लैपटॉप ऑन छोड़कर सो जाते हैं, जान लीजिए इसका नुकसान

कई बार जब लैपटॉप या कंप्यूटर सिस्टम में डाटा अधिक हो जाता है, तो इनकी स्पीड पर इसका असर पड़ता है। हार्ड डिस्क की मेमोरी फुल होने से या इनके सॉफ्टवेयर के रेग्यूलर अपडेट न होने के कारण इनकी परफॉर्मेंस धीमी हो जाती है। इस कारण यह स्टार्ट होने में भी सामान्य से ज्यादा समय लगाते हैं।
ऐसे में कुछ यूजर इन्हें शट डाउन करना पसंद नहीं करते और जब वे कई घंटों तक भी सिस्टम पर काम नहीं करते तब भी सिस्टम को स्लीप मोड में रखकर ऑन रखते हैं। लेकिन यदि आप किसी आलस के कारण या सिस्टम को ऑन करने में लगने वाले समय से बचने के लिए उसे ऑफ टाइम में भी हर रोज ऑन रखते हैं, तो ऐसा करके आप अपने सिस्टम की लाइफ कम कर रहे हैं।
रात के सोने के दौरान कई बार पावर कट भी होता है, इससे बार-बार डायरेक्ट बंद होने से लैपटॉप या कंप्यूटर सिस्टम की मशीन डैमेज भी हो सकती है। इसके अलावा खराब मौसम के दौरान चमकने वाली बिजली से ऑन सिस्टम खराब हो सकते हैं। हमेशा डिवाइस को ऑन रखने से डिवाइस की लाइफ भी कम होती है और इससे बिजली की खपत भी बढ़ती है।
कंप्यूटर को कभी-कभी रात में अपडेट करने के लिए ऑन रखना बुरा नहीं है। लेकिन हमेशा बिना काम के भी ऑन छोड़ देना गलत है। रात में कंप्यूटर अपडेट करना सही माना जाता है, इस दौरान हमें ज्यादा काम भी नहीं रहते और इंटरनेट की स्पीड भी दिन के मुकाबले तेज होती है। लेकिन बारिश के दिनों में सिस्टम अपडेट करने से पहले यह ध्यान जरूर दें कि कहीं रात में बिजली तो नहीं कड़कने वाली।