फोन का ब्लूटूथ हमेशा ऑन रखना पड़ सकता है भारी: हैकर्स के इन तरीकों से खाली हो सकता है आपका बैंक खाता, ऐसे बचें
Bluetooth Security Risks:
वायरलेस ईयरबड्स और स्मार्टवॉच के इस दौर में हम अक्सर ब्लूटूथ ऑन छोड़ देते हैं, लेकिन यही आपकी सबसे बड़ी भूल हो सकती है। ब्लूबगिंग से लेकर ब्लूबोर्न तक, हैकर्स अब बिना आपकी अनुमति के आपके फोन का पूरा कंट्रोल ले सकते हैं। जानिए कैसे एक छोटा सा सिग्नल आपकी प्राइवेसी के लिए बड़ा खतरा बन सकता है और इससे बचने के सटीक उपाय।

विस्तार
स्मार्टफोन और IoT डिवाइसेस को कनेक्ट करने वाली ब्लूटूथ तकनीक जितनी सुविधाजनक है, उतनी ही खतरनाक भी साबित हो रही है। साइबर एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि ब्लूटूथ ऑन रखने का मतलब है अपने डिजिटल घर का दरवाजा खुला छोड़ना।
हैकर्स कैसे खाली कर सकते हैं आपका अकाउंट?
ब्लूबगिंग (सबसे घातक):
इस हमले में हैकर आपके फोन का मास्टर बन जाता है। वह आपकी जानकारी के बिना आपके नंबर से कॉल कर सकता है, मैसेज पढ़ सकता है और यहां तक कि आपकी बातचीत सुन भी सकता है।ब्लूस्नार्फिंग (डेटा चोरी):क्या आपको पता है कि कोई आपकी बिना अनुमति के आपके फोटो, कॉन्टैक्ट्स और प्राइवेट मैसेज चोरी कर सकता है? ब्लूसनर्फिंग के जरिए हैकर चुपचाप आपका डेटा निकाल लेते हैं और आपको भनक तक नहीं लगती।ब्लूबोर्न (बिना छुए हैक): यह एक ऐसी खामी है जो अरबों डिवाइसेस को प्रभावित करती है। इसमें हैकर को न तो आपसे कोई कोड चाहिए और न ही पेयरिंग रिक्वेस्ट; वह हवा के जरिए ही आपके सिस्टम में मैलवेयर डाल सकता है।सिर्फ डेटा ही नहीं, डिवाइस भी हो सकता है क्रैश
हैकर्स अब DoS (Denial of Service) अटैक के जरिए आपके डिवाइस को ओवरलोड कर सकते हैं, जिससे आपका फोन बार-बार हैंग होने लगता है या पूरी तरह क्रैश हो जाता है। इसके अलावा, मैन इन द मिडिल (MITM) अटैक के जरिए दो डिवाइस के बीच होने वाली बातचीत या फाइल शेयरिंग को बीच में ही हाईजैक किया जा सकता है।
इन तकनीक से चंद सेकंड्स में हैक हो जाते है पासवर्ड
बाजार में मिलने वाले कई सस्ते ब्लूटूथ गैजेट्स और फिटनेस ट्रैकर्स में सुरक्षा के लिए कमजोर एन्क्रिप्शन या डिफॉल्ट पिन (जैसे 0000 या 1234) का इस्तेमाल होता है। हैकर्स ब्रूट-फोर्स तकनीक से इन्हें चंद सेकंड्स में तोड़ देते हैं।
खुद को ऐसे रखें सेफ
अगर आप ब्लूटूथ का लुत्फ भी उठाना चाहते हैं, और बचना भी चाहते हैं, तो इन स्टेप्स को फॉलों करें...जरूरत खत्म, तो ब्लूटूथ बंद:जैसे ही ईयरबड्स या स्मार्टवॉच का काम खत्म हो, तुरंत ब्लूटूथ ऑफ कर दें। इसे ऑलवेज ऑन मोड पर न रखें।अनजान रिक्वेस्ट को कहें ना:कभी भी किसी अनजान डिवाइस की पेयरिंग रिक्वेस्ट स्वीकार न करें।अपडेट है जरूरी:फोन और गैजेट्स में आने वाले सुरक्षा पैच को कभी इग्नोर न करें। ये अपडेट्स हैकर्स के नए रास्तों को बंद करते हैं।पब्लिक प्लेस में रहें सतर्क: रेलवे स्टेशन, कैफे या मॉल जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में ब्लूटूथ का इस्तेमाल कम से कम करें।ध्यान रहे कि ब्लूटूथ की सामान्यत रेंज 10-30 मीटर होती है, लेकिन हाई-पावर एंटीना की मदद से हैकर्स 100 मीटर की दूरी से भी आपके कमजोर ब्लूटूथ सिग्नल को पकड़ सकते हैं।