सकते हैं कि आपका डेटा डार्क वेब पर है नहीं।

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आज के समय में हर वो शख्स जो स्मार्टफोन का इस्तेमाल करता है, वो कई तरह के एप्स का इस्तेमाल करता है, इसमें ऑनलाइन शॉपिंग, फूड डिलीवरी एप, ग्रोसरी और अन्य कई एप्स होते हैं, जो लोगों से उनका फोन नंबर, नाम, ईमेल एड्रेस, जन्म तारीख, घर का पत्ता आदि की जानकारी मांगते हैं। इसके पीछे इन एप्स का कहना होता है कि इस तरह की जानकारी से यूजर्स को बेहतर सर्विस देने में आसानी होगी। आपको बता दें कि आमतौर पर कंपनियां यूजर्स की पर्सनल जानकारी एकत्रित करती है। ऐसी सभी जानकारी को कंपनियों के सर्वर पर रखा जाता है।
ऐसे में यूजर्स की यह जानकारी काफी अहम होती है। साइबर अपराधी यूजर्स की जानकारी चुराने के लिए कंपनियों के सर्वर पर साइबर अटैक करते हैं। इसके बाद सैकड़ों लोगों की जानकारी हासिल करने के बाद इसे डार्क वेब पर डाल देते हैं। डार्क वेब पर इस जानकारी के लिए कई कंपनियां खरीदार होती है, वे इस जानकारी के लिए अच्छी-खासी रकम देती है। इसके बाद कंपनियां इस जानकारी का इस्तेमाल यूजर के लिए नए प्रोडक्ट बनाने के लिए करती है।
आपको जानकारी के लिए बता दें कि फिलहाल मौजूदा वक्त में देश में ऐसा कोई भी कानून नहीं है, जिसके जरिए यूजर की पर्सनल जानकारी को सुरक्षा प्रदान की जाए। साथ ही लोगों की संवेदनशील जानकारी को कंपनियां संभालने की जिम्मेदारी उठाएं। यही वजह है कि अक्सर यह खबर आती है कि इस कंपनी का डेटा लीक हो गया या फिर उस कंपनी का डेटा लीक हो गया। ऐसे में यह संभावना अधिक है कि लोगों का डेटा डार्क वेब पर मौजूद हो। अगर आपके पास कई सारे स्पैम कॉल आते हैं तो हो सकता है कॉल करने के वाले के पास डार्क वेब के जरिए आपका नंबर पहुंचा हो। डार्क वेब पर आपकी पर्सनल जानकारी है या नहीं, इसके लिए गूगल डार्क वेब की रिपोर्ट को चेक किया जा सकता है।