कहीं आपके पीसी में भी तो नहीं छुपा है वायरस?: विंडोज डिफेंडर से चुटकियों में ऐसे करें सफाई, जानें पूरा तरीका
अगर आपका कंप्यूटर अचानक धीमा हो गया है या टास्क मैनेजर में अंजान प्रोसेस दिखाई दे रहे हैं, तो यह मालवेयर का हमला हो सकता है। आजकल खतरनाक वायरस बिना कोई पॉप-अप दिखाए चुपचाप आपकी पर्सनल फाइल्स और डेटा चुरा सकते हैं। हालांकि, अपने सिस्टम को सुरक्षित करने के लिए किसी महंगे एंटीवायरस की जरूरत नहीं है। बहुत से लोगों को नहीं पता कि विंडोज में मौजूद माइक्रोसॉफ्ट डिफेंडर और कुछ ऑन-डिमांड फ्री स्कैनर की मदद से पीसी को क्लीन किया जा सकता है। आइए जानते हैं कैसे।

विस्तार
अगर आपका कंप्यूटर अचानक पहले के मुकाबले धीमा हो गया है, बार-बार फ्रीज हो रहा है या टास्क मैनेजर में कुछ अंजान प्रोसेसेस नजर आ रहे हैं तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये मालवेयर यानी खतरनाक सॉफ्टवेयर के संकेत हो सकते हैं।
आजकल मालवेयर हमेशा स्क्रीन पर पॉप-अप दिखाकर अपनी मौजूदगी जाहिर नहीं करता। कई बार यह चुपचाप आपके डेटा और पर्सनल जानकारी को निशाना बना सकता है। ऐसे में पीसी की जांच करने के लिए जरूरी नहीं कि आप कोई महंगा एंटीवायरस खरीदें। विंडोज में मौजूद माइक्रोसॉफ्ट डिफेंडरऔर कुछ भरोसेमंद ऑन-डिमांड स्कैनर से भी जांच की जा सकती है।
माइक्रोसॉफ्ट डिफेंडर से करें जांच
- विंडोज 11 में माइक्रोसॉफ्ट डिफेंडर पहले से मौजूद होता है। इसे खोलने के लिए स्टार्ट मेन्यू में विंडोज सिक्योरिटी सर्च करें। इसके बाद वायरस एंड थ्रेट प्रोटेक्शन सेक्शन में जाकर पीसी की सुरक्षा स्थिति देख सकते हैं।
- माइक्रोसॉफ्ट डिफेंडर समय-समय पर सिस्टम को स्कैन करता है। वहीं प्रोटेक्शन हिस्ट्री में यह देखा जा सकता है कि पिछले दिनों विंडोज ने किसी संदिग्ध फाइल या एक्टिविटी पर क्या कार्रवाई की थी।
- इसके अलावा अलाउड थ्रेट्स सेक्शन में उन आइटम्स की जानकारी मिलती है जिन्हें पहले परमिशन दी गई है। अगर यहां कोई अनजान आइटम दिखाई देता है तो उसे जरूर चेक करें।
फुल स्कैन और ऑफलाइन स्कैनकरें
- सिर्फ क्विक स्कैन पर निर्भर रहने के बजाय जरूरत पड़ने पर स्कैन ऑप्शन पर जाकर फुल स्कैन चुन सकते हैं। यह पीसी की ज्यादा फाइलों और जगहों को चेक करता है, इसलिए इसमें ज्यादा समय लग सकता है।
- अगर फुल स्कैन के बाद भी कंप्यूटर में कुछ संदिग्ध लगता है तो माइक्रोसॉफ्ट डिफेंडर एंटीवायरस ऑफलाइन स्कैन का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें पीसी रीस्टार्ट होकर विंडोज रिकवरी एनवायरनमेंट में स्कैन करता है। यह उन खतरों को खोजने में मदद कर सकता है जो सामान्य विंडोज रिकवरी एनवायरनमेंट में खुद को छिपाने की कोशिश करते हैं।
मालवेयरबाइट्स से करें दूसरी जांच
- अगर माइक्रोसॉफ्ट डिफेंडर को कोई खतरा नहीं मिला है लेकिन PC की समस्या बनी हुई है तो मालवेयरबाइट्स जैसे ऑन-डिमांड स्कैनर से दूसरी जांच की जा सकती है।
- इसके फ्री वर्जन में जरूरत पड़ने पर मैनुअल स्कैन चलाया जा सकता है। इसमें क्विक स्कैन के अलावा कस्टम स्कैन और डीप स्कैन जैसे विकल्प भी मिलते हैं।
संदिग्ध फाइल को करें क्वारंटीन या डिलीट
- अगर स्कैन के दौरान कोई संदिग्ध फाइल मिलती है तो उसे क्वारंटीन या डिलीट करने का विकल्प दिया जाता है। किसी फाइल को हटाने से पहले यह जरूर देख लें कि वह वास्तव में संदिग्ध है या नहीं।
- मालवेयरबाइट्स का एडवक्लीनर भी एडवेयर और इसी तरह के अनचाहे सॉफ्टवेयर को खोजने में मदद कर सकता है।
सेफ मोड और रिमूवल टूल भी आएगा काम
- इतना ही नहीं अगर मालवेयर सामान्य तरीके से हट नहीं रहा है तो पीसी को सेफ मोड में शुरू करके स्कैन करना मददगार हो सकता है। सेफ मोड में विंडोज सीमित जरूरी सेवाओं के साथ शुरू होता है, जिससे कुछ संदिग्ध सॉफ्टवेयर को पहचानना आसान हो सकता है।
- इसके अलावा माइक्रोसॉफ्ट का मैलिशियस सॉफ्टवेयर रिमूवल टूल भी आम मैलवेयर को पहचानने और हटाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
मालवेयर से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
- अगर माइक्रोसाॅफ्ट डिफेंडर और दूसरे भरोसेमंद स्कैनर में कोई खतरा नहीं मिलता है तो पीसी के साफ होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। हालांकि, केवल एंटीवायरस पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है।
- अंजान ईमेल अटैचमेंट, संदिग्ध डाउनलोड वेबसाइटें, फेक सिक्योरिटी अलर्ट और फिशिंग लिंक से बचना भी उतना ही जरूरी है। किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने या संदिग्ध फाइल डाउनलोड करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जरूर जांचें।
- ध्यान रखें कि अगर पीसी लगातार असामान्य व्यवहार कर रहा है, तो सिर्फ मालवेयर मानकर न चलें। हार्डवेयर, स्टोरेज, ड्राइवर या किसी खराब सॉफ्टवेयर की वजह से भी सिस्टम धीमा या फ्रीज हो सकता है।