टेक टिप्स: गूगल मैप्स को कैसे पता चलता है आगे खड़ी है पुलिस? जानें पुलिस अलर्ट फीचर के पीछे की पूरी टेक्नोलॉजी

जागृति शुक्ला
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीजागृति शुक्ला
Sat, 19 Sep 2026 05:23 PM IST
सार

आज के समय में गूगल मैप्स और वेज जैसे नेविगेशन एप्स सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह जाने का रास्ता दिखाने तक सीमित नहीं रह गए हैं। ड्राइविंग के दौरान ये एप्स ट्रैफिक, रोड क्लोजर, स्पीड कैमरा, सड़क पर चल रहे काम, जलभराव, कम विजिबिलिटी और यहां तक कि आगे पुलिस की मौजूदगी जैसी कई अहम जानकारियां भी रियल-टाइम में देते हैं। लेकिन गूगल मैप्स में पुलिस अलर्ट फीचर कैसे काम करता है।

How Google Maps know where police? Find out technology behind Police Alert feature.
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड

    विस्तार

    आज के समय में गूगल मैप्स और वेज जैसे नेविगेशन एप्स ट्रैफिक, रोड क्लोजर, स्पीड कैमरा, सड़क पर चल रहे काम, जलभराव, कम विजिबिलिटी और आगे पुलिस की मौजूदगी जैसी कई जानकारियां भी दिखाते हैं, लेकिन यहां सवाल उठता है कि गूगल मैप्स को आखिर कैसे पता चलता है कि किसी सड़क पर पुलिस मौजूद है या वहां कोई घटना हुई है? दरअसल, इसके पीछे सबसे बड़ी भूमिका एप इस्तेमाल करने वाले यूजर्स की होती है।

    क्राउडसोर्सिंग से मिलती है असली जानकारी

    • गूगल मैप्स में पुलिस अलर्ट का मुख्य डेटा एप इस्तेमाल करने वाले यूजर्स यानी ड्राइवर्स से ही आता है। जब कोई ड्राइवर रास्ते में पुलिस की मौजूदगी देखता है, तो वह नेविगेशन के दौरान एप में दिए गए रिपोर्ट ऑप्शन पर जाकर इसकी जानकारी दे सकता है। इसके बाद यह अलर्ट उसी सड़क से गुजरने वाले अन्य ड्राइवरों की स्क्रीन पर दिखाई देने लगता है।
    • आगे जाने वाले दूसरे यूजर्स इस रिपोर्ट की पुष्टि भी कर सकते हैं। इसी क्राउडसोर्सिंग तकनीक के बल पर मैप्स पर रियल-टाइम डेटा अपडेट रहता है।

    वेज एप के डेटा का इस्तेमाल

    • गूगल मैप्स को रियल-टाइम अलर्ट सिर्फ अपने ऐप के यूजर्स से ही नहीं मिलते। इसके लिए गूगल अपने ही दूसरे नेविगेशन एप वेज की रिपोर्ट्स का भी इस्तेमाल करता है। गूगल मैप्स यह पहचान सकता है कि कौन-सी जानकारी वेज यूजर्स द्वारा रिपोर्ट की गई है।
    • वेज में यूजर्स को ट्रैफिक और रोड रिपोर्ट भेजने पर पॉइंट्स मिलते हैं, जिससे वहां यूजर्स ज्यादा एक्टिव रहते हैं। वेज का डेटा मिलने से गूगल मैप्स के पास सड़क की स्थिति की अधिक और सटीक जानकारी उपलब्ध हो जाती है।
    • लाइव ट्रैफिक का सही अनुमान लगाने के लिए गूगल लंबे समय से मशीन लर्निंग (ML) और एआई की मदद ले रहा है। इसके साथ ही, सड़क पर चल रहे उन सभी स्मार्टफोन से डेटा लिया जाता है जिनमें नेविगेशन चालू होता है।
    • हालांकि, स्पीड कैमरा और पुलिस अलर्ट जैसी सटीक जानकारी के लिए यूजर्स की सीधी रिपोर्ट सबसे ज्यादा अहम होती है।

    गूगल मैप्स पर आप भी कैसे भेज सकते हैं पुलिस अलर्ट?

    • नेविगेशन ऑन करें:स्मार्टफोन, एंड्रॉयड ऑटो या एपल कारप्ले पर गूगल मैप्स का नेविगेशन मोड चालू रखें।
    • रिपोर्ट पर टैप करें:स्क्रीन पर दिख रहे रिपोर्ट (+) आइकन पर क्लिक करें।
    • पुलिस चुनें:दिए गए विकल्पों में से पुलिस (या अन्य घटना) का चुनाव करें।
    • रिपोर्ट सबमिट करें:आपकी रिपोर्ट सबमिट होते ही आपकी लोकेशन पर पुलिस का एक छोटा आइकन दिखाई देने लगेगा।
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