सर्दियों में गीजर बन सकता है जानलेवा: इस्तेमाल करते समय भूलकर भी न करें ये बड़ी गलतियां, क्या है सही तरीका?

कुलदीप शर्मा
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीकुलदीप शर्मा
Thu, 22 Oct 2026 06:04 PM IST
सार

सर्दियों में गीजर का सही इस्तेमाल न होने पर वह दुर्घटना का कारण बन सकता है। ऐसे में इलेक्ट्रिक गीजर और गैस गीजर को कैसे इस्तेमाल करना सही होगा आइए जानते हैं।

Gas Geyser vs Electric Geyser Differences Safety Rules and Maintenance Guide
प्रतीकात्म इमेज - फोटो : Amar Ujala Digital

    विस्तार

    सर्दियों का मौसम दस्तक देने वाला है और ऐसे में लगभग हर घर में वॉटर हीटर यानी गीजर का इस्तेमाल शुरू हो जाता है। गर्म पानी से नहाना भले ही आरामदायक लगता हो, लेकिन गीजर का सही इस्तेमाल और रखरखाव न करने पर यह बड़े हादसे या भारी बिजली बिल का कारण बन सकता है। सर्दियों में गीजर का इस्तेमाल कैसे करें और इसका रख-रखाव कैसे करें आइए जानते हैं

    इलेक्ट्रिक गीजर कैसे करता है काम?

    • यह बिजली से चलने वाले हीटिंग एलिमेंट का उपयोग करके टैंक के पानी को गर्म करता है। इसमें लगा थर्मोस्टेट टेमप्रेचर को नियंत्रित रखता है।
    • यह इस्तेमाल में बेहद सुरक्षित, इंस्टॉल करने में आसान और टिकाऊ होता है। हालांकि यह बिजली की खपत ज्यादा करता है।

    गैस गीजर पानी को कैसे करता है गरम?

    • यह एलपीजी या पीएनजी गैस बर्नर का इस्तेमाल करके पानी को तुरंत गर्म करता है। इसमें टैंक की जरूरत नहीं होती या छोटा टैंक होता है।
    • यह रनिंग कॉस्ट में काफी किफायती होता है और बिजली पर निर्भर नहीं रहता। लेकिन इसमें कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के रिसाव का खतरा बना रहता है।

    गीजर का उपयोग करते समय बरतें ये सावधानी

    • वेंटिलेशन का रखें ध्यान: गैस गीजर को कभी भी पूरी तरह बंद बाथरूम के अंदर न लगाएं। बाथरूम में वेंटिलेटर या एग्जॉस्ट फैन होना जरूरी है ताकि गैस का दम घोंटने वाला धुआं बाहर निकल सके।
    • समय पर बंद करें: नहाने जाने से पहले इलेक्ट्रिक गीजर का स्विच बंद कर दें। इससे बिजली के झटके का खतरा खत्म हो जाता है।
    • टेम्प्रेचर सीमित रखें: गीजर का तापमान 50°C से 60°C के बीच ही सेट करें। बहुत ज्यादा गर्म पानी से त्वचा जलने का जोखिम रहता है।

    सही रखरखाव है बहुत जरूरी

    • सालाना सर्विसिंग: सर्दियों की शुरुआत में ही प्रोफेशनल टेक्नीशियन से गीजर की जांच करवाएं।
    • एनोड रॉड बदलें: खारे पानी यानी हार्ड वॉटर के कारण गीजर के टैंक में स्केल जम जाता है। हर 1-2 साल में मैग्नीशियम एनोड रॉड जरूर बदलें, ताकि टैंक में जंग न लगे।
    • लीकेज और वायरिंग की जांच: वायर में कट, प्लग में खराबी या पाइप में पानी का रिसाव तुरंत ठीक करवाएं।

    सही जानकारी और थोड़ी सी सावधानी से आप इस सर्दी बिना किसी खतरे के सुरक्षित और आरामदायक तरीके से गर्म पानी का आनंद ले सकते हैं।

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