Safety Tips: कहीं आप भी फर्जी वेबसाइट पर तो नहीं कर रहे शॉपिंग? इन संकेतों से तुरंत करें असली-नकली की पहचान
Fake Website:
ऑनलाइन शॉपिंग, बैंकिंग और डिजिटल सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर ठगी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर अपराधी अब ऐसी फर्जी वेबसाइट और एप्स बना रहे हैं, जो देखने में एकदम असली दिखते हैं, लेकिन इनका मकसद यूजर्स की निजी जानकारी और बैंक डिटेल्स चुराना होता है।यहां जानिए कुछ ऐसे संकेंत, जिसपर ध्यान देकर आप खुद को ऑनलाइन स्कैम से बचा सकते हैं।

विस्तार
Secure Website
: क्या हर वेबसाइट और एप भरोसेमंद होती है? बिल्कुल नहीं। क्योंकि फेक वेबसाइट और एप्स आपकी निजी जानकारी और बैंक अकाउंट को निशाना बना सकते हैं। जानिए ऐसे पांच आसान तरीके, जिनसे आप ऑनलाइन स्कैम को समय रहते पहचान सकते हैं।
1. यूआरएल और डोमेन नाम ध्यान से देखें
फर्जी वेबसाइट का सबसे बड़ा संकेत उसका डोमेन नाम होता है। साइबर अपराधी अक्सर लोकप्रिय ब्रांड के नाम से मिलता-जुलता यूआरएल बनाते हैं।
उदाहरण के लिए, flipkart.com की जगह flipkart-offers.in या amazon.in की जगह amaz0n-sale.co.in जैसा एड्रेस इस्तेमाल किया जा सकता है। एक अक्षर या शब्द का छोटा बदलाव भी बड़ी ठगी का कारण बन सकता है।
2.अभाषा और डिजाइन पर ध्यान दें
बड़ी कंपनियां अपनी वेबसाइट के कंटेंट और डिजाइन पर काफी निवेश करती हैं। इसके विपरीत, फर्जी वेबसाइटों में अक्सर स्पेलिंग की गलतियां, खराब व्याकरण, धुंधली तस्वीरें और अव्यवस्थित डिजाइन देखने को मिलता है। अगर वेबसाइट जल्दबाजी में बनाई हुई लगे, तो सतर्क हो जाएं।
3. HTTPS और सिक्योरिटी लॉक जरूर जांचें
सुरक्षित वेबसाइट के URL की शुरुआत https:// से होती है और एड्रेस बार में लॉक का निशान दिखाई देता है। लेकिन अगर वेबसाइट http:// से शुरू हो रही है या ब्राउजर सुरक्षा चेतावनी दिखा रहा है, तो वहां अपनी निजी जानकारी या बैंक डिटेल दर्ज करने से बचें।
4. बहुत ज्यादा सस्ते ऑफर से सावधान रहें
अगर कोई वेबसाइट महंगे मोबाइल, लैपटॉप या ब्रांडेड प्रोडक्ट पर अविश्वसनीय छूट दे रही है, तो पहले उसकी जांच जरूर करें। साइबर ठग अक्सर ऐसे ऑफर्स दिखाकर लोगों को जल्दबाजी में खरीदारी करने के लिए मजबूर करते हैं।
5. कंपनी की संपर्क जानकारी जरूर देखें
किसी भी भरोसेमंद वेबसाइट पर कंपनी का ऑफिस पता, कस्टमर केयर नंबर और आधिकारिक ईमेल उपलब्ध होता है। अगर वेबसाइट पर केवल जीमेल, याहू, हॉटमेल जैसी फ्री ईमेल आईडी दी गई हो या कंपनी की कोई स्पष्ट जानकारी न मिले, तो यह फर्जी वेबसाइट होने का संकेत हो सकता है।
फेक एप्स से कैसे बचें?
सिर्फ वेबसाइट ही नहीं, फर्जी मोबाइल एप्स भी साइबर ठगी का बड़ा जरिया बन चुके हैं।एप केवल गूगल प्ले स्टोर या एपल एप स्टोर जैसे आधिकारिक स्टोर से डाउनलोड करें।डाउनलोड करने से पहले डेवलपर का नाम, रेटिंग और रिव्यू जरूर पढ़ें।अनजान वेबसाइट से APK फाइल डाउनलोड करने से बचें।एप अगर जरूरत से ज्यादा परमिशन मांग रहा हो, तो उसे इंस्टॉल न करें।