सेलफोन डाटा स्क्रैप: आप भी करते हैं स्मार्टफोन एक्सचेंज तो संभल जाएं,चीन में ऐसे पहुंच रहा आपका निजी डाटा
पूछताछ में पता चला है कि आरोपी पुराने स्मार्टफोन खरीदकर उनके पुर्जे चीन भेज देते थे जिनमें रैम से लेकर स्टोरेज शामिल होते थे। इस तरह चीन के हाथ लाखों भारतीय के निजी जानकारी के पहुंचने की आशंका है।

विस्तार
ग्रेटर नोएडा में रहे चीनी नागरिकों के नेपाल बॉर्डर और गुरुग्राम से गिरफ्तारी के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। जांच एजेंसियों को गिरफ्तार किए गए चीनी नागरिकों से पता चला है कि भारत से चीन जा रहे पुराने फोन से लोगों का डाटा निकाला जा रहा है। पूछताछ में पता चला है कि आरोपी पुराने स्मार्टफोन खरीदकर उनके पुर्जे चीन भेज देते थे जिनमें रैम से लेकर स्टोरेज शामिल होते थे। इस तरह चीन के हाथ लाखों भारतीय के निजी जानकारी के पहुंचने की आशंका है। इस खुलासे से साइबर फ्रॉड का खतरा भी बढ़ गया है। आइए सेलफोन स्कैप और डाटा स्कैपिंग के बारे में समझने की कोशिश करते हैं। इस रिपोर्ट में सेलफोन स्क्रैपिंग और डाटा स्क्रैपिंग के बारे में विस्तार से जानेंगे और साथ ही आपको फोन के डाटा को हमेशा के लिए डिलीट करने का तरीका भी बताएंगे।
स्क्रैप का मतलब आप में से कई लोग जानते भी होंगे। स्क्रैप का सीधा मतलब रद्दी माल होता है। सेलफोन स्क्रैप का मतलब पुराने फोन के पुर्जे से हैं। सेलफोन स्क्रैपिंग के तहत पुराने फोन के पुर्जे को अलग-अलग किया जाता है और जुरूरी पुर्जों को निकालकर बेचा जाता है। सेलफोन स्क्रैप को एक लाइन में आप फोन के कबाड़ से भी समझ सकते हैं। आमतौर पर हम अपने पुराने फोन को एक्सचेंज करके नया फोन लेते हैं या फिर किसी दुकान में जाकर अपने पुराने फोन को बेच देते हैं लेकिन बेचने से पहले कुछ जरूरी बातों को ख्याल नहीं रखते।
सेलफोन स्क्रैप के बाद डाटा स्क्रैप की बारी आती है। डाटा स्क्रैपिंग के मामले में स्क्रैप की परिभाषा बदल जाती है, क्योंकि जो डाटा स्क्रैप किया जाता है वह कबाड़ नहीं, बल्कि साइबर चोरों के लिए एक बड़ा हथियार बनता है। आप जब स्मार्टफोन बेचते हैं या एक्सचेंज करते हैं तो आमतौर पर उसमें पड़े फोटो-वीडियो और अन्य डाटा को डिलीट करके बेचते हैं लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि आपके द्वारा डिलीट करने के बाद भी आपके फोन में डाटा रहता है।
सेलफोन डाटा स्क्रैपिंग में आपके फोन में पड़े डाटा यानी फोटो, वीडियो, ऑडियो और अन्य जानकारी को निकाला जाता है। फोन से निकाले गए डाटा की छंटनी होती है और फिर बहुत ही जरूरी, जैसे कि आपके बैंक से जुड़ी जानकारियों को सबसे पहले अलग किया जाता है और इसी के आधार पर आपको साइबर फ्रॉड का शिकार बनाया जाता है। डाटा स्क्रैपिंग के जरिए आपके फोन से हर उस जानकारी को निकाला जा सकता है जिसे आपने डिलीट कर दिया है। स्क्रैप किए गए डाटा के जरिए आपकी जासूसी भी की जा सकती है। फोन से डाटा स्क्रैप करने के लिए कई सारे सॉफ्टवेयर भी उपलब्ध हैं।