स्मार्टफोन खरीदते समय इन दो अहम बातों का ध्यान जरूर रखें

बीबीसी हिंदी/नई दिल्ली
Wed, 07 Sep 2016 11:22 AM IST
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How to Buy the Right Smartphone for Your Needs

    स्मार्टफोन खरीदते समय कौन से फीचर किसी के लिए सबसे अहम होते हैं। अगर बैटरी होगी तो स्क्रीन पर आप आराम से मनचाहा वीडियो या तस्वीर देख सकते हैं।

    लेकिन क्या ज़्यादा रैम होना बहुत ज़रूरी है या स्मार्टफोन में बहुत बढ़िया प्रोसेसर होना?

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    अगर आप वीडियो देखने के शौक़ीन हैं तो स्मार्टफोन का रेसोल्यूशन आपके लिए काफी अहम है। जितना ज़्यादा पिक्सेल डेंसिटी होगी, वीडियो के लिए वो उतना ही बढ़िया होगा।

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    पिक्सेल डेंसिटी को डॉट्स प्रति इंच यानि डीपीआई में आंका जाता है। यह जितना ज़्यादा होगा स्क्रीन पर वीडियो उतना ही बढ़िया लगेगा।

    अगर आम स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं तो ध्यान रखें कि उसकी स्क्रीन का डीपीआई 250 के आस-पास हो। मोटे पैसे खर्च करते समय 400 डीपीआई से कम के स्मार्टफोन पर ध्यान भी नहीं देना चाहिए।

    आजकल 5000 मिल एम्पियर ऑवर यानी एमएएच वाली बैटरी भी स्मार्टफोन में मिल जाएंगी। लेकिन ऐसी बैटरी सभी स्मार्टफोन में नहीं मिलेगी क्योंकि कई कंपनियों ने ऐसी बैटरी वाले स्मार्टफोन लॉन्च नहीं किये हैं।

    इसलिए जो जाने-पहचाने ब्रांड नहीं हैं वो ज़्यादा एमएएच बैटरी वाले स्मार्टफोन लॉन्च करके उसे बढ़िया फीचर के रूप में बताते हैं।

    जिस स्मार्टफोन की बैटरी का एमएएच ज़्यादा है वो काफी अहम है। जैसे जैसे लोग वीडियो ज़्यादा देखेंगे और डेटा का इस्तेमाल बढ़ेगा, बैटरी की शक्ति बढ़िया और साधारण फ़ोन के बीच का फर्क बन जाएगी

    कैमरा प्रेमियों के लिए जरूरी है

    स्मार्टफोन खरीदते समय इन दो अहम बातों का ध्यान जरूर रखें

    सेल्फी पीढ़ी के लिए कैमरा काफी अहम है लेकिन क्या स्मार्टफोन के लिए ये इतना ज़रूरी है? वैसे भी सिर्फ मेगापिक्सल के हिसाब से कैमरे के लेंस को नहीं आंका जा सकता है। इसलिए स्मार्टफोन खरीदते समय इसे अपनी अहमियत वाली लिस्ट में नीचे की तरफ रखिये।

    पिक्सल के अलावा जो भी फीचर कैमरे में दिखाई देता है, जैसे कि वाइड एंगल लेंस, उसे आंकना और समझना ज़्यादा ज़रूरी है।

    वीडियो लेने के लिए कैमरे का रिजोल्यूशन कम से कम 1080 की होना चाहिए। बजट में अगर उससे ऊपर का कैमरा आ जाता है तो बहुत बढ़िया है। रैंडम एक्सेस मेमोरी या रैम स्मार्टफोन पर अगर बढ़िया होगा तो कोई भी काम करने में स्क्रीन पर टैप करने के बाद इंतज़ार नहीं करना होगा।

    कीबोर्ड, कुछ ऐप और होम स्क्रीन हमेशा रैम में स्टोर किये होते हैं ताकि वो तुरंत खुल जाएं। अगर स्मार्टफोन पर कोई एक से ज़्यादा काम कर रहा है तो ज़्यादा रैम बहुत काम की चीज़ है।

    जो भी कम जाने माने ब्रांड है वो अक्सर नए स्मार्टफोन खरीदने वालों को ज़्यादा रैम देकर अपनी ओर खींचने की कोशिश करते हैं।

    आजकल के स्मार्टफोन में 2 गीगाबाइट रैम से कम कुछ भी लेना बेकार होगा। अगर उससे ज़्यादा रैम वाला स्मार्टफोन आपके बजट में आ जाता है तो बहुत बढ़िया है।

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